जानिए क्या है कैंसर ,इसके लक्षण ,कारण व बचाव के तरीके

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कैंसर एक बड़ी बीमारी है और इस के लक्षण को शुरूआती स्टेज में पकड़ना जरुरी है अगर कैंसर के लक्षण यह लक्षण को पकड़ लिया लिया जाये तो इलाज संभव है. कैंसर एक ऐसी बीमारी है जो एक बार किसी को हो जाए तो उसकी जान भी ले सकती है। कैंसर बहुत से प्रकार के होते है और हर कैंसर के अलग अलग लक्षण दिखाई देते है, इसलिए समय रहते अगर लक्षण को पहचान कर उसका इलाज कराया जाए तो कैंसर जैसे खतरनाक बीमारी से छुटकारा पाया जा सकता है। निचे आपको इंसान में पाए जाने वाले कैंसर और उसके लक्ष्ण को बताया गया है।

कैंसर के लक्षण

पूरी दुनिया में काफी लोग कैंसर से पीड़ित है और साइंटिस्ट इसके ऊपर रिसर्च कर रहे है ताकि परमानेंट इलाज खोजा जा सके. वैसे अगर कैंसर के लक्षण को सुरुवाती स्टेज में पकड़ लिया जाए तो इसका ट्रीटमेंट उपलब्ध है. आइये जानते है कौन से 10 बड़े कैंसर है और उनका लक्षण विस्तार में :

उपचार

कैंसर के किसी भी रूप का उपचार इस बात पर निर्भर है कि यह दूर अंगों में फैल गया है या नहीं। यदि कैंसर अन्य ऊतकों और अंगों में फैलता है, तो यह रोगी की जीवित रहने की संभावना को कम कर सकता है। मेटास्टैटिक कैंसर के लिए कई प्रभावी उपचार हैं। ये उपचार तीन मुख्य प्रकारों में आते हैं: – पूरे शरीर के उपचार – इसमें कीमोथेरेपी या एंटी-कैंसर दवा शामिल है जो शरीर और रेडिएशन चिकित्सा के सभी स्थानों तक पहुंच सकती है। अकेले माध्यमिक ट्यूमर के लिए स्थानीय उपचार – इसमें स्थानीयकृत शल्य चिकित्सा और ट्यूमर को हटाने या अकेले माध्यमिक ट्यूमर पर स्थानीयकृत रेडिएशन थेरेपी। – दर्द राहत – इस चिकित्सा को पैलेएटिव थेरेपी भी कहा जाता है और मेटास्टेसिस के उन्नत मामलों के लिए आरक्षित है।

मुंह का कैंसर

माउथ कैंसर को ओरल कैंसर भी कहा जाता है। ये बीमारी आमतौर पर उन लोगो में पाई जाती है जो लोग जरुरत से ज्यादा गुटका खाते है या फिर ज्यादा सिगरेट पीते है। इस बीमारी के लक्षण कुछ इस प्रकार नजर आते है:-

माउथ कैंसर में सबसे पहले मुंह में छाले हो जाते है साथ ही साथ मुंह के अन्दर पूरा सुजन भी हो जाता है जो की आम छाला या सुजन की तरह जल्दी ठीक नहीं होता।

मुंह के भीतरी हिस्से में जहाँ तहां छोटे छोटे गांठ बनने लगते है ।

थूक घोटने में या फिर खाना,पानी निगलने समय गले में बहुत तकलीफ होता है।

फेफड़े में कैंसर

आमतौर पर ये बीमारी उनमें पाई जाती है जो लोग ज्यादा ध्रूमपान करते है या फिर ज्यादा से ज्यादा धूल व प्रदुषण से प्रभावित होते है ।

lung cancer के मरीज में जब फेफड़ों में ट्यूमर फैलने लगती है तो मरीज को ह्रदय में अक्सर दर्द होता है साथ ही उसे सांस लेने में भी तकलीफ होती है जिसके वजह से उसे घुटन महसूस होने लगती है जो की lung cancer का लक्षण है।

अगर खांसने समय मुंह से खून निकले से ये भी lung cancer का ही लक्षण होता है ।

स्तन कैंसर

आमतौर पर ये कैंसर महिलाओं में पाई जाती है जो की सही समय पर ना पता चले तो बहुत ही खतरनाक साबित हो सकता है । इसके लक्षण है :

स्तन(breast) में दर्द व सुजन का होना।

स्तन में गांठ का हो जाना ।

स्तन में किसी भी तरह का परिवर्तन होना या फिर निप्पल से खून आना भी स्तन कैंसर का लक्षण हो सकता है ।

स्तन कैंसर का इलाज इस विडियो में देखिये >>

हड्डियों में कैंसर

हड्डियों में कैंसर का होना भी बहुत खरतनाक साबित हो सकता है इसलिए हड्डियों से जुड़ी कोई भी समस्या हो तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करे। bone cancer को पहचानने का तरीका है:-

अक्सर पीठ व कंधो के हड्डियों में दर्द रहना bone cancer का लक्षण हो सकता है ।

bone cancer में कांधे में ट्यूमर हो जाने की वजह से मरीज को अक्सर पीठ में दर्द की वजह से बुखार व पसीना आ जाता है।

स्किन कैंसर

skin cancer किसी को भी हो सकता है। ज्यादातर ये बीमारी उन लोगों को होने की संभावना होती है जो लोग धुप में ज्यादा रहते है। skin cancer तीन तरह के होते है पहला बेसल सेल कार्सिनोमा(BCC), स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा(SCC) और तीसरा मेलानोमा। skin cancer के लक्षण होते है :-

skin पर छोटे छोटे गांठ का पर जाना साथ ही लाल रंग के धब्बे का होना।

skin का रंग बदलना और बहुत खुजली होना।

skin पर अनावश्यक मस्से का निकलना आदि skin कैंसर के लक्षण होते है।

ब्लड कैंसर

Blood कैंसर तीन प्रकार के होते है पहला लयूकेमिया(leukemia), दूसरा लिंफोमा(lymphoma), और तीसरा मायलोमा (myeloma)। इसके लक्षण कुछ इस प्रकार दिखाई देते है :-

एनीमिया(anemia) का होना, कमजोरी लगना, ज्यादा थकान महसुस होना।

सीने में दर्द का होना, सांस लेने में तकलीफ होना ।

किसी भी प्रकार का इन्फेक्शन होने पर जल्दी ठीक न होना ।

lymph नोदेस में सुजन का हो जाना आदि blood कैंसर के लक्षण होते है ।

पेट में कैंसर

पेट में cancer ज्यादातर 50 से 60 उम्र के बाद ही होने की संभावना रहती है । ये कैंसर ज्यादातर उनलोगों में पाई जाती है जो लोग कम उम्र से ही ज्यादा शराब व सिगरेट का सेवन करते है । इसके लक्षण है :-

पेट में हमेशा दर्द रहना ।

कमजोरी व बहुत जल्दी थकान लगना।

एनीमिया का सिकायत होना ।

तेजी से वजन कम होना आदि ।

दिमाग में कैंसर

इसके मरीज को दिमाद में ट्यूमर हो जाता हो जो की धीरे धीरे बढ़ते जाता है। परिवार में एक भी सदस्य को अगर brain ट्यूमर है तो वो आपको भी हो सकता है। brain ट्यूमर को पहचानने का इसका लक्षण है :-

हमेशा सर में दर्द व उल्टी होना ।

बार बार चक्कर आना ।

धुंधला दिखना ।

दिमाग में गांठ होना साथ ही यादास्त कमजोर होना आदि ।

लीवर कैंसर

liver में कैंसर के लक्षण होते है :-

कफ़ (cough) होने पर जल्दी ठीक न होना ।

सीने में हमेशा दर्द रहना ।

किसी भी काम को करने में जल्दी थकना और कमजोरी लगना।

गर्भाशय कैंसर

प्रेगनेंसी के दवरान गर्भाशय(uterus) में किसी भी तरह का घाव हो जाने से अगर वो जल्दी ठीक ना हो रहा हो तो कैंसर होने की संभावना बढ़ जाती है। ज्यादातर ये समस्या 40 से 45 उम्र के बाद ही होने की संभावना रहती है। पैरों व कमर में अक्सर दर्द रहना इसके लक्षण माने जाते हैं।

कैंसर के बचाव

अनुवांशिक रुप से जुड़े हुए कैंसर के इतिहास के साथ किसी दूसरों में कैंसर विकसित होने से रोकना मुमकिन नहीं है क्योंकि उनके जेनेटिक रूप में बदलाव करना संभव नहीं है हालाकी कुछ व्यक्ति जिनके पास अनुवांशिक रुप से कैंसर से जुड़े कारण होने की उच्च संभावना है कैंसर के विकास को रोकने के लिए प्रयास कर रहे हैं

उदाहरण के लिए कुछ युवा महिलाएं जो स्तन कैंसर का विकास होने की संभावना से ग्रस्त हैं उन्होंने स्तन कैंसर का विकास होने की संभावना को कम करने या समाप्त करने के लिए उनके स्तन के ऊतकों को निकालने के लिए चुना है कुछ डॉक्टर इसे कैंसर को रोकने का अच्छा उपाय मानते हैं जबकि अन्य इसे नकार देते हैं

कैंसर का प्रारंभिक चरण में परीक्षण और स्क्रीनिंग के द्वारा पता लगाया जाना सबसे अच्छा उपाय माना जाता है कैंसर से बचने का क्योंकि इस समय कैंसर के कारण के साथ संभावित इलाज होने की संभावना सर्वाधिक होती है ऐसे स्क्रीनिंग अध्ययन में स्तन परीक्षण, वृषण परीक्षण, कोलन रेक्टल परीक्षण,कोलोनोस्कोपी मैमोग्राफी, कुछ रक्त परीक्षण, प्रोटेस्ट परीक्षण, मूत्र परीक्षण और अन्य प्रकार के परीक्षण शामिल होते हैं

जिन लोगों को संदेह है कि उन्हें कैंसर हो सकता है उन्हें जल्दी से अपने चिकित्सक से इस बारे में चर्चा करनी चाहिए ताकि वह अपने लक्षणों को पहचान सके और कैंसर होने पर उचित उपचार ले सकें और इस अनजान खतरे से बच सकें|

कैंसर का आयुर्वेदिक इलाज >>

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