जरुर जानिए अजवाइन के आयुर्वेदिक गुण,फायदे और इस्तेमाल में बरते जाने वाली सावधानियां

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भारतीय खानपान में अजवाइन का प्रयोग सदियों से होता आया है। आयुर्वेद के अनुसार अजवाइन पाचन को दुरुस्त रखती है। यह कफ, पेट तथा छाती का दर्द और कृमि रोग में फायदेमंद होती है। साथ ही हिचकी, जी मचलाना, डकार, बदहजमी, मूत्र का रुकना और पथरी आदि बीमारी में भी लाभप्रद होती है।

आमतौर पर अजवाइन का इस्‍तेमाल नमकीन पूरी, मठ्ठी, नमक पारे और पराठों का स्‍वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है। लेकिन अजवाइन के छोटे-छोटे बीजों में ऐसे गुणकारी तत्‍व मौजूद हैं, जिनसे आप अब तक अंजान हैं। इनडाइजेशन या अपच होने पर अकसर मां हमें गरम पानी और नमक के साथ अजवाइन खाने की हिदायत देती है। यही नहीं अजवाइन सर्दी-जुकाम, बहती नाक और ठंड से निजात पाने की अचूक दवा है।

गुण-दोष तथा आयुर्वेदिक मत

आयुर्वेद के मतानुसार अजवाइन पाचक, रुचिकारक, तीक्ष्ण, गर्म, चटपटी, हल्की, दीपन, कड़वी, पित्तवर्द्धक होती है। पाचक औषधियों में इसका बहुत महत्वपूर्ण स्थान है। इसके विषय में संस्कृत की एक कहावत है-‘एकाजवानी शतमन्ना पचिका’ अर्थात अकेली अजवाइन ही सैकड़ों प्रकार के अन्न को पचाने वाली होती है। यह कहावत प्राचीनकाल से प्रचलित है और कई अंशों में सच भी है, क्योंकि इस एक ही वस्तु में चिरायते का कटु पौष्टिक तत्व, हींग का वायुनाशक गुण और कालीमिर्च का अग्निदीपक गुण पाया जाता है। अपने इन्हीं गुणों के कारण अजवाइन कफ, वायु, पेट का दर्द, वायु गोला, आफरा तथा कृमि रोग को नष्ट करने में समक्ष है। हैजे की प्राथमिक स्थिति में भी इसका प्रयोग उपयोगी है।

अजवाइन (ajwain) के सेवन की विधि ( how to take ajwain in hindi)

वाह्य उपयोग के लिए-

अगर आप अजवाइन का उपयोग (ajwain ke fayde) वाह्य तौर पर करना चाहते हैं तो ज़रूरत के अनुसार 2-4 ग्राम ताजा पत्ते का पेस्ट बनाकर कर सकते हैं या 2-5 ग्राम ज़रूरत के अनुसार अजवाइन के बीज का पाउडर भी बना सकते हैं। अगर आपको दर्द के जगह पर अजवाइन का तेल लगाना है तो 1-3 बूंद ज़रूरत के अनुसार तेल लगा सकते हैं, नहीं तो अजवाइन के नुकसान (ajwain ke nuksan) से त्वचा पर असर पड़ सकता है।

आंतरिक उपयोग के लिए –

अजवाइन चूर्ण , अजवाइन तेल और अज‍वाइन पानी तो आप घर पर भी बना सकते हैं। लेकिन आजकल अजवाइन कैप्सूल और टैबलेट भी बाजार में उपलब्ध हैं। 1-2 ग्राम अजवाइन का चूर्ण दिन में दो बार ले सकते हैं या 30-50 एमएल अजवाइन पानी दिन में दो बार सेवन कर सकते हैं।

वैसे तो अजवाइन का इस्तेमाल दो तरह से कर सकते हैं लेकिन इसके सेवन करने का तरीका और लगाने का तरीका भी अलग-अलग होता है जिसका हमें विशेष रूप से ध्यान रखना होता है, नहीं तो अजवाइन के नुकसान से मुश्किलें आ सकती हैं। अजवाइन लेने का तरीका सही होगा तभी अजवाइन के फायदे (ajwain benefits in hindi) शरीर को पूरी तरह से  मिलेगा।

इसमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्‍सीडेंट और जलनरोधी तत्‍व पाए जाते हैं, जो न सिर्फ छाती में जमे कफ से छुटकारा दिलाते हैं बल्‍कि सर्दी और साइनस में आराम देते हैं। यहां पर हम आपको अजवाइन के ऐसे ही आठ फायदों के बारे में बता रहे हैं:

पेट की बीमारियों से छुटकारा

अजवाइन पेट की कई बीमारियों का रामबाण इलाज है। इसका सेवन करने से पेट दर्द, गैस, उल्‍टी, खट्टी डकार और एसिडिटी में आराम मिलता है। अजवाइन, काला नमक और सूखे अदरक को पीसकर चूरन तैयार कर लें। खाना खाने के बाद इस चूरन का सेवन करने से खट्टी डकार और गैस की समस्‍या दूर हो जाती है। पेट खराब होने पर अजवाइन चबाएं। यही नहीं अगर डाइजेशन सही करना हो तो अजवाइन से बेहतर कुछ नहीं।

वजन घटाने में मददगार

अजवाइन वजन घटाने में भी काफी मददगार है। अजवाइन का पानी पीने से शरीर का मेटाबॉलिज्‍म बढ़ता है, जिससे चर्बी घटने लगती है। एक गिलास पानी में रात भर अजवाइन भ‍िगोकर रख दें। इसमें शहद मिलाकर खाली पेट पीने से जल्‍दी फायदा होता है। आप चाहें तो पानी में अजवाइन उबालकर भी पी सकते हैं।

सर्दी-जुकाम और खांसी में राहत

अगर आपकी खांसी ठीक नहीं हो रही है तो अजवाइन का पानी बहुत फायदा करेगा। इसके लिए अजवाइन को पानी में मिलाकर उबाल नें। इसमें काला नमक मिलाकर पीने से आराम म‍िलेगा।

मुंह की दुर्गंध

मुंह से दुर्गध आने पर थोड़ी सी अजवाइन को पानी में उबाल लें। इस पानी से दिन में दो से तीन बार कुल्ला करने पर मुंह की दुर्गंध समाप्‍त हो जाती है।

गठिया

अजवाइन से गठिया के रोग में भी आराम मिलता है। अजवाइन के चूरन की पोटली बनाकर घुटनों में सेंकने से फायदा होता है।आधा कप अजवाइन के रस में सौंठ मिलाकर पीने से भी गठिया का रोग ठीक हो जाता है।

दूर करे मसूड़ों की सूजन

अगर मसूड़ों में सूजन हो तो गुनगुने पानी में अजवाइन के तेल की कुछ बूंदे डालकर कुल्‍ला करने से आराम मिलेगा।  इसके अलावा अजवाइन को भूनकर उसे पीसकर पाउडर बना लें। इससे ब्रश करने से मसूड़ों के दर्द और सूजन में राहत मिलती है।

पीरियड्स के दर्द से छुटकारा

कई महिलाओं को पीरियड्स के वक्‍त कमर और पेट के निचले हिस्‍से में बहुत दर्द होता है। ऐसे में गुनगुने पानी के साथ अजवाइन लेने से दर्द में आराम मिलता है। हां, इस बात का ध्‍यान रख‍िए कि अजवाइन की तासीर गरम होती है और अगर ब्‍लड फ्लो ज्‍यादा हो इसका इस्‍तेमाल नहीं करना चाहिए।

मुंहासों की छुट्टी

अब तो आप यह जान ही गए हैं कि अजवाइन डाइजेशन ठीक करता है। जाहिर है कि अगर पेट साफ होगा तो मुंहासों नहीं आएंगे। अगर आपके चेहरे पर मुंहासे हैं तो दही के साथ थोड़े से अजवाइन पीसकर इस लेप को चेहरे पर लगाएं। जब लेप सूख जाए तब इसे गर्म पानी से साफ कर लें। कुछ ही दिनों में मुंहासे गायब हो जाएंगे।

डिलिवरी के बाद अजवाइन का पानी

बच्‍चे की डिलिवरी के बाद महिलाओं को अजवाइन का पानी पीने की सलाह दी जाती है। इससे पेट की सफाई होती है और शरीर को गर्मी भी मिलती है। हालांकि अजवाइन का पानी पीने से पहले आपको अपने डॉक्‍टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए।

इसके अलावा अजवाइन कई अन्‍य रोगों में भी कारगर औषधि है।

अजवाइन के नुकसान (ajwain side effects in hindi) :

अजवाइन के एक साइड इफेक्ट (ajwain side effects in hindi) के बारे में तो हमने पहले ही बात की है कि गर्भवती महिलायों को इसके सेवन से बचना चाहिए।  इन स्थितियों के अलावा अगर आपने अजवाइन निश्चित मात्रा से भी ज्यादा लिया तो उल्टी, मतली और सिरदर्द की समस्या भी हो सकती है।

जिन लोगों को अजवाइन से एलर्जी होती है उनको सर्दी, रैशेज या पित्त हो सकता है। इसलिए अजवाइन का इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट ज़रूर कर लें। यहां तक कि अत्यधिक मात्रा में अजवाइन का सेवन करने से त्वचा संवेदनशील हो सकती है जो बाद में स्किन कैंसर होने का कारण बन सकता है। अजवाइन के नुकसान और उसके साइड इफेक्ट्स से बचने के लिए अजवाइन का सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह ले लें।

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