जानिए भीगी किशमिश रोजाना खाने से क्या फायदे होते हैं

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किशमिश बहुत छोटी होती है लेकिन इसमें कई सारे गुण मौजूद होते हैं। आपको बता दें कि किशमिश में आयरन, पोटेशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम और फाइबर की बहुत ज्यादा मात्रा होती है। इसके साथ ही किशमिश में प्रचुर मात्रा में कार्बोहाइड्रेट भी मौजूद होता है और यह हमारे शरीर के लिए एनर्जी का सबसे अच्छा सोर्स भी है। इसे हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद माना गया है। वहीं अगर आयुर्वेद की मानें तो उसके मुताबिक अगर आप रोजाना सूखी किशमिश खाने की जगह भीगी हुई किशमिश खाएंगे तो इससे आपको फायदा और भी ज्यादा मिलेगा।

आप रात को सोते समय 10 से 15 किशमिश को पानी में भिगोकर रख दें और सुबह खाली पेट किशमिश को चबाकर खा जाएं। आपको बता दें कि अंगूर को सुखाकर किशमिश बनाई जाती है इस वजह से इसमें कई पोषक तत्व और भी ज्यादा कंसनट्रेटेड रहते हैं। किशमिश में शुगर और कैलोरी बहुत ज्यादा होती है। लेकिन यह आपको नुकसान नहीं पहुंचाती बल्कि फायदा पहुंचाती है।

किशमिश की इस बात को जानने के बाद आप हैरान रह जाएंगे कि किशमिश खाने से आप अपने मोटापे को भी कम कर सकते हैं। अगर आप रोजाना एक्सरसाइज करें और साथ में किशमिश भी खाएं तो आपका वजन काफी तेजी के साथ कम होगा। तो चलिए अब आपको बताते हैं किशमिश से होने वाले फायदों के बारे में।

किशमिश के पोषक तत्व

किशमिश में प्रोटीन , कार्बोहाइड्रेट , विटामिन B 6 ,  विटामिन K , आयरन , पोटेशियम , कैल्शियम , मेग्नेशियम, सेलेनियम होते हैं। इसमें प्राकृतिक शक्कर तथा फायबर प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।

इसके अलावा इसमें पॉलीफेनोल्स, एंटीऑक्सीडेंट , फाइटो केमिकल्स , फ्लेवेनॉयड्स , एमिनो एसिड आदि पोषक तत्व भी होते  हैं। ये सब मिलकर किशमिश को एक शानदार आहार बनाते हैं। यह तुरंत ताकत देने वाला एक अच्छा आहार है।

किशमिश के फायदे

दांत और मसूड़े

किशमिश मीठा होता है लेकिन इससे दांत ख़राब नहीं होते बल्कि यह दांत और मसूड़े ख़राब होने से बचाता है। इसमें पाए जाने वाले ओलिनोलिक एसिड नामक फाइटो केमिकल तत्व दांत की कैविटी से रक्षा करते हैं तथा मुंह में पाए जाने वाले नुकसानदायक बैक्टीरिया को नष्ट करने में सहायक होते हैं।

ये मसूड़ों को बीमारी और इन्फेक्शन से बचाते हैं। इसके अलावा किशमिश से मिलने वाला कैल्शियम दांत के इनेमल को मजबूत बनाता है।

पाचन

किशमिश मे फाईबर बहुतायत में होता है। सूखने के दौरान इसके फाइबर सिकुड़ जाते हैं लेकिन पेट में जाकर वापस अपने स्वरुप में आ जाते हैं। घुलनशील और अघुलनशील दोनों प्रकार के फाइबर के कारण यह कब्ज से भी बचाता है और दस्त में भी लाभदायक होता है।

इनसे पेट और आँतों की सफाई हो जाती है। इससे भोजन के पोषक तत्वों का अवशोषण सही तरीके से हो पाता है। इस कारण से भूख अच्छी लगी है ,  पाचन शक्ति मजबूत होती है तथा  स्वास्थ्य अच्छा बना रहता है।

ब्लड प्रेशर

किशमिश में पाए जाने वाले पोटेशियम के कारण इसके नियमित उपयोग से ब्लड प्रेशर कम होता है। पोटेशियम हार्ट के लिए भी बहुत लाभदायक होता है। यह कोशिका , शरीर के टिशू , तथा अन्य अंगों के सही तरीके से कार्य करने में सहायक होता है। यह स्ट्रोक का खतरा कम करता है। इसके अलावा किश मिश  में पाया जाने वाले फाइबर भी ब्लड प्रेशर और हृदय के लिए लाभदायक होते हैं।

कैंसर से बचाव

ड्राई फ्रूट विशेष कर खजूर , किशमिश आदि में फेनोलिक तत्व होते हैं जो ताकतवर एंटीऑक्सीडेंट का काम करते हैं। एंटीऑक्सीडेंट ऐसे तत्व होते हैं जो फ्री रेडिकल्स का हानिकारक प्रभाव मिटाकर कैंसर तथा अन्य कई गंभीर बीमारियों को दूर रखने में सहायक होते हैं।

खून की कमी

किशमिश में आयरन खूब होता है , जो खून की कमी दूर कर सकता है। इसमें विटामिन B कॉम्पेक्स समूह के कई विटामिन होते हैं। ये नया खून बनने में सहायक होते हैं। इसमें पाया जाने वाला कॉपर भी नया रक्त बनने में मददगार होता है। विशेषकर काले द्राक्ष या किश मिश खून की कमी दूर करने में बहुत उपयोगी साबित होते हैं। इसमें पाए जाने वाले विटामिन ,  एमिनो एसिड तथा खनिज भोजन के पोषक तत्वों के अवशोषण की शक्ति बढ़ाते हैं।

बुखार की कमजोरी

किशमिश में कई ऐसे तत्व होते हैं जो वाइरल तथा बैक्टीरियल इन्फेक्शन को दूर करके इनसे होने वाले बुखार को दूर रखते हैं तथा इनके कारण होने वाली कमजोरी दूर करते हैं। इन्हे खाने से तुरंत ताकत मिलती है। बुखार में इन्हे कम मात्रा में लेना चाहिए।

आँख

किशमिश में पाए जाने वाले फीटो नुट्रिएंट्स आँखों के स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक होते हैं। ये फ्री रेडिकल के कारण आँख को होने वाले नुकसान जैसे मेक्यूला की खराबी , उम्र के साथ होने वाली आँखों की कमजोरी , मोतियाबिंद आदि से बचाते हैं। इसमें पाया जाने वाले विटामिन A  भी आँख के लिए फायदेमंद होता है।

यौन कमजोरी

किशमिश बहुत समय से कामेच्छा बढ़ाने के लिए जाने जाते हैं। इसमें पाया जाने वाला अर्जिनिन नामक तत्व यौन संस्थान की कमजोरी दूर करता है। यह शुक्राणु की संख्या में वृद्धि करने में भी सहायक होता है।

नियमित किशमिश खाने से लिंग में शिथिलता या ताकत में कमी दूर होती है तथा यौन सम्बन्ध के आनंद में वृद्धि होती है । महिलाओं की अरुचि और कमजोरी भी इनके उपयोग से दूर होती है।

हड्डी की मजबूती

हड्डी के लिए कैल्शियम एक जरुरी तत्व है। किशमिश में कैल्शियम की भरपूर मात्रा होती है। इसके अलावा इसमें बोरोन नामक माइक्रो न्यूट्रिएंट होता है।

बोरोन हड्डी के निर्माण तथा कैल्शियम के उचित अवशोषण के लिए जरुरी होता है। यह महिलाओं में मेनोपोज़ के कारण होने वाले ऑस्टियो पोरोसिस को रोकने में सहायक होता है तथा हड्डी और जोड़ों के लिए फायदेमंद होता है। इसके किशमिश से मिलने वाले पोटेशियम की मौजूदगी भी हड्डी की मजबूती में योगदान प्रदान करता है।

सावधानियां

यदि पहले से ट्राई-ग्लाइसेराइड बढ़े हुए हों या लिवर की परेशानी हो तो किशमिश सावधानी और डॉक्टर की सलाह के बाद ही खाने चाहिए।

किशमिश सल्फरडाई ऑक्साइड गैस से ट्रीटमेंट किये हुए हो सकते है। यदि इस गैस से एलर्जी हो तो यह परेशानी का कारण बन सकते हैं। ऐसे में सावधानी बरतनी चाहिए और अस्थमा जैसी कोई परेशानी हो तो किशमिश का उपयोग कम करना चाहिए। सूरज की रोशनी यानि धूप में सुखाये किशमिश से यह नुकसान नहीं होता है।

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