क्या आपको भी नहीं आती रात में नींद? जानें इसकी सही वजह

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हम में से कई लोग ऐसे हैं जो रातभर बिस्तर पर करवटें बदलते रह जाते हैं. तमाम कोशिशों के बाद भी ठीक से सो नहीं पाते हैं. हाल ही में हुई एक स्टडी की रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि की गई है.

हालांकि, ये कहा जाता है कि हर शख्स में नींद ना आने की वजह एक दूसरे से काफी अलग होती है. लेकिन हालिया स्टडी की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सही मात्रा में पानी ना पीने की वजह से लोगों को ठीक से नींद नहीं आती है.

पेन्सिलवेनिया की पेन स्टेट यूनिवर्सिटी में हुई स्टडी की रिपोर्ट में बताया गया है कि जो लोग रात में सिर्फ 6 घंटे की नींद लेते हैं, वो उन लोगों के मुकाबले ज्यादा डीहाइड्रेटेड होते हैं , जो रोजाना 8 घंटे की नींद लेते हैं.

‘स्लीप’ जर्नल में प्रकाशित इस स्टडी की रिपोर्ट में 20,000 लोगों को शामिल किया गया है. स्टडी के दौरान लोगों की सोने की आदतों की जांच की गई.

शोधकर्ताओं ने पाया कि सोने की क्वालिटी और हाइड्रेशन का संबंध शरीर में मौजूद वेसोप्रेसिन हार्मोन से है. शोधकर्ताओं ने बताया कि अगर आपको रात में ठीक से नींद नहीं आती है तो ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं.

डीहाइड्रेशन होने से शरीर पर बुरा असर पड़ता है. इसलिए दिनभर में ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं और चाय, कॉफी का कम से कम सेवन करें.

अनिद्रा के कारण

नींद न आने की समस्या (अनिद्रा) के उपचार के लिए, इसके पीछे के कारणों को जानना और उनका इलाज करना महत्वपूर्ण है। यह जीवन की घटनाओं, तनाव और बुरी आदतों के कारण हो सकती है जो आपके सोने के तरीके को प्रभावित करते हैं।

तनाव- परिवार की वित्तीय स्थिति, स्वास्थ्य, विद्यालय और काम के बारे में चिंता करना, अगर आप थक गए हों तो हमारा मन भी सक्रिय हो सकता है। जिससे सोना बहुत कठिन हो जाता है आघात या जीवन की घटनाओं जैसे नौकरी छूट जाना, तलाक, बीमारी या किसी प्रिय की मौत के कारण अनिद्रा हो सकता है

कार्य या यात्रा कार्यक्रम- काम की शिफ्ट का बार बार बदलते रहना, लेट शिफ्ट तक काम करते रहना,अलग-अलग समय क्षेत्रों में यात्रा करने से आपके शरीर का नींद चक्र बाधित हो सकता है और अनिद्रा को जन्म दे सकता है।

अस्वस्थ नींद की आदतें- नींद की आदतें जैसे कि सोने से पहले खाना, बहुत ज्यादा टेलीविजन देखना, काम के दौरान अपने बिस्तर का उपयोग करना, सोने का वातावरण सही ना होना, सोने से पहले उत्तेजनाओं वाले कम करना, अनियमित सोने के समय अनिद्रा पैदा कर सकता है।

मानसिक समस्याएं– जैसे पोस्ट ट्रामाटिक तनाव विकार या चिंता विकार जैसे विकार भी अनिद्रा को गति प्रदान कर सकते हैं।

अल्कोहल और नशीले पदार्थ- शराब, कैफ़ीन, निकोटीन और नशीले पदार्थों का सेवन भी अनिद्रा का कारण बन सकते हैं। कैफीन नींद में जाने की आपकी क्षमता को सीमित करता है जबकि शराब और अन्य नशे नींद में खलल डालते हैं और बार बार नींद टूटती है।

नींद का कमज़ोर रुटीन और आसपास का माहौल- लंबे समय तक अनियमित नींद स्वस्थायवर्धक नहीं हैं और अनिद्रा रोग का कारण बन सकती है। असुविधाजनक माहौल में सोने से भी नींद की गुणवत्ता पर असर पड़ता है जैसे तेज़ रोशनी या शोरशराबे में।

जीवन से जुड़ी घटनाएं- अगर आप रात की पाली में काम करते हैं या अलग टाइम ज़ोन में आपका तबादला हो जाता है तो आपका शरीर इस बदलाव से तारतम्य नहीं बैठा पाता और आपको नींद लेने में दिक्कत आ सकती है।

बुढ़ापा- जैसे जैसे लोग उम्रदराज़ होते हैं, उन्हें अनिद्रा रोग की शिकायत होने लगती है। दिन में जल्दी थक जाने से नींद के पैटर्न बदल सकते हैं। शारीरिक गतिविधि में कमी भी नींद की गुणवत्ता पर असर डालती है। उम्र बढ़ने के साथ आपको अन्य तक़लीफें भी घेर सकती हैं जो आपकी नींद को बाधित कर सकती हैं।

अनिद्रा रोग से बचने के तरीके 

अनिद्रा से बचाव इस बात पर निर्भर करता है, मरीज किस प्रकार से अपने आप को आराम दे सकता है। कुछ सामान्य बदलाव हर उम्र के अनिद्रा के मरीज़ों के लिए लाभदायक होते हैं।

सोते हुए अपने आप को रिलेक्स छोड़ दें इससे आपको तनाव से आराम मिलता है और जल्दी नींद आती है।

अपने सोने के कमरे का वातावरण साफ रखे कमरे में जादा वस्तुओं को न रखे।

सोने से दो घंटे पहले भोजन कर लें।

इनसोमनिया से बचने के लिए मोबाइल और इन्टरनेट का इस्तेमाल सोने से पहले ना करें।

हलकी नीली लाइट में जल्दी नींद आती है, इसका उपयोग आप अपने सोने वाले कमरे में कर सकते है।

अनिद्रा रोग के अचूक घरेलू इलाज

एक गिलास हरी इलाइची वाले गर्म दूध का सेवन सोने से पहले अत्यंत सहायक है

एक चम्मच मुलेठी का पाउडर 1 गिलास दूध के साथ प्रातः काल सेवन करना चाहिए

तीन ग्राम पुदीने के पत्ते लेकर 1 कप पानी में 15-20 मिनट तक उबालें। रात्रि को सोने से पहले एक चम्मच शहद के साथ कुनकुने होने पर सेवन करें

सोने से पहले नारियल या सरसों तेल से पैरों और पिंडलियों में मालिश करना अत्यंत लाभकर है

एक चम्मच ब्राहमी और अश्वगंधा का पाउडर 2 कप पानी आधा रह जाने तक उबालें। रोज़ सुबह इसका सेवन करना लाभदायक है

कटे हुए केले पर पीसा हुआ ज़ीरा डाल कर प्रति रात्रि शयन से पूर्व खाना भी नींद लाने में सहायक है

ताज़े फलों और सब्जियों का सेवन, छिलकासहित पिसे हुए अन्न, छिलका सहित दालें, दुग्ध एवं मीठे खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए

अश्वगंधा और सर्पगंधा बराबर मात्रा में पीस कर इसका चूर्ण बना ले। रात को सोने से पूर्व चार से पांच ग्राम चूर्ण 1 गिलास पानी के साथ ले। इस आयुर्वेदिक दवा से आपको अच्छी और गहरी नींद मिलेगी।

गर्म दूध पीने से आरामदायक अहसास मिलता है क्योंकि दूध में ट्रिप्टोफेन (Tryptophan) नामक यौगिक होता है जो एक प्राकृतिक निद्राकारक है। हल्के गर्म दूध के छोटे गिलास में एक चुटकी दालचीनी डालकर पीने से अच्छी नींद आती है

एक कप दूध में एक चम्मच तुलसी का रस डालकर पीने से अच्छी नींद आती है|

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