सिंगापुर के पासपोर्ट पर लंदन में रह रहा नीरव मोदी : सूत्र

680

हीरा कारोबारी नीरव मोदी और उनके परिवार को करोड़ों रुपये के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) धोखाधड़ी मामले की जांच में शामिल होने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा समन जारी किए जाने के बावजदू मोदी ने निर्देशों को नजरअंदाज करते हुए विदेश में रहना चुना और वह जांचकर्ताओं की पहुंच से दूर बने हुए हैं। ईडी सूत्रों के मुताबिक, नीरव मोदी फिलहाल सिंगापुर के पासपोर्ट पर लंदन में हैं, जबकि उनका भाई निशाल मोदी बेल्जियम के पासपोर्ट पर एंटवर्प में हैं। नीरव की बहन पूर्वी मेहता बेल्जियम पासपोर्ट पर फिलहाल हांगकांग में हो सकती हैं।

रिश्तेदारों को क्यों जारी हुआ समन

अधिकारियों ने बताया कि परिवार के सदस्यों से पूछताछ करने की जरूरत है क्योंकि कई वित्तीय लेनदेन और नीरव मोदी के व्यापार उनसे जुड़े हैं। अधिकारियों ने बताया कि समन नीरव मोदी के पिता दीपक मोदी, भाई निशाल मोदी, बहन पूर्वी मेहता, उसके पति मयंक मेहता और जौहरी के अमेरिका स्थित कंपनी फायरस्टार डायमंड इंक के निदेशक मिहिर भंसाली को जारी किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि समन प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) कानून के तहत जारी किए गए हैं और ये ईमेल के जरिए भेजे गए हैं क्योंकि सभी पांच व्यक्ति विदेश में बसे हुए हैं।

सूत्र ने कहा कि पूर्वी के पति मयंक मेहता के पास ब्रिटिश पासपोर्ट है और वह हांगकांग व न्यूयॉर्क के बीच घूम रहा है। ईडी ने नीरव मोदी के पिता दीपक मोदी, बहन पूर्वी मेहता और उसके पति मयंक मेहता को समन जारी किया था। नाम न छापने की शर्त पर ईडी के एक एक अधिकारी ने बताया, “उन्हें ईमेल के जरिए समन भेजे गए हैं।

” दीपक, पूर्वी और मयंक से एजेंसी के मुंबई कार्यालय में ईडी जांचकर्ताओं के समक्ष पेश होने के लिए कहा गया था ताकि वह मामले में अपने बयान दर्ज कराएं क्योंकि जांच एजेंसी मुंबई की अदालत में धन शोधन अधिनियम के विशेष धाराओं में आरोपपत्र दाखिल करने की प्रक्रिया में है।

एक अधिकारी ने कहा कि नीरव मोदी के रिश्तेदारों को इस महीने के पहले सप्ताह में समन जारी किया गया था और उन्हें 13 हजार करोड़ रुपये की धन शोधन जांच में पेश होने के लिए 15 दिन का वक्त दिया गया था। अधिकारी ने कहा कि मामले में पहले समन पर प्रतिक्रिया देने में विफल रहने पर तीनों को आगे भी समन जारी किए जाएंगे।

हालांकि, सूत्रों ने बताया कि एजेंसी उनके पेश होने और जांच में शामिल होने को लेकर बहुत अधिक आशावान नहीं है। मिलने वाले जवाब के आधार पर आगे के कदम पर मामलों के आधार पर अलग अलग निर्णय किया जाएगा। प्रवर्तन निदेशालय ने इससे पहले नीरव मोदी और उसके मामा मेहुल चौकसी को इसी तरह से सम्मन किया था लेकिन वे उसके समक्ष पेश नहीं हुए।