दुनिया के लिए नया खतरा ! उत्तर कोरिया का ‘चेचक बम्ब’, कई देशों की हुई नींद हराम!

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कोरियाई युद्ध के बाद साल 1950 से 1953 के बीच उत्तर कोरिया में हैजा, टाइफस, टाइफाइड और चेचक से हजारों की संख्या में लोग मौत के आगोश में समा गए थे| इसके लिए उत्तर कोरिया ने अमेरिकी के जैविक हथियारों को जिम्मेदार ठहराया था| दक्षिण कोरियाई रक्षा विभाग के व्हाइट पेपर के मुताबिक उत्तर कोरिया ने 1980 के दशक में बायोलॉजिकल एजेंटों को हथियार की तरह इस्तेमाल करने की तैयारी शुरू कर दी थी|

अमेरिका समेत संयुक्त राष्ट्र की तमाम पाबंदियों और चेतावनी को दरकिनार कर उत्तर कोरिया अब परमाणु हथियारों के साथ ही जैविक हथियार (biological weapons) विकसित कर रहा है| उत्तर कोरिया के बीमारी बम के जखीरा ने दुनिया भर के लिए एक और चिंता बढ़ा दी है| अमेरिकी थिंकटैंक बेल्फर सेंटर (Belfer Centre) की रिपोर्ट में इसको लेकर आगाह किया गया है|

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जैविक हथियारों से निपटने के लिए तंत्र विकसित करना जरूरी |

रिपोर्ट में चेताया गया है कि उत्तर कोरिया के परमाणु हथियारों के साथ ही जैविक हथियारों से निपटने के लिए कदम उठाने की जरूरत है, ताकि इससे जैविक हथियार के साथ ही प्राकृतिक तौर पर फैलने वाली महामारियों से भी बचा जा सके| आधुनिक समय में कई तरह की घातक बीमारियां अचानक फैलने लगती हैं| सेना और स्वास्थ्य विभागों को मिलकर ऐसा तंत्र विकसित करना होगा, जो इन बीमारियों से सफलतापूर्वक निपट सके| रिपोर्ट में कहा गया कि उत्तर कोरिया 13 तरह के बायोलॉजिकल एजेंट को 10 के भीतर तैयार करने में सक्षम हो चुका हैं| हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि उत्तर कोरिया इन जैविक हथियारों को किस तरह इस्तेमाल करेगा|

अब तक का सबसे खतरनाक है ये बम |
नॉर्थ कोरिया ने सितंबर मे 2016 में जिस परमाणु बम का सफल परीक्षण किया था उससे 10 किलोटन ऊर्जा उत्पन्न हुई थी। इस बार करीब 100 किलोटन के हाइड्रोजन बम का सफल टेस्ट का दावा किया जा रहा है। एक्सपर्ट की मुताबिक, अगर वाकय में ऐसा है तो यह दुनिया का सबसे खतरनाक और शक्तिशाली बम हो सकता है।

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हिरोशिमा पर गिराए बम से सात गुना ज्यादा ताकतवार
प्योंगयांग ने रविवार को एक और हाइड्रोजन बम का परीक्षण कर दुनिया को एक बार फिर चिंता में डाल दिया है। एक्सपर्ट की मानें तो नॉर्थ कोरिया का यह छठा हाइड्रोजन बम 1945 में जापान के हिरोशिया और नागासाकी शहर पर गिराए बम की तुलना में सात गुना ज्यादा ताकतवर है।

10 सालों से लगातार परमाणु परीक्षण कर रहा है नॉर्थ कोरिया
पिछले 10 सालों से नॉर्थ कोरिया लगातार अपने परमाणु परीक्षणों से दुनिया में खौफ पैदा कर रहा है। उत्तर कोरिया इससे पहले 2006, 2009, 2013 और 2016 में परमाणु बमों का परीक्षण कर चुका है। किम जोंग उन के सत्ता में आने के बाद यह तीसरी बार परमाणु बम का परीक्षण हुआ है। पिछले महीने 29 अगस्त को भी नॉर्थ कोरिया ने जापान के ऊपर मिसाइल लॉन्च की थी।