जानिये पानी पीने का सही तरीका, इससे आपका शरीर चुस्त और दुरुस्त हो जाएगा

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जो लोग भोजन के बाद गट गट पानी पीते है। उनको 103 रोग आते है। जिसको आप एसिडिटी कहते है। जो लोग खाने के तुरंत बाद ही पानी पिते है। उनको 101% नही 201% भी नहीं उनको 1000% एसिडिटी होती है। आज नहीं तो दो साल बाद या पांच साल बाद होने ही वाली है। एसिडिटी तो होगी ही साथ में छाती में जलन और आगे बढ़े तो गले में जलन, फिर पुरे शरीर मे और ये आग अगर फ़ैल गयी तो पित बिगड़ता है।

पित बिगड़े तो शरीर में तकलीफ ही तकलीफ आती है। जैसे रसोई घर में खीर बनाने के लिए दूध और चावल को पकाते समय आग का जलना बहुत जरुरी है। वैसे ही खाना खाने के बाद हमारे शरीर में अग्नि जलती है, और वो भोजन को पचाती है। और जब हम पानी पी लेते है तो वो अग्नि बंद हो जाती है, और फिर हमारा खाना पचता नहीं है, सड़ता है। पानी का और आग का मेल नही है। इसलिए सीधा सा मतलब ये है कि खाना खाने के बाद पानी मत पियो।

हमें खाने के डेढ़ घंटे बाद पानी पीना है, ये याद रखे कि डेढ़ घंटे बाद ही पानी पीना है। लेकिन पानी कैसे पीना है, ये बहुत महत्व की बात है। आप अभी सामान्य रूप से पानी कैसे पीते है, एक गिलास पानी भरा मुह में लगाया गट गट गट एक बार में ही पी लिया, गिलास एक बार में ही ख़त्म। कुछ लोग मुंह खोल लेते है, और खोलकर ऊपर से गिराते है।

पानी लगातार गटकते जाते है ये दोनों तरीके बहुत गलत है। अगर आप घट घट घट लगातार पानी पी रहे है तो आपके शरीर में तिन रोग तो जरुर आने वाले है, पहला Appendicitis, दूसरा हर्निया (आंतों का उतरना) और तीसरा Hydrocele।

ये हर्निया सबसे ज्यादा उन्ही लोगो को आता है जो पूरा गट गट के एक बार में ही पानी पीते है और जो Hydrocele है ये थोड़ी उम्र के बाद आती है विशेष रूप से ये पुरषों में आती है। हर्निया तो माताओं में भी आ जाता है लेकिन ये Hydrocele मर्दों की बीमारी है। ये तीनो रोग उन लोगो को जरुर आते है जो एक साथ पूरा लोटा या गिलास पानी गटकते है।

मतलब ये कि एक साथ गट गट पानी पीना अच्छा नही है तो आपके मन में सवाल आ रहा होगा कि पानी कैसे पीना है। तो हम आपको भाई राजीव दीक्षित जी द्वारा बताया गया तरीका बताते है। जो पानी पिने का सबसे उत्तम नियम है। आयुर्वेद में पानी पीने का सही तरीका वही बताया गया है जैसे आप चाय पीते है जैसे आप कॉफ़ी पीते है और जैसे आप गर्म दूध पीते है। सिप-सिप करके पीना है। एक सिप लिया फिर थोड़ी देर बाद दूसरा सिप लिया फिर थोड़ी देर बाद तीसरा दीप लिया।

आप कहेंगे कि ऐसे पानी पिने में तो बहुत समय जाएगा। जाने दीजिये थोडा ही जाएगा ज्यादा नहीं। इस समय को मत बचाइए नहीं तो यही बचाया हुआ समय हॉस्पिटल में जायेगा और अकेला समय नहीं जाएगा साथ में पैसे भी लेकर जायेगा। 15 दिन हॉस्पिटल में एडमिट रहना पड़े या एक महिना रहना पड़े तो उससे पैसे भी जायेगा और समय भी जायेगा।

आप अभी समय बचाने के चक्र में क्यों है। सिप सिप करके पानी पीजिये आराम से पानी पीजिये। अपने कभी छोटे बच्चो को देखा है, वो मुह पूरा फुला लेते है और पानी को पुरे मुंह में घुमा के एक एक घुट पीते है। आपको ऐसा लगेगा कि वो मस्ती कर रहे है लेकिन वो मस्ती नही कर रहा है, वो बहुत वैज्ञानिक है, ये सबसे अच्छा तरीका है क्योकि अगर आप पानी को मुह में पूरा घुमाएंगे तो मुह में जो लार है वो पानी के साथ मिलेगी और शरीर के अंदर जाएगी।

आपको ये पहले से ही पता है कि मुंह की लार क्षारीय (Alkaline) है पेट में जो है वो अम्ल (Acid) है अम्ल और छार मिलते है तो शरीर को नियुट्रल  बनाते है जो सबसे अच्छी स्थिति है।

आप ये समझ लीजिए कि पानी के साथ जितनी ज्यादा लार मुंह में जाएगी। उतना ही अम्ल के साथ उसका मिलन अच्छा होगा, शरीर में उतनी क्वालिटी आयगी। इसलिए पानी पिने के लिए उसको एक बार मुह में भरिये। थोड़ी देर उसको मुंह में घुमाइए, ताकि लार उसमे मिल जाए, तब उसको नीचे उतरिये। ये सबसे अच्छा तरीका है।

पानी भोजन के डेढ़ घंटे बाद पीना है। ये पहला नियम और दूसरा नियम ये कि पानी ह्मेशा सिप सिप करके पीना है, घूंट घूंट करके पीना है, एक साथ पूरा गट गट नही उतरना। आप अगर ध्यान देंगे जो जानवर जितना धीरे पानी पीते है, वो उतने ही ज्यादा चुस्त और दरुस्त होते है।

आपने देखा है कई जानवर है जो जीभ से चाटकर पानी पिते है। शेर बबर-शेर, लकड भगा, कुत्ता, भेड़िया, ये सब जीभ से चाटकर पानी पीते है और इनकी चुस्ती और फुर्ती इतनी तीव्र है जो आपने कई बार देखि भी होगी। क्या आप जानते है चिता राजधानी की स्पीड से दोड सकता है राजधानी 140 किलोमीटर की रफ्तार से दोड सकती है चीते की इतनी मिनिमम स्पीड होती है।

ये इसलिए चाट कर पीते है क्योकि चाट कर पानी पिने से शरीर में चुस्ती और फुर्ती आती है। लेकिन आप बोलेंगे हम तो नही पी सकते। तो चाट के तो नही पी सकते, थोडा थोडा तो पी ही सकते है। सिप सीप करके ऐसे पानी पीजिये।

क्या आपने कभी पक्षियों को देखा है। पक्षियों में चिड़िया के सामने अगर एक बर्तन में पानी रखा है तो वो एक एक बूंद पानी का उठती है। लगातार उसमे पानी भर के पानी नही चूसेगी। एक बार उठाएगी, फिर वापस मुह लगाएगी, फिर दूसरा उठाएगी, इस तरह से एक एक ड्राप पानी पीती है, और चिड़ियाँ भी बहुत चुस्त और दरुस्त रहती है। अगर आप चाहे तो बच्चों से भी सिख लीजिये। मुह में थोड़ी देर पानी भरिये इधर उधर घुमाइए फिर नीचे उतरिये बहुत अच्छी एक्सरसाइज है।

इस विडियो में देखिए पानी पीने का सही तरीका :-

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