जानिए क्यों ज़रूरी है First Aid (प्राथमिक चिकित्सा) की जानकारी

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प्राथमिक चिकित्सा (First Aid)

हर व्यक्ति का जीवन और कार्य पर्यावरण से काफी निकटम से सम्बंधित है, मनुष्य ने विभिन्न प्रकार के क्षेत्रों में जैसे औद्योगीकरण, ट्रांसपोर्ट, मशीनीकरण, विज्ञान आदि में प्रगति कर ली है, इसलिए इस युग को इलेक्ट्रॉनिक या अन्तरिक्ष युग भी कहा जाता है। इस युग में मनुष्यो को ऐसे हालत में लाकर खड़ा कर दिया है कभी भी, किसी भी समय दुर्घटना हो सकती है।

इस युग में सुरक्षा उपकरण के विकास होने के बावजूद दुर्घटनाओं की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है, ऐसे दुर्घटनाओं में चोटों का निश्चित समय नहीं रहता ऐसी दुर्घटनाएं खासकर उद्योगों में, खेतो में, वाहनों आदि से व्यक्ति घायल हो सकता है, इस समय अगर व्यक्ति को तत्काल चिकित्सा की सुविधा नहीं मिलती तो व्यक्ति की आकस्मिक मृत्यु भी हो जाती है लेकिन अब कुछ वर्षो से घायल व्यक्ति को उसी स्थान पर चिकित्सा दी जाती है, जिसे प्राथमिक चिकित्सा कहा जाता है। प्राथमिक चिकित्सा डॉक्टर के आने से पहले या अस्पताल ले जाते समय दिया जाता है। प्राथमिक चिकित्सा का अभ्यास किसी भी घायल व्यक्ति को सहायता प्रदान करने या जान बचाने में मददगार साबित हो सकता है।

किसी भी बीमारी,चोट,या दुर्घटना के लिये चिकित्सक या ऐम्बुलेंस आने से पहले जो राहतकार्य ,उपचार या treatment किया जाता है ,उसे First Aid कहते हैं।इस उपचार के दौरान उपयोग मे आने वाले साधनो के संग्रह को First Aid Kit कहते हैं।

 First Aid के 3 उद्देश्य होते हैं:-

(1)Preserving life यानि जीवन संरक्षण। प्राथमिक उपचार का मुख्य उद्देश्य है मरीज़/बीमार/घायल व्यक्ति के जीवन की रक्षा करना।

 (2)Preventing further harm जिसका अर्थ है स्थिति को अधिक खराब होने से बचाना। इसके लिये बाहरी और आंतरिक स्थिति को नियंत्रण मे रखना आवश्यक है। इसलिये बाहरी तौर पर मरीज़/घायल को उसके कष्ट या पीडा के कारण या वजह से (विशेषतः दुर्घटना/natural disaster की स्थिति मे) दूर ले जाया जाये और आंतरिक तौर पर उसकी शारिरिक और मानसिक अवस्था को बिगडने से  बचाया जाये।

(3)Promoting recovery अर्थात रोग-मुक्त होने मे सहायता करना। रोगी को दवाई और मरहम-पट्टी दे कर उसे निरोगी और पूर्णतः स्वस्थ करना First Aid का अंतिम उद्देश्य है।

प्राथमिक उपचार शुरु करने पर सबसे पहले मरीज़/घायल की जाँच के लिये 3 चीज़ो को अहमियत दी जाती है जिसे संक्षेप मे फर्स्ट एड की ABC के नाम से जाना जाता है।यह है :

A – Airway। Airway फर्स्ट ऐड के प्रथम उद्देश्य अर्थात जीवन की रक्षा से सम्बन्धित है।किसी  के प्राणो को बचाने के लिये यह निश्चित करना ज़रूरी है कि उसके वायुमार्ग मे कोइ अवरोध न हो।

B –Breathing। वायुमार्ग जाँचने के बाद यह देखना चाहिये कि मरीज़/घायल सचेत अवस्था मे हो और उसे साँस लेने मे कोइ तकलीफ न हो।

C-Circulation। अंत मे यह देखा जाता है कि मरीज़/घायल का blood circulation हो रहा है या नहीं, जिसके लिये उसकी नाडी(pulse rate) का निरक्षण किया जाता है।

ABC की जाँच के बाद 3 B’s Breathing, Bleeding, Bones पर ध्यान दिया जाता है और फिर स्थिति के अनुसार उपचार किया जाता है।

Fractures, bone dislocation, poisoning, cuts and wounds, burns, bleeding, heat stroke, cold wave, choking, animal and insect bites, muscle strain यानि हड्डियो के टूटने/खिसकने पर, जलने पर, शरीर मे ज़हरीले तत्व जाने पर, कटने या छिलने पर, किसी जीव-जंतु के काटने पर फर्स्ट ऐड दिया जाता है। ऐसी किसी भी अवस्था, दुर्घटना, बीमारी या आपातकालीन स्थिति से उबरने के लिये एक फर्स्ट ऐड किट रखना अत्यन्त आवश्यक है। ऐसे मे आप के पास फर्स्ट ऐड किट है तो आप उस दुर्घटना/बीमारी से तुरंत निजात पा सकते हैं।

First Aid Kit मे क्या-क्या साधन रखने है यह इस्तेमाल करने वाले के ज्ञान् और अनुभव पर निर्भर  करता है।सामान्यतः किट मे निम्नलिखित supplies/equipment/साधन रखे जाते हैं।

हर साईज़ के 2-3 बैंडॆड (Band-Aid)

रूई

छोटी कैंची अओर चिमटी

प्लास्टिक/रब्बर के दस्ताने (gloves)

Gauze square

Antiseptic lotion like savlon or dettol

Safety pins

Thermometer

Surgical tape

Antibacterial ointment

Eye-pad

Sterile eyewash

ORS (oral rehydration salt)/electral/glucose powder

Aloe Vera gel (for burns)

सिरदर्द, बुखार, पेट दर्द, उल्टी, सर्दी–खाँसी, दर्द निवारक – calpol, avomine, paracetamol, aspirin, crocin, जैसी सामान्य दवाईयाँ ।

इन सभी सामग्रीयो को एक साफ, स्वच्छ , मज़बूत और waterproof  डब्बे मे रखे।First Aid Kit पर लाल टेप या रंग से  red cross का निशान बनाये ताकि आपका किट अन्य सामान/डब्बो मे से आसानी से पहचाना जा सके।किट के उपर अपने family doctor and ambulance का नाम और नम्बर अवश्य लिखे।हर 6 महीने मे दवाईयो और अन्य सामानो की expiry date की जाँच करते रहे और आवश्यक्तानुसार बदलते रहे।

प्राथमिक चिकित्सा के उद्देश्य

घायल व्यक्ति के जीवन को बचाना सबसे पहला और महत्वपूर्ण उद्देश्य है, प्राथमिक चिकित्सा के माध्यम से किसी भी घायल व्यक्ति के जीवन को बचाना हर संभव प्रयास कर सकता है जैसे व्यक्ति को ऐसी जगह ले जाना चाहिए जहाँ खुला हवा आता हो जिससे उसे सांस लेने में कठिनाई न हो।

दूसरा महत्वपूर्ण उद्देश्य घायल व्यक्ति का दर्द कम करना क्योकि दर्द होना स्वाभाविक है।

जब तक घायल व्यक्ति को डॉक्टर की सहायता नहीं मिल जाती तब तक स्थिति को ख़राब होने से रोकने के लिए प्राथमिक उपचार शुरू कर दिया जाता है जिससे व्यक्ति को पहले से बेहतर में हो जाये।

प्राथमिक चिकित्सा ऐसे होनी चाहिए की ठीक होने की प्रक्रिया वही से शुरू हो जाये।

इसका प्रमुख उद्देश्य शुरूआती चिकित्सा सहायता को जल्द-से-जल्द प्रदान करना है, कही-कही ऐसी स्थितियां भी आ जाती है की प्राथमिक चिकित्सा से ज्यादा चिकित्सा सहायता की जरुरत होती है लेकिन चिकित्सा सहायता की अनुपस्थिति में प्राथमिक चिकित्सा पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।

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