ये देशी टमाटर बच्चो के लिए सबसे फायदेमंद है, जानिए इसके लाभकारी गुण

420

नमस्कार दोस्तों, आपका राजीव दीक्षित जी की वेबसाइट में एक बार फिर से स्वागत है. यहाँ आपको राजीव जी के बताये हुए हर प्रकार के घरेलू नुस्खे एवं औषधियां मिलेंगी, जिन्हें अपनाने से आपको बहुत से लाभ प्राप्त होंगे. आपके स्वयंपाक घर में जो भाजी (सब्जी) आती है उसमें एक ऐसी ही भाजी है जिसका नाम है टमाटर.

आजकल मार्किट में जो टमाटर आ रहा है, वो कुछ काम का नही है. आजकल जो टमाटर आ रहा है वो बड़ा होता है, जो की दिखने में भले बड़ा होता है लेकिन एकदम कड़क रहता है जो ज्यादा उपयोगी नही है. लेकिन अगर बात देसी टमाटर की करें तो, देसी टमाटर बहुत ही उत्तम औषधि है खास करके जिन्हें शुगर की बीमारी हो, उनके लिए देसी टमाटर बहुत लाभदायी है. देशी टमाटर हार्ड नहीं होता, थोडा मुलायम होता है. और उसका साइज़ छोटा होता है.

शुगर से पीड़ित लोगो को जितना ज्यादा हो सके टमाटर का सेवन करना चाहिए. वह टमाटर का सूप बना कर पी सकते है, टमाटर का उपयोग सलाद में कर सकते है या इसे ही काट कर खा सकते है. जितना ज्यादा वह टमाटर खायेंगे उतना ज्यादा जल्दी वह ठीक हो पाएंगे. लेकिन ध्यान रखिये कि टमाटर देसी ही होना चाहिए तभी ये असर करेगा. अगर आपके पास थोड़ी शेती (खेती) है तो आप उसमें देसी टमाटर जरूर लगाइए. देसी टमाटर बच्चों के लिए भी बेहद फायदेमंद है. जिन बच्चो की आँखों की रोशनी बचपन में ही कम हो जाये, उन सभी को टमाटर में काली मिर्च का पाउडर डाल कर लगभग चार महीने क लिए रोज़ खिलाएं. ऐसा करने से बच्चो की आँखों की रोशनी ठीक हो जाएगी और चार महीनों में ही उनका चश्मा उतर जायेगा.

टमाटर में कैल्शियम अन्य फल-सब्जियों की तुलना में ज्यादा पाया जाता है। कैल्शियम हडि्डयों को मजबूत बनाता है। दांतों एव हडि्डयों की कमजोरी दूर करने के लिए टमाटर का सेवन बहुत उपयोगी है। टमाटर में लोहा तत्व बहुत ज्यादा मात्रा में पाया जाता है । गर्भावस्था के दौरान लौह तत्व की प्रतिदिन आवश्यकता होती है। टमाटर में लौह तत्व अंडे की तुलना में 5 गुना अधिक होता है। 1 गिलास टमाटर का रस पीने से रक्तहीनता दूर होकर खून की वृद्धि होती है।

टमाटर का एक और सदुपयोग है उन बच्चों के लिए, जो रोज़ रोज़ संडास नही जाते, एक दो दिन छोड़ कर जाते हैं. उन बच्चों को देसी टमाटर का रस देना शुरू कर दीजिए, जूस देना शुरु कर दीजिए, सूप देना शुरु कर दीजिए. ऐसा करने से रोज उनका पेट साफ होने लगेगा और बराबर समय से उनको संडास होने लगेगी.

टमाटर रक्तवर्धक है, रक्तशोधक है. अगर आपके रक्त में हीमोग्लोबिन कम हो गया हो तो, टमाटर खाएं क्योंकि टमाटर खाने से हिमोग्लोबिन बनता है, और रक्त की मात्रा बढती है. लगातार चार महीने तक टमाटर खाने से रक्त शोधन ठीक हो जाता है. कोलेस्ट्रोल की मात्र को सही से बनाये रखने के लिए चार महीने तक नियमत रूप से प्लेट भर टमाटर खाये.

प्रकृति का एक नियम है कि पेड़ फल को तब तक अपने आप में थाम कर रखता है, जब तक उसको उस फल की जरूरत होती है, जैसे ही फल की जरूरत कम होती वह उसका साथ छोड़ कर उसको निचे गिरा देता है. प्रकाश शंशालेषण की क्रिया में आपने ये पढ़ा भी होगा. नीचे गिरने के बाद वह फल हमारे काम का होता है. टमाटर जब तक हरा है तब तक ही पेड़ की जरूरत बनता है क्योंकि वह उस पेड़ को तब तक ही भोजन दे सकता है जब वह हरा नहीं है तो पेड़ के लिए फायदेमंद नही रहता. फिर वो हमारे काम का होता है.

विभिन्न रोगों में उपचार (Treatment of various diseases)

कब्ज : कब्ज की बीमारी से छुटकारा पाने के लिए प्रतिदिन लगभग 50 ग्राम टमाटर खाने से लाभ मिलता है। कच्चा टमाटर सुबह और शाम खाने से कब्ज की समस्या दूर होती है। टमाटर खाने से कब्ज खत्म होती है और आमाशय व आंतों की सफाई करता है। टमाटर के रस में थोड़ा-सा सेंधानमक मिलाकर रोजाना खाने से गैस नहीं बनती है और कब्ज दूर हो जाती है। पक्के टमाटर का रस एक कप पानी में मिलाकर पीने से पुरानी से पुरानी कब्ज़ दूर होती है और आंतों को ताकत भी मिलती है।

पाचन शक्ति में सुधार : टमाटर को लगातार खाने से कब्ज नहीं होती है और दस्त साफ होता है। यह आंखों के जख्म को दूर करता है। टमाटर बड़ी आंतों को ताकत देता है। पाचनशक्ति को ठीक करता है। टमाटर आमाशय के जहर को बाहर निकालकर उसके रोग को दूर करता है।

शक्तिवर्धक (ताकत को बढ़ाने वाला) : सुबह के समय नाश्ते में एक गिलास टमाटर के रस में थोड़ा शहद मिलाकर पीने से चेहरा टमाटर की तरह लाल हो जाता है। इसके सेवन से याददाश्त बढ़ती है। टमाटर लीवर तथा फेफड़ों को मजबूती प्रदान करती है।

शिशु शक्तिवर्धक ( शिशु की ताकत को बढ़ाने के लिए) : बच्चों की माताओं को टमाटर का सेवन करना चाहिए और अपने बच्चों को भी रोज टमाटर का रस पिलायें। इससे बच्चों के शरीर का विकास अच्छा होता है। पाचन शक्ति अच्छी रहती है और दांत भी आसानी से निकल जाते हैं। इसके अलावा शरीर की सुस्ती, पेट के अतिसार (दस्त), पीलिया तथा पेट के रोग आदि में टमाटर लाभदायक है।

अण्डुक पुच्छशोथ : 100 ग्राम लाल टमाटर पर सेंधानमक और अदरक मिलाकर भोजन से पहले सेवन करने से लाभ मिलता है।

कृमिनाशक (पेट के कीड़े) : लाल टमाटर को काटकर उसमें नमक तथा कालीमिर्च का चूर्ण मिलाकर खाने से पेट के कीड़े मरकर गुदामार्ग से बाहर निकल जाते हैं। टमाटर के रस में हींग मिलाकर पीने से पेट के कीड़े मर जाते हैं।

विडियो में देखिए देशी टमाटर की पहचान >>