मुंह के छाले तुरंत ठीक करने के सबसे सस्ता और आसान उपाय

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मुंह के छाले होना सामान्य बात है। इसे बीमारी तो नहीं कह सकते, लेकिन यह बीमार होने के लक्षण जरूर हैं। यह कभी भी और किसी को भी हो सकते हैं। अक्सर ऐसा बुखार होने के बाद या अंदरूनी बुखार होने पर गर्मी की वजह से होते हैं। ये होंठ या गाल में होते हैं और कष्टदायी होते हैं। वैसे तो ये कुछ दिनों में ठीक हो जाते हैं, लेकिन जब तक रहते हैं, व्यक्ति का खाना-पीना मुश्किल हो जाता है। इसलिए, अगर आप अपने मुंह के छाले की समस्या को जल्द ठीक करना चाहते हैं, तो इस लेख को जरूर पढ़ें। यहां हम न सिर्फ आपको मुंह में छाले होने के कारण बता रहे हैं, बल्कि मुंह के छालों के उपचार भी आपके साथ शेयर कर रहे हैं।

मुंह के छाले क्या होते हैं?

मुंह के छाले को कोल्‍ड सोर भी कहा जाता है। ये छोटे और तरल पदार्थ से भरे हुए होते हैं, जो आमतौर पर होंठों पर व उसके आस-पास या मुंह के अंदर गाल में होते हैं। ये किस करने से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को हो सकते हैं। ऐसा हर्पस सिंप्लेक्स वायरस (एचएसवी-1) के कारण होता है, जो करीब-करीब जेनिटल हर्पीज (एचएसवी-2) यानी गुप्तांग में होने वाले दाद की तहर होता है। मुंह के छाले या कोल्‍ड सोर दिखाई दे या न दें, लेकिन यह एक से दूसरे को होने वाला संक्रामक रोग हैं।

मुँह के छाले प्रायः पेट की गड़बड़ी से होते हैं। ये छाले कभी जीभ  की नोक पर तो कभी पूरी जाभ पर निकलते हैं।  छाले के कारण मुँह में बार बार पानी आने लगता है।  इन छालों  में जलन तथा दर्द होता है। होठों पर भी छाले आ जाते हैं। मुह के छाले हो रहे है इसका सीधा सा मतलब है कि पेट आपका साफ नहीं हो रहा है और बड़ी आंत आपकी कचरे से भरी हुई है. उसके लिए एक सबसे आसान उपाय है कि पानी को घुट घुट करके पिए. जैसे ही बड़ी आंत साफ हो जाएगी छाले कभी नहीं होंगे

मुंह के छाले ठीक करने के घरेलू उपचार –

शहद

सामग्री

  • आधा चम्मच शहद

कैसे उपयोग करें

  • अपनी उंगली से शहद को अपने कोल्ड सोर पर लगाएं।
  • फिर पांच से आठ मिनट के लिए इसे लगा रहने दें।
  • उसके बाद पानी से धो लें।

कब लगाएं ?

दिनभर में दो बार लगाएं।

कैसे फायदेमंद है ?

शहद में एंटी-माइक्रोबियल गुण होते हैं । यह न सिर्फ छाले को ठीक कर सकता है, बल्कि छाले के जलन से भी त्वचा को आराम देगा। इसके लगातार उपयोग से छाले जल्दी ठीक हो सकते हैं।

मुलेठी की जड़

सामग्री

  • एक चम्मच मुलेठी की जड़ का पाउडर
  • एक या दो चम्मच पेट्रोलियम जेली (वैसलीन)

कैसे उपयोग करें

  • मुलेठी के पाउडर को जेली के साथ मिलाकर चिपचिपा पेस्ट बना लें।
  • इसे कोल्ड सोर पर लगाकर सूखने दें।

कब लगाएं?

इसे दिनभर में हर कुछ घंटों में लगाएं।

कैसे फायदेमंद है ?

मुलेठी की जड़ में ग्लिसराइजिन होता है, जो वायरस को बढ़ने से और संक्रमण को दोबारा होने से रोकता है यह पेट्रोलियम जेली के साथ मिलकर कोल्ड सोर को भरने में मदद करता है।

समुद्री नमक

सामग्री

  • चुटकीभर समुद्री नमक

कैसे उपयोग करें

  • अपने हाथ को अच्छे से धोकर सी सॉल्ट को अपने छाले पर लगाएं।
  • 30 सेकंड तक अपनी उंगली को छाले पर रखे रहें।
  • फिर धो लें।

कब लगाएं ?

इसे दिनभर में दो-तीन बार लगाएं।

कैसे फायदेमंद है ?

नमक में एंटी-माइक्रोबियल और वायरस को निष्क्रिय करने के गुण मौजूद होते हैं, जो कोल्ड सोर को ठीक कर सकते हैं

लहसुन

सामग्री

  • लहसुन की एक छोटी कली

कैसे उपयोग करें

  • लहसुन की कली को कुचलकर छाले पर लगाएं।
  • बेहतर परिणाम के लिए आप सुबह-सुबह लहसुन का सेवन भी कर सकते हैं।

कब लगाएं ?

इसे दिनभर में दो से तीन बार लगाएं

कैसे फायदेमंद है ?

लहसुन में मौजूद यौगिक और गुण हर्पीस सिंप्लेक्स वायरस टाइप-1 के प्रभाव को कम कर सकता है। यह छाले को ठीक करने का बहुत ही आसान और सस्ता उपाय है।

पिपरमिंट तेल

सामग्री

  • पिपरमिंट का तेल
  • रूई

कैसे उपयोग करें

  • रूई को पिपरमिंट ऑइल में भिगोकर छाले पर लगाएं।
  • 15 से 20 मिनट तक इसे लगे रहने दें और फिर धो लें।

कब लगाएं ?

आप इसे दिनभर में तीन बार लगा सकते हैं।

कैसे फायदेमंद है ?

पिपरमिंट का तेल हर्पस सिम्प्लेक्स वायरस के खिलाफ काम करता है और वायरस के प्रभाव को कम (virucidal activity) करने का काम करता है। इसके अलावा, अध्ययन में यह भी निष्कर्ष निकाला गया है कि इसे बार-बार होने वाला हर्पीस संक्रमण में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लगातार उपयोग से छाले आसानी से ठीक हो सकते हैं।

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