सौंठ सर्दियों की संजीवनी बूटी है ,कफ से कैंसर तक में लाभदायक

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सौंठ भारतीय रसोईघर के मुख्‍य मसालो में से एक है। जिसका उपयोग औषधीय के तौर पर भी किया जाता है। सौंठ को निर्माण अदरक को सूखाकर किया जाता है। हालांकि इसकी तासीर बहुत गर्म होती है। इसल‍िए सर्दियों के मौसम में इसका बहुत उपयोग किया जाता है। सौंठ में प्रचुर मात्रा में प्रोटीन, नाइट्रोजन, अमीनो एसिड्स, स्टार्च, ग्लूकोज, सुक्रोस, फ्रूक्टोस, सुगंधित तेल, ओलियोरेसिन, जिंजीवरीन, रैफीनीस, कैल्शियम, विटामिन बी और सी, प्रोटिथीलिट एन्जाइम्स और आयरन जैसे गुण पाए जाते है जो सेहत के ल‍िए काफी फायदेमंद होता है।

सर्दियों में कई घरों में विशेष तौर पर सौंठ के लड्डू तैयार किए जाते है ताकि शरीर पर ठंड का असर न पड़े। इसके अलावा सर्दियों में लोग सौंठ की चाय पीकर भी इससे होने वाले औषधीय गुणों की पूर्ति करते है, आइए जानते है सौंठ के फायदों के बारे में।

दिल की गति सही रखे : दिल कमजोर हो, धड़कन तेज या बहुत कम हो जाती हो, दिल बैठने लगता हो तो 1 चम्मच सोंठ को एक कप पानी में उबालकर उसका काढ़ा बना लें। यह काढ़ा रोज इस्तेमाल करने से लाभ होता है।

भूख के लिए : भोजन से पहले अदरक को चिप्स की तरह बारीक कतर लें। इन चिप्स पर पिसा काला नमक बुरक कर खूब चबा-चबाकर खा लें फिर भोजन करें। इससे अपच दूर होती है, पेट हलका रहता है और भूख खुलती है।

हिचकी के लिए : सोंठ को दूध में मिलाकर उबालकर ठंडा कर लें। ठंडा होने के बाद पीने से हिचकी आना बंद हो जाती है। अगर पसलियों में दर्द हो तो पानी के साथ उबालकर ठंडा कर के दिन में चार बार पीने से आराम मिलता है।

लकवे के असर को कम करे : लकवे की गंभीर बीमारी से बचने के लिए सूखी अदरक का पाउडर, जिगरी और गर्म मसूर की दाल को मिलाकर सेवन करना चाहिए इससे लक्वे का प्रभाव भी कम होता है। इसके अलावा लहसुन, सूखी अदरक और पानी मिलाकर लेप लगाने से भी खास असर देखने को मिलता है।

दांत दर्द में फायदेमंद: मसूड़ों में सूजन या दांत दर्द से पीड़ित है तो आधा चम्मच सोंठ पाउडर में चुटकी भर हल्दी मिलाकर मिश्रण बनाले। प्रभावित हिस्से पर इससे लगाने से फायदा होगा।

पेट गैस : सोंठ, काला नमक और हींग को एक साथ मिलाकर लेने से पेट में गैस की समस्या से आराम मिलता है। पीसी हुईं सोंठ और कैरम के बीज को नींबू के रस में भिगोकर छाया में सुखा लें। रोज सुबह इसका सेवन करने से गैस और पेडू से दर्द से आराम मिलता है।

सिर – माइग्रेन :  गर्दन, सिरदर्द और शरीर के किसी भी हिस्से में दर्द होने पर सूखी अदरक और पानी का लेप बनाकर लगाने से आराम मिलता है। सूखी अदरक को सूंघने से सिर दर्द को आराम पहुंचाता है।

कैंसररोधी : सोंठ में कैंसररोधी गुण भी पाए जाते हैं, जो कैंसर वाली कोशिकाओं को बढ़ने से रोकते हैं। इससे गर्भाशय के कैंसर की संभावनाओं को कम करने में भी काफी मदद मिलती है।

कफ की परेशानी करे दूर : आधा चम्मच सौंठ के पाउडर के साथ मुलेठी के एक चम्मच चूर्ण को मिलाकर पानी में उबालकर गुनगुना पीने से गले में जमा कफ निकल जाएगा। यह खांसी की दिक्कत में भी आराम देता है।

खांसी और जुकाम को दूर भगाएं : अगर सर्दी के मौसम में खांसी और जुकाम ने आपको जकड़ ल‍िया है तो एक चम्‍मच सौंठ को चाय में मिलाकर पी लें। इससे जुकाम और खांसी से राहत‍ तो मिलेगी ही, साथ ही गले का दर्द भी कम हो जाएगां।

वजन कम करने के लिए : सौंठ की चाय न सिर्फ सर्दी और जुकाम के ल‍िए फायदेमंद है, बल्कि वेटलॉस के ल‍िए भी ये काफी फायदेमंद साबित होती है। इसमें थर्मोजेनिक एजेंट नामक तत्व होता है जो वसा को जलाने में मदद करता है, जिससे वजन आसानी से कम होता है। चाय बनाते समय एक चम्‍मच सौंठ उसमें डाल दें। 10 मिनट तक इसे चाय के साथ उबलने दें। फिर इसे छन्नी की मदद से छान लें और कुछ बूंद नींबू का रस मिला लें। मीठे के लिए बेहतर रहेगा कि आप शहद का इस्तेमाल करें।

हिचकी से दिलाए आराम : अगर आपको हिचकी की समस्‍या है तो गुनगुने दूध में एक चम्‍मच सौंठ मिलाकर पी लें। इस समस्‍या से तुरंत आराम मिलेगा।

बदन दर्द से आराम : शरीर के किसी भी हिस्से में दर्द होने पर सौंठ को पानी के साथ मिलाकर उसका लेप बनाकर लगाने से आराम मिलता है। सूखी अदरक को सूंघने से सिर दर्द को आराम पहुंचाता है।

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