जब ‘भ्रष्टाचार’ मंजूर नहीं तो फिर अमित शाह के बेटे पर खामोश क्यों हैं PM मोदी ? देखिये

भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में प्रधानमंत्री मोदी के बयान की काफी चर्चा हो रही है। पीएम मोदी ने कहा था कि, कोई भ्रष्टाचारी नहीं बचेगा, कोई मेरा रिश्तेदार नहीं ! इस बयान की मीडिया ने काफी तारीफ भी की थी। मीडिया ने पहले पेज पर बड़ी-बड़ी हैडिंग के साथ प्रकाशित किया। टीवी औऱ वेबमीडिया ने काफी प्रचारित किया। प्रधानमंत्री का भ्रष्टाचारियों को सीधा-सीधा संदेश था कि, कोई भी भ्रष्टाचार करेगा उसको मांफ नहीं किया जाएगा।

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सरकारी विभागों ने घाटे वाली कंपनी को ठेके औऱ लोन दे दिए। करीब इन आरोपों को 36 घंटे से ज्यादा हो गए हैँ लेकिन पीएम मोदी की कोई टिप्पणी नहीं आई है। आमतौर पर किसान मरे या बच्चे बीजेपी शासित राज्यों में हुई घटनाओं को लेकर पीएम मोदी चुप्पी ही साधे रहते हैं। लेकिन आज बात भ्रष्टाचार की है औऱ वह भी एक रसूखदार नेता के बेटे पर लगे आरोपों की है।

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उसके साथ एक सामान व्यक्ति की तरह बर्ताब होगा। जैसा बर्ताब छोटे भ्रष्टाचारियों के साथ किया जाता है वैसा ही बर्ताब रसूखदार भ्रष्टाचारियों के साथ किया जाएगा। लेकिन बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह पर लगे आरोपों पर प्रधानमंत्री खामोश हैं। दरअसल अमित शाह के बेटे जय शाह पर आरोप लगे है कि, उन्होंने एक साथ में 50 हजार से 80 करोड़ की संपत्ति बना ली। कई कंपनियों ने अपने टर्नओवर से ज्यादा का लोन भी दे दिया।

उनके बयान पर लोग तंज मार रहे हैं। लोगों का कहना है कि, पीएम मोदी जो बोलते हैं वह करते नहीं है। ऐसे तमाम बयान है जिसपर पीएम मोदी का रूख एकदम अलग नजर आया है। अब बात बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की है तो पीछे हटना व चुप रहना ही शायद ठीक रहेगा।

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आपको बता दें कि, 2014 में कांग्रेस को परिवारवाद औऱ दामाद रॉबर्ट वाड्रा को भाजपा ने सत्ता हासिल की है। अब देखना होगा यही मुद्दे जब भाजपा को परेशानी में डालेंगे तो पीएम मोदी क्या करेंगे।

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