जानिए खाने-पीने की चीजों में मिलावट की पहचान घर पर कैसे करें

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मिलावट उसे कहते हैं जिसमें किसी भी पदार्थ में कुछ गंदी, बासी, सड़ी हुई या सस्ती चीज को मिलाकर उसकी मात्र बढ़ाई जाए। खाद्य पदार्थों में की गई मिलावट खाने वाले को नुकसान पहुंचाती है। खाद्य पदार्थ असली है या मिलावटी, इसके बारे में अधिकतर लोगों को पता ही नहीं चलता और समय की कमी, पति पत्नी दोनों का नौकरी करना, व्यस्त जीवनशैली होने के कारण कोई भी इन पचड़ों में नहीं पड़ता। इसका खामियाजा तो सेहत खराब होने पर भुगतना पड़ता है। आइए ध्यान दें कुछ खाद्य पदार्थों की मिलावट पर जिनका पता आप घर पर कुछ ध्यान देकर लगा सकते हैं।

लाल मिर्च पाउडर: ईंट का चूरा, नमक या पाउडर

एक चम्मच लाल मिर्च पाउडर को एक ग्लास पानी में मिक्स कीजिए। अगर यह पानी में रंग छोड़े तो इसमें मिलावट है।

खोया, पनीर: स्टार्च

इसे थोड़े से पानी के साथ उबालें, फिर ठंडा होने पर इसमें आयोडीन सलूशन की कुछ बूंदे्ं डालें। नीला रंग मिलावट का संकेत है।

नमक: नमक में वाइट स्टोन पाउडर मिला हो सकता है। इसकी जांच आप ऐसे करें। 1 चम्मच नमक 1 गिलास पानी में मिलाएं। अगर मिलावट होगी तो मिलावटी पदार्थ नीचे बैठ जाएगा और पानी का रंग सफेद सफेद लगेगा। नमक सही होगा तो पानी वैसे का वैसा लगेगा और नीचे शेष कुछ भी नहीं रहेगा।

चीनी:- चीनी में चाक पाउडर मिलाया जा सकता है। इसकी जांच के लिए दो चम्मच चीनी 1 गिलास पानी में डालें बिना हिलाए किसी स्थान पर दो-चार मिनट के लिए रख दें। अगर नीचे कुछ बैठा हुआ मिले तो समझें उसमें चाक पाउडर डाला गया है।

हींग:- हींग में साबुन, पत्थर और मिट्टी मिलाई जाती है। इसको जांचने के लिए हींग को पानी में अच्छी तरह मिलाएं और रख दें। कुछ देर बाद से देखें। अगर मिट्टी, पत्थर और साबुन मिला होगा तो वो नीचे सतह पर बैठ जाएगा।

शहद: शुगर सलूशन

शुद्ध शहद में भीगी हुई कपास की बाती जलाने पर तुरंत जलती है, जबकि मिलावटी शहद में डूबी कपास की बाती उतनी आसानी से नहीं जलती और उससे चटचटाने की आवाज भी आती है।

नारियल का तेल: दूसरे तेल

नारियल तेल की छोटी शीशी फ्रिज में रख दीजिए। नारियल तेल जम जाएगा और मिलावटी तेल एक अलग पर्त की तरह अलग निकल आएगा।

धनिया पाउडर: चोकर और बुरादा

पानी पर थोड़ा सा धनिया पाउडर छिड़कें। बुरादा और चोकर पानी के ऊपर तैरेगा।

दूध: डिटरजेंट, सिंथेटिक मिल्क

10 मिलीलीटर दूध को उतने ही पानी के साथ मिलाएं। अगर झाग निकलती है तो उसमें डिटरजेंट हो सकता है। सिंथेटिक मिल्क का स्वाद थोड़ा खराब होता है। अंगुलियों के बीच लेकर रगड़ने से साबुन जैसा फील होता है और गर्म करने पर पीलापन आ जाता है।

दाल में रंग की पहचान

दाल में लेड क्रोमेट की मिला हो सकता है। इसकी जाँच करने के लिए एक चम्मच दाल में एक चम्मच पानी डालें। कुछ बून्द हाइड्रोक्लोरिक एसिड की डालें। यदि गुलाबी रंग दिखाई दे तो इसका मतलब इसमें लेड क्रोमेट मिलाया गया है। यदि गहरा लाल रंग दिखाई दे तो इसका मतलब है दाल में मेटानिल नामक रंग मिलाया गया है।

चावल में मिलावट की पहचान

चावल में जाँच करने के लिए चावल को हाथ में लेकर रगड़ें। यदि हाथ में रंग दिखाई देना रंग चढ़ाये जाने का संकेत होता  है। एक चम्मच चावल में एक दो चम्मच पानी मिलाएं। इसमें कुछ बून्द हाइड्रोक्लोरिक एसिड की डालें। यदि पीला रंग दिखाई दे तो चावल में मिलावट की गई है ऐसा समझना चाहिए।

घी में मिलावट की पहचान

शुद्ध देसी घी में वनस्पति घी , आलू या स्टार्च की मिलावट हो सकती है। वनस्पति घी चेक करने के लिए एक कप में एक चम्मच घी लें इसमें एक चम्मच हाइड्रोक्लोरिक एसिड मिला दें। पांच मिनट बाद देखें। यदि लाल रंग दिखाई दे तो घी मिलावट वाला समझना चाहिए।

आलू या स्टार्च की जाँच के लिए घी में आयोडीन की कुछ बून्द डालें। यदि नीला रंग दिखाई दे तो समझ जाना चाहिए की घी में आलू या स्टार्च मिला हुआ है।

जीरा: चारकोल डस्ट से रंगे हुए ग्रास सीड्स

थोड़ा सा जीरा हथेली पर लेकर मसलिए। अगर जीरा काला हो जाता है तो यह मिलावट का संकेत है।

काली मिर्च: मिनरल ऑइल

मिलावटी काली मिर्च के दानों में काफी चमक होती है और इनसे केरोसिन जैसी स्मेल आती है।

सेब: वैक्स पॉलिश

सेब की चमक देखकर ज्यादा खुश मत होइए। ज्यादातर यह चमक सेब पर वैक्स पॉलिश की वजह से दिखती है। इसकी जांच के लिए बस एक ब्लेड लीजिए और सेब को हल्के-हल्के खुरचिए। अगर कुछ सफेद पदार्थ निकले, तो आपको बधाई क्योंकि आप मोम खाने से बच गए!

पिसी हल्दी: मेटानिल यलो

खाने में पिसी हल्दी का रोजाना इस्तेमाल होता है। हल्दी में मेटानिल येलो की मौजूदगी से कैंसर हो सकता है। इसका टेस्ट भी हल्दी पाउडर में पांच बूंद हाइड्रोक्लोरिक एसिड और पांच बूंद पानी डालकर कर सकते हैं। अगर सैंपल बैंगनी हो जाए, तो हल्दी मिलावटी है।

साबुत हल्दी: पॉलिश

अगर आप पिसी हल्दी में मिलावट से बचने के लिए साबुत हल्दी को लाकर खुद पिसवाते हैं या किसी और तरीके से साबूत हल्दी को इस्तेमाल करते हैं, तो यह भी काफी रिस्की है। हल्दी की पहचान करने के लिए पेपर पर हल्दी को रखकर ठंडा पानी मिलाएं। अगर रंग अलग हो जाए तो हल्दी पॉलिश की हुई है।

दालचीनी: अमरूद की छाल

मसाले में इस्तेमाल होने वाली दालचीनी में अमरूद की छाल मिलाई जाती है। इसे हाथ पर रगड़कर देखें, अगर यह नकली होगी तो कोई कलर नहीं आएगा।

मटर: मेलाकाइट ग्रीन

मटर के दाने खरीदें हैं, तो उसमें से एक हिस्से को पानी में डालकर हिलाएं और 30 मिनट तक छोड़ दें। अगर पानी रंगीन हो जाता है तो नमूने में मेलाकाइट ग्रीन की मिलावट है। ऐसी मिलावटी चीजें खाने से पेट से संबंधित गंभीर बीमारियां (अल्सर, ट्यूमर आदि) होने का खतरा रहता है।

चायपत्ती: यूज्ड

अगली बार चाय बनाने से पहले चायपत्ती को जरूर जांचें। चायपत्ती ठंडे पानी में डालने पर रंग छोड़े तो साफ है कि उसमें मिलावट है या वह एक बार यूज हो चुकी है।

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