जानिए ईश्वर का वरदान है बरगद का पेड, महिलाओं का बांझपन दूर और पुरुषों की मर्दानगी बढ़ाता है,जानिए अन्य स्वास्थ्य लाभ भी

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आपने अब तक न जाने कितनी जड़ी बूटीयों के फायदों के बारे में सुना होगा, लेकिन क्‍या आपने सामान्‍य से दिखने बाले बरगद के पेड़ के फायदे सुने हैं। अगर आप इसे सामान्‍य सा पेड़ मानते हैं तो अपनी भूल को सुधार लें यह सामान्‍य वृक्ष नहीं है बल्कि आपके स्‍वास्‍थ्‍य के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। भारत में बरगद को पूज्‍यनीय स्‍थान प्राप्‍त है। बरगद का वैज्ञानिक नाम फ़ाइकस वेनगैलेंसिस  और अंग्रेज़ी का नाम ‘बनियन ट्री’ है। बरगद के पेड़ के फायदे दस्‍त, पेचिश और बवासीर के उपचार के लिए होते हैं। इसका उपयोग दांतों और मसूड़ों के उपचार के लिए भी किया जाता है।

इस दुनिया में कोई अमर हो या न हो लेंकिन ऐसा लगता है कि बरगद के पेड़ों ने अमरता प्राप्‍त कर ली है। ये वृक्ष दशकों और शतकों से कहीं अधिक समय तक जीवित खड़े रहते हैं। बरगद के फायदे महिला बांझपन को दूर करने मे भी होते हैं साथ ही ये कान के दर्द का प्रभावी रूप से उपचार करते हैं।

बरगद के पेड़ के पोषक तत्‍व

पोषक तत्‍वों से भरपूर बरगद के पेड़ में बी सीटोस्‍टर , एस्‍टर, ग्‍लाइकोसाइड्स, ल्‍यूकोसाइनिडिन, क्‍वार्सेटिन, स्‍टेरोल और फ्राइडेलिन अच्‍छी मात्रा में मौजूद रहते हैं। इनके अलावा इसमें बर्गप्‍टन, फ्लेवोनॉयड, गैलेक्‍टोज, इनोजिटोल, ल्‍यूकोप्‍लेयर, रूटीन और टैनिन भी शामिल होते हैं। बरगद के पेड़ में केटोन, पॉलिसाक्राइड सिटोस्‍टेरॉल और टॉग्लिक एसिड भी मोजूद रहते हैं।

आयुर्वेद में बहुत सी बीमारियों के उपचार के लिए बरगद के पेड़ का उपयोग किया जाता है। इस पेड़ के सभी हिस्‍सों में औषधीय गुण होते हैं। पोषक तत्‍वों की भरपूर मात्रा होने के कारण बरगद के पेड़ के फायदे हमें बहुत से स्‍वास्‍थ्‍य लाभ प्रदान करते हैं। इस लेख के माध्‍यम से आप बरगद के पेड़ के फायदे और इससे प्राप्‍त होने वाले स्‍वास्‍थ्‍य लाभों के बारे में जानेगें। आइए देखते हैं इसके आठ महत्वपूर्ण लाभ।

बांझपन का इलाज

यदि आप कई सालों के संतान की चाहत रखती हैं और शादी के बाद भी संतान सुख नहीं है तो आपके लिए बरगद का पेड़ काफी मददगार साबित होगा। बरगद के पेड़ की जड़ों को छांव में सुखाएं। जब यह पूरी तरह सूख जाए तो इसे बारीक पीसकर, पाउडर बना लें। हर महीने, मासिक धर्म के बाद, इस पाउडर को आधा चम्मच, दूध के साथ लगातार तीन रातों तक लें। लाभ होगा। इसी प्रकार, गर्भधारण की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए, बरगद के पत्ते की कोपलें या नए पत्तों का सेवन कर सकते हैं।

शीघ्रपतन की समस्या से मुक्ति

बरगद के पत्तों को सुखाकर पाउडर बनाएं, और दूध के साथ रोज सुबह, एक चम्मच लें। इसके अलावा बरगद के दूध रूपी द्रव्य को मिश्री के साथ खाने से भी इस समस्या का हल होता है। इसके अलावा हींग के छोटे टुकड़े को फ्राईकर आधा चम्मच बरगद के दूधरूपी द्रव्य में मिलाएं। रोज सुबह इसका सेवन करने से यौन संबंधी कमजोरी दूर होती है।

जोड़ों के दर्द में है प्रभावी

जोड़ों के दर्द और सूजन से राहत पाने के लिए बरगद की ताजी पत्तियां तोड़ें, और इन पर तिल का तेल लगाएं. पत्तियों को गर्म करें और सहनीय तापमान पर लाकर, उन्हें शरीर के प्रभावित हिस्सों पर रखकर, हल्की सी सिंकाई करें।

दांतों के संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए

बरगद के पेड़ से ताजा पत्तियां या डाली तोड़कर, उसमें से निकलने वाला दूध के रंग के अर्क को जमा करें। फिर इसमें थोड़ा शहद मिला लें। इसे अपने मसूढ़ों पर लगाएं और 10 मिनिट तक इंतजार करें। इसके बाद कुल्ला कर लें। बरगद की छाल का, नीम की तरह दातौन के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे दांतों की सफाई करने से दांत मजबूत होते हैं। यदि सांस की दुर्गंध दूर करना हो तो, करीब 1 इंच लंबी बरगद के पेड़ की छाल लें और पानी में उबाल लें। इस पानी से गरारे करने से आपके मुंह और सांस की दुर्गंध दूर हो जाएगी।

बरगद के पत्तों से झाइयों का इलाज

झाइयां, गर्मी में बहुत बड़ी समस्या हो जातीं हैं। इनके इलाज के लिए बरगद की नर्म पत्तियां तोड़ें और नारियल के गूदे के साथ पेस्ट तैयार करें। इस पेस्ट को झाइयों पर लगाएं। यदि नारियल उपलब्ध न हो तो, मसूर की दाल का भी प्रयोग कर सकते हैं। इन पेस्ट के उपयोग से समस्या तो दूर होगी ही, साथ ही त्वचा पर चमक भी आएगी।

आंखों के लिए उपयोगी

यदि आप आंखों की रोशनी बढ़ाना चाहते हैं तो बरगद की पत्तियों और तने से निकलने वाले दूधिया पदार्थ में कपूर को बारीक कर, मिलाएं और फिर इस मिश्रण को आंखों में लगाएं। कपूर न हो तो, लौंग को बारीक पीसकर, इस दूधिया पदार्थ के साथ पेस्ट बनाया जा सकता है।

पिंपल्स से राहत

बरगद की जड़ों का पेस्ट बना लें और फिर इसे पिंपल्स वाले स्थान पर लगाएं। यदि शरीर पर लाल चकत्ते हैं, तो बरगद के पत्तों का पेस्ट बनाकर भी लगा सकते हैं। यदि कोई और त्वचा रोग है तो बरगद की 5 ग्राम छाल का पाउडर लें और इसे पानी में उबालें। जब मिश्रण का अनुपात एक चौथाई रह जाए तो इसे बर्नर से उतार लें। इस मिश्रण को सप्ताह में 2-3 बार पिएं।

डायबिटीज का करे इलाज

डायबिटिज, यानी मधुमेह के इलाज में भी बरगद की छाल काफी प्रभावी होती है। करीब 2 इंच लंबी छाल लें, और इसे रातभर पानी में भिगो कर रखें। सुबह निकालकर, इसे दबाएं (स्क्वीज करें) और जो भी द्रव्य निकले, उसे अलग जमा कर लें। इसे छान लें और फिर इस्तेमाल करें। इसके अलावा बड़े चम्मच में छाल पाउडर लें और दो गिलास पानी डाल कर, उबालें। ऐसा तबतक करें जबकर कि पानी का अनुपात आधा न रह जाए। इसे छान लें और रोजाना इस्तेमाल करें।

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