बड़ी खबर : भ्रष्टाचार पर अब तक का सबसे बड़ा प्रहार, शहजादे के साथ ये चार मन्त्री भी गिरफ्तार

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भ्रष्टाचार पर हुए अब तक के सबसे कड़े प्रहार से राजनीति में भूचाल आया हुआ है। इस समूचे घटनाक्रम से देश का सियासी और कारोबारी माहौल गरमा गया है। निश्चित है कि इसका असर आसपास के मुल्कों पर भी जरूर पड़ेगा। शनिवार को सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने समाज सुधार की ओर पहल करते हुए भ्रष्टाचार में लिप्त नेशनल गार्ड प्रमुख शहजादे मुतैब बिन अब्दुल्ला को बर्खास्त कर दिया।

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उनके अलावा 11 अन्य शहजादों, चार मंत्रियों तथा कई पूर्व मंत्रियों और अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई देश में भ्रष्टाचार के खिलाफ बनाई गई एक कमेटी के कुछ हि घंटे बाद की गई। इस कमेटी की अगुवाई खुद क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान कर रहे हैं।

गिरफ्तार किए गए लोगों में अरबपति कारोबारी अल-वलीद बिन तलाल भी शामिल हैं। इसके अलावा, कभी तख्त के प्रमुख दावेदार माने गए सऊदी नेशनल गार्ड के प्रमुख, नौसेना प्रमुख और आर्थिक मामलों के मंत्री को भी हटा दिया गया है। इस घटनाक्रम ने समूचे देश को हिला कर रख दिया है। क्राउन प्रिंस की इस कार्रवाई का देश के उलेमा की शीर्ष परिषद ने मजहबी समर्थन देते हुए ट्वीट किया कि भ्रष्टाचार रोधी प्रयास उतने ही अहम हैं जितनी कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई अहम है।

 सऊदी अरब के वरिष्ठ शहजादे भ्रष्टाचार के आरोप में बर्खास्त, कई राजकुमार गिरफ्तार

इससे पहले सितंबर में प्रभावशाली उलेमा और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारियां की गईं और 32 वर्षीय मोहम्मद बिन सलमान ने सत्ता पर अपनी पकड़ को मजबूत किया। विशेषज्ञों का कहना है कि हिरासत में लिए गए ज्यादातर लोग शहजादे मोहम्मद की आक्रामक विदेश नीति की मुखालफत करते हैं जिसमें खाड़ी पड़ोसी कतर का बहिष्कार करना और कई बड़े नीतिगत सुधार शामिल हैं। बड़े नीतिगत सुधारों में सरकारी संपत्ति का निजीकरण करना और सब्सिडी कम करना आदि हैं।

ताजा कार्रवाई में, शहजादे मुतैब बिन अब्दुल्लाह को नेशनल गार्ड के पद से बर्खास्त किया गया है। नेशनल गार्ड आतंरिक सुरक्षा का अहम बल है। उनकी बर्खास्तगी से देश के सुरक्षा संस्थानों पर शहजादे मोहम्मद की पकड़ मजबूत होगी। जून में, मोहम्मद बिन सलमान ने तख्त का उत्तराधिकारी बनने के लिए अपने 58 वर्षीय चचेरे भाई शहजादे मोहम्मद बिन नायफ को किनारे करा दिया था।

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पहले से ही वस्तुत: शासक के तौर पर देखे जा रहे, मोहम्मद बिन सलमान सरकार के सभी अहम हिस्सों पर नियंत्रण कर रहे हैं जिसमें रक्षा से लेकर आर्थिक मामले शामिल हैं। ऐसा देखा जा रहा है कि शहजादे 81 वर्षीय अपने पिता शाह सलमान से औपचारिक तौर पर सत्ता लेने से पहले आतंरिक असंतुष्टों की पहचान कर उन्हें बाहर कर रहे हैं।

सबसे रईस शहजादे: गिरफ्तार किए गए लोगों में अरबपति कारोबारी अल-वलीद बिन तलाल भी शामिल हैं। ये दुनिया के सबसे अमीर कारोबारियों में शुमार होते हैं। वे 19 बिलियन डॉलर के मालिक बताए जाते हैं। ब्लूमबर्ग बिलेनियर के अनुसार वे दुनिया के अमिर लोगों की सूची में 50वें स्थान पर हैं।

बता दें कि सऊदी अरब के नागरिक लंबे अरसे से सरकार में भ्रष्टाचार और सत्ता में बैठे लोगों द्वारा कोष का दुरूपयोग किए जाने की शिकायत करते रहे हैं। 32 वर्षीय वली अहद शहजाहे मोहम्मद बड़ा अंतर्राष्ट्रीय निवेश लाने और कारोबार करने के लिए देश की छवि में सुधार की कोशिश में लगे हुए हैं।

सऊदी अरब के वरिष्ठ शहजादे बर्खास्त, कई राजकुमार गिरफ्तार

यह तेल राजस्व पर निर्भरता से अलग, अर्थव्यवस्था के अन्य रास्ते तैयार करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। शाह ने शहजादे मुतैब बिन अब्दुल्लाह को नेशनल गार्ड के प्रमुख के पद से बर्खास्त किया है। उनके स्थान पर शहजादे खालिद बिन अयाफ अल मुकरीन को नियुक्त किया गया है। उनके पास गार्ड में वरिष्ठ पद था।

उन्होंने पिछले दिनों दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बनाने की घोषणा की थी। प्रिंस की फर्म किंगडम होल्डिग कंपनी ने एक बयान में कहा कि इस इमारत की ऊंचाई एक किलोमीटर, 3 हजार, 281 फीट से अधिक होगी तथा इसके निर्माण में 6.7 अरब डॉलर का खर्च आएगा। इस परियोजना का नाम किंगडम सिटी है. इमारत 2 करोड़, 30 लाख वर्गमीटर में फैली होगी तथा इसमें लक्जरी घर, होटल तथा कार्यालय भी होंगे।

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अल-वलीद के पास दुनिया का सबसे महंगा हवाई जहाज भी है। जिसे लोग उड़ात हुआ महल भी कहते हैं. वे 300 से भी ज्यादा महंगी कारों के मालिक हैं। उनकी एक कार में तो हीरे जड़े हुए हैं और उनकी कीमत 32 करोड़ रुपये से भी ज्यादा बताई जाती है। ख़ास बात यह है कि जितने वे रईस हैं उतने दरियादिल भी। वे अपनी दौलत का बड़ा हिस्सा दान भी करते रहते हैं।

नेशनल गार्ड: सबसे ज्यादा चर्चा नेशनल गार्ड प्रमुख शहजादे मुतैब बिन अब्दुल्ला की बर्खास्तगी को लेकर है। मुतैब बिन को 2015 में सत्ता के बड़े पद का दावेदार माना जा रहा था, लेकिन उससे पहले ही उन्हें सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा दिया। मुतैब के पिता शाह अब्दुल्ला ने करीब 50 साल तक नेशनल गार्ड का नेतृत्व किया था।

उन्होंने ने ही इसे शक्तिशाली बल बनाकर देश के शाही परिवार, मक्का-मदीना के पवित्र स्थलों, तेल व गैस प्रतिष्ठानों की सुरक्षा की जिम्मेदारी दी थी। नेशनल गार्ड में एक लाख से ज्यादा लोगों की फोर्स है। यह कई जगहों पर आर्मी अकादमी तथा अन्य कार्यों में लिप्त है। 2010 में मुतैब बिन को नेशनल गार्ड का कमांडर बनाया गया था, उसके बाद 2013 में उन्हें नेशनल गार्ड का मंत्री नियुक्त किया गया।


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