जानिए छोटी सी इलायची के बड़े बड़े फायदे,नपुंसकता को दूर करे

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इलायची दिखने में जितनी छोटी होती है उससे कही गुना ज्यादा बड़ी वो अपने गुणों में होती है l इलायची न केवल खाने को स्वाद बनाने के काम आती बल्कि ये एक औषधि के रूप में भी इस्तेमाल की जाती है l इलायची हर भारतीय के घर पर मिल जाती है l इलायची के स्वास्थ्य के लिए बहुत सारे फायदे होते हैं l छोटी इलायची को खुशबू व स्वाद के लिए इस्तेमाल किया जाता है l आज हम आपको छोटी इलायची खाकर गर्म पानी पीने का फायदा बता रहे हैं l

अगर हम रात को सोने से पहले दो इलायची को गर्म पानी के साथ खाते हैं तो जानिए हमे क्या-क्या लाभ होते हैं और इसके इस्तेमाल के दौरान हमें किन बातों का ध्यान रखना चाहिए l सबसे पहले बात करते हैं छोटी इलायची के फायदों कीl

गुण (Property) – छोटी इलायची कफ, खांसी, श्वास, बवासीर और मूत्रकृच्छ नाशक है। यह मन को प्रसन्न करती है। घाव को शुद्ध करती है। हृदय और गले की मलीनता को दूर करती है। हृदय को बलवान बनाती है। मानसिक उन्माद, उल्टी और जीमिचलाना को दूर करती है। मुंह की दुर्गन्ध को दूर करके सुगन्धित करती है और पथरी को तोड़ती है। बड़ी इलायची के गुण भी छोटी इलायची के गुण के समान होते हैं। पीलिया, बदहजमी, मूत्रविकार, सीने में जलन, पेट दर्द, उबकाई, हिचकी, दमा, पथरी और जोड़ों के दर्द में इलायची का सेवन लाभकारी होता है।

अगर हम दो इलायची खाकर गर्म पानी पीते हैं तो हमें कब्ज़ नहीं रहती l ऐसा करने से हमारी पाचन शक्ति ठीक होती है और पाचन क्रिया ठीक होने के कारण पुरानी से पुरानी कब्ज़ की समस्या भी ठीक हो जाती है l अगर आप भी कब्ज़ से परेशान हैं तो रोज रात को दो इलायची गर्म पानी के साथ जरुर खाएं l

छोटी इलायची खाने से वीर्य गढ़ा होता है l रात को सोने से पहले दो इलायची गर्म पानी के साथ खाने से जिस व्यक्ति का वीर्य पतला होता है उसका वीर्य पुष्ट होकर गढ़ा हो जाता है और सभी तरह के वीर्य विकार नष्ट हो जाते हैं l किल मुहासोंको ठीक करने के लिए भी ये नुस्खा बहुत ही लाभदायक है l बालों के झड़ने की समस्या को भी कम करता है ये नुस्खा l जिन लोगों के बाल झाड़ते हैं वो लोग इस नुस्खे को अपना सकते हैं l

विभिन्न रोगों में उपचार (Treatment of various diseases)

यदि गले में खराश है या आवाज़ बैठी हुई है तो सुबह उठने के बाद और रात को सोने से पहले इलायची चबाकर खाएं और गुनगुना पानी पिएं.

यदि गले में सूजन है तो मूली के पानी में इलायची पीसकर पिएं, फ़ायदा होगा.

यदि सर्दी-खांसी हैं और छींक आ रही है तो एक छोटी इलायची, एक टुकड़ा अदरक, लौंग व पांच तुलसी के पत्ते पान में रखकर खाएं, सर्दी-खांसी से  राहत मिलेगी.

इलायची का पेस्ट बनाकर माथे पर लगाने से सिरदर्द से राहत मिलती है.

धूप में जाते समय मुंह में इलायची रखें, ये आपको लू से बचाएगा.

इलायची और कालीमिर्च को घी में मिलाकर खाने से पाचन संबंधी समस्या दूर होती है.

सर्दी के मौसम में नहाने के बाद बेबी ऑयल में इलायची और दालचीनी पाउडर मिलाकर मसाज करें, त्वचा में निखार आ जाएगा.

सुगंधित होने के कारण इलायची और इसके तेल का इस्तेमाल कई कॉस्मेटिक्स जैसे- परफ्यूम, साबुन, पाउडर, बॉडी वॉश आदि में भी किया जाता  है.

इलायची में एंटीऑक्सीडेंट होता है, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ चेहरे की चमक भी बढ़ाता है. इससे जल्दी झुर्रियां भी नहीं पड़ती.

स्वप्नदोष: आंवले के रस में इलायची के दाने और ईसबगोल को बराबर मात्रा में मिलाकर 1-1 चम्मच की मात्रा में सुबह-शाम सेवन करने से स्वप्नदोष में लाभ होता है।

आंखों में जलन होने अथवा धुंधला दिखने पर : इलायची के दाने और शक्कर बराबर मात्रा में लेकर पीस लें। फिर इसके 4 ग्राम चूर्ण में एरंड का चूर्ण डालकर सेवन करें। इससे मस्तिष्क और आंखों को ठण्डक मिलती है तथा आंखों की रोशनी तेज होती है।

रक्त-प्रदररक्त-मूल-व्याधि :

इलायची के दाने, केसर, जायफल, वंशलोचन, नागकेसर और शंखजीरे को बराबर मात्रा में लेकर उसका चूर्ण बना लें। इस 2 ग्राम चूर्ण में 2 ग्राम शहद, 6 ग्राम गाय का घी और तीन ग्राम चीनी मिलाकर सेवन करें। इसे रोजाना सुबह और शाम लगभग चौदह दिनों तक सेवन करना चाहिए। रात के समय इसे खाकर आधा किलो गाय के दूध में चीनी डालकर गर्म कर लें और पीकर सो जाएं। इससे रक्त-प्रदर, रक्त-मूल-व्याधि (खूनी बवासीर) और रक्तमेह में आराम होगा। ध्यान रहे कि तब तक गुड़, गिरी आदि गर्म चीजें न खाएं।

कफ: इलायची के दाने, सेंधानमक, घी और शहद को मिलाकर पीने से लाभ मिलता है।

वीर्यपुष्टि: इलायची के दाने, जावित्री, बादाम, गाय का मक्खन और मिश्री को मिलाकर रोजाना सुबह सेवन करने से वीर्य मजबूत होता है।

मूत्रकृच्छ (पेशाब करने में कष्ट या जलन): इलायची के दानों का चूर्ण शहद में मिलाकर खाने से मूत्रकृच्छ (पेशाब में जलन) में लाभ मिलता है।

उदावर्त (मलबंध) रोग पर: थोड़ी सी इलायची लेकर घी के दिये पर सेंकने के बाद उसको पीसकर बने चूर्ण में शहद को मिलाकर चाटने से उदावर्त रोग में लाभ मिलता है।

मुंह के रोग पर: इलायची के दानों के चूर्ण और सिंकी हुई फिटकरी के चूर्ण को मिलाकर मुंह में रखकर लार को गिरा देते हैं। इसके बाद साफ पानी से मुंह को धो लेते हैं। रोजाना दिन में 4-5 बार करने से मुंह के रोग में आराम मिलता है।

सभी प्रकार के दर्द: इलायची के दाने, हींग, इन्द्रजव और सेंधानमक का काढ़ा बना करके एरंड के तेल में मिलाकर देना चाहिए। इससे कमर, हृदय, पेट, नाभि, पीठ, कोख (बेली), मस्तक, कान और आंखों में उठता हुआ दर्द तुरन्त ही मिट जाता है |

सभी प्रकार के बुखार: इलायची के दाने, बेल और विषखपरा को दूध और पानी में मिलाकर तक तक उबालें जब तक कि केवल दूध शेष न रह जाए। ठण्डा होने पर इसे छानकर पीने से सभी प्रकार के बुखार दूर हो जाते हैं।

कफ-मूत्रकृच्छ: गाय का पेशाब, शहद या केले के पत्ते का रस, इन तीनों में से किसी भी एक चीज में इलायची का चूर्ण मिलाकर पिलाने से लाभ होता है।

उल्टी:

इलायची के छिलकों को जलाकर, उसकी राख को शहद में मिलाकर चाटने से उल्टी में लाभ मिलता है।

चौथाई चम्मच इलायची के चूर्ण को अनार के शर्बत में मिलाकर पीने से उल्टी तुरन्त रुक जाती है।

4 चुटकी इलायची के चूर्ण को आधे कप अनार के रस में मिलाकर पीने से उल्टी होना बंद हो जाती है।

हैजा:

5-10 बूंद इलायची का रस उल्टी, हैजा, अतिसार (दस्त) की दशा में लाभकारी है।

10 ग्राम इलायची को एक किलो पानी में डालकर पकायें, जब 250 मिलीलीटर पानी रह जाए तो उसे उतारकर ठण्डा कर लेते हैं। इस पानी को घूंट-2 करके थोड़ी-2 से देर में पीने से हैजे के दुष्प्रभाव, प्यास तथा मूत्रावरोध आदि रोग दूर हो जाते हैं।

जमालघोटा का विष: इलायची के दानों को दही में पीसकर देने से लाभ मिलता है।

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