अस्थमा और हार्ट अटैक जैसी बीमारियों को जड़ से खत्म करते है ये पत्ते, ऐसे करें प्रयोग

3387

पीपल का पेड़ हिंदुओं और बौद्धों के लिए पवित्र है।  यह एक पवित्र वृक्ष माना जाता है, क्योंकि प्राचीन काल में ऋषियों ने पीपल के पेड़ के नीचे ध्यान लगाया था। धार्मिक महत्व के अलावा, पेड़ की पत्तियों का इस्तेमाल कई तरह के इलाज में प्रयोग किया जाता है। पृथ्‍वी पर पीपल एक ऐसा वृक्ष है जो सबसे ज्‍यादा ऑक्सीजन उत्‍सर्जित करता है।

पीपल का पेड़ टैनिक एसिड, एसपारटिक एसिड, फ्लेवोनोइड्स, स्टेरॉयड, विटामिन, मेथिओनिन, ग्लाइसिन आदि से समृद्ध है। ये सभी सामग्रियां पीपल के पेड़ को एक असाधारण औषधीय पेड़ बनाती हैं। आयुर्वेद के अनुसार, पीपल के पेड़ के हर हिस्से – पत्ती, छाल, अंकुर, बीज, साथ ही फल के कई औषधीय लाभ हैं। इसका उपयोग कई बीमारियों के इलाज के लिए प्राचीन काल से किया जा रहा है।

जानिये पीपल के पत्‍तों के लाभ :-

बुखार से राहत दिलाए :-

पीपल के कुछ कोमल पत्ते लें, उन्हें दूध के साथ उबालें, चीनी डालें और फिर इस मिश्रण को दिन में लगभग दो बार पियें। इससे बुखार और सर्दी से राहत मिलती है।

अस्‍थमा का करे खात्‍मा :-

पीपल के कुछ पत्तों, या इसके पाउडर को लें और इसे दूध के साथ उबालें। फिर, चीनी मिलाएं और इसे एक दिन में लगभग दो बार पीएं। यह अस्थमा से पीड़ित लोगों की मदद करता है।

नेत्र रोगों में है लाभकारी :-

पीपल नेत्र दर्द के इलाज में कुशलता से मदद करता है। इसकी पत्तियों से निकला पीपल का दूध आंखों के दर्द से राहत दिलाने में मददगार है।

दांतों को मजबूती प्रदान करे :-

पीपल के पेड़ की ताज़ी टहनियाँ या नई जड़ें लें, ब्रश के रूप में इसका इस्तेमाल न केवल दाग-धब्बों को दूर करने में मदद करता है बल्कि दांतों के आसपास मौजूद बैक्टीरिया को भी मारने में मदद करता है।

नकसीर में है फायदेमंद :-

कुछ कोमल पीपल के पत्ते लें, उसमें से एक रस तैयार करें और फिर इसकी कुछ बूंदें नासिका में डालें। इससे नकसीर से राहत मिलती है।

पीलिया में है मददगार :-

पीपल के पत्ते लें और कुछ मिश्री मिलाकर रस तैयार करें। इस रस को दिन में 2-3 बार पिएं। यह पीलिया और इसके लक्षणों को कम करने में मदद करता है।

कब्‍ज से राहत दिलाए :-

पीपल के पत्तों को बराबर मात्रा में सौंफ के बीज के पाउडर और गुड़ के साथ लें। सोने से पहले दूध के साथ ऐसा करें। इससे कब्ज से राहत मिलेगी।

ह्रदय रोगों का करे नाश :-

कुछ पीपल के पत्ते लें, उन्हें पानी के एक जार में भिगोकर रात भर छोड़ दें। पानी को डिस्टिल्ड करें और फिर इसे दिन में दो-तीन बार पिएं। यह दिल की धड़कन और दिल की कमजोरी से राहत प्रदान करने में मदद करता है।

ब्‍लड शुगर को रखे नियंत्रित :-

पीपल शरीर में रक्त शर्करा के स्तर को कम करने के लिए पाया जाता है। पीपल के फल के पाउडर को हरितकी फल के पाउडर के साथ लिया जाता है, जो त्रिफला के घटकों में से एक है, रक्त शर्करा के स्तर को कम करने में मदद करता है।

अधिक जानकारी के लिए देखे विडियो :-

 

अगर आपको ये पोस्ट अच्छी लगी तो जन-जागरण के लिए इसे अपने Facebook पर शेयर करें ।

ऐसी ही और बातों के लिए like करें हमारे पेज Such Khu को।

और ऐसे ही अन्य स्वास्थ्य सम्बन्धी जानकारी के लिए निचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें और गुरूप ज्वाइन करें।

जुडें हमारे फेसबुक ग्रुप से क्लिक करें आयुर्वेदिक देशी नुस्खे।


Warning: A non-numeric value encountered in /home/khabarna/public_html/suchkhu.com/wp-content/themes/Newspaper/includes/wp_booster/td_block.php on line 352