जानिए ! जौ के औषधीय गुण तथा इसके आयुर्वेदिक स्वास्थ्य वर्धक लाभ

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आज हम बात करेंगें जौ के फायदे के बारे में जौ एक ऐसा अनाज है। जिसे भारत के लोग बड़े ही चाव के साथ खाते हैं लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं जिन्हें इसका सेवन अच्छा नहीं लगता। जो लोग इसका सेवन नहीं करना चाहते या जिन्हें यह पसंद नहीं हैं। उन्हें आज हम बता दें कि जौ में बहुत से गुण पाएं जाते हैं जो हमारी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं।

हमारे ऋषियों-मुनियों का प्रमुख आहार जौ ही था। वेदों द्वारा यज्ञ की आहुति के रूप में जौ को स्वीकारा गया है। स्वाद और आकृति के दृष्टिकोण से जौ, गेहूं से एकदम भिन्न दिखाई पड़ते हैं, किन्तु यह गेहूं की जाति का ही अन्न है अगर गुण की नज़र से देखा जाये तो जौ-गेहूं की अपेक्षा हल्का होता है और मोटा अनाज भी होता है जोकि पूरे भारत में पाया जाता है।

जौ के पौधे गेहूं के पौधे के समान होते हैं और उतनी ही ऊंचाई भी होती है। जौ खासतौर पर 3 तरह की होती है। तीक्ष्ण नोक वाले, नोकरहित और हरापन लिए हुए बारीक।

वैज्ञानिक मतानुसार : जौ बीमार लोगों के लिए उत्तम पथ्य है। जौ(jo / jau) में से लेक्टिक एसिड, सैलिसिलिक एसिड, फास्फोरिक एसिड, पोटैशियम और कैल्शियम उपलब्ध होता है। जौ में अल्पमात्रा में कैरोटिन भी है। सुप्रसिद्ध मलटाइन काडलीवर नामक दवा में जौ का उपयोग होता है।

जौ के जबरदस्त फायदे व उसके औषधिय गुण

गर्भपात रोकता है :

जिन महिलाओं को गर्भपात जैसी समस्या से गुजरना पड़ता है। उन महिलाओं के लिए जौ का सेवन बहुत हुए फायदेमंद साबित होता है। इसका सेवन करने के लिए महिलाएं जौ के आटे में घी और ड्राई फ्रूट डाल कर लड्डू बनाकर उनका सेवन कर सकती है।

रंग को निखारना :

  • 1 मुट्ठी छने हुए जौ के आटे को एक पतले से कपड़े में बांधकर पोटली बना लें फिर उस पोटली को कच्चे दूध में भिगोकर हफ्ते में कम से कम 3 बार नहाते समय शरीर पर रगड़ने से धीरे-धीरे त्वचा का सांवलापन दूर हो जाता है।
  • जौ का आटा, पिसी हुई हल्दी और सरसों के तेल को पानी में मिलाकर लेप बना लें। रोजाना शरीर में इसका लेप करके गर्म पानी से नहाने से काले रंग वाले लोगों का रंग गोरा होने लगता है।

मोटापा में फायदेमंद :

लोगों का जंक फ़ूड के प्रति बढ़ता रुझान आज मोटापा की बढ़ी वजह बना हुआ है। अधिकतर लोग अपने बढ़ते वजह से परेशान रहते हैं। ऐसे लोगों के लिए भी जौ काफी लाभकारी है। इसे दूध के साथ या खीर बनाकर खाने से मोटापा कम होता है।

डायबिटीज में फायदेमंद:

जो लोग डायबिटीज के मरीज होते हैं उनके लिए जौ का सेवन बहुत फायदेमंद होता है। दरअसल डायबिटीज के मरीजों को हेल्दी डाइट लेनी पडती है। इसलिए यह उन्हें बहुत फायदे पहुंचाती है। आपकी इसके आटे की रोटी बनाकर खा सकते हैं आप इसमें चने का आटा भी मिक्स कर सकते हैं।

बच्चों की चिकित्सा:

अच्छा खाना मिलने के बावजूद भी जो बच्चा सूखता चला जा रहा हो, कमजोर होता चला जा रहा हो, बार-बार खाना खाने के बाद भी भूख ही भूख चिल्ला रहा हो तो उसको बिदारीकन्द, गेहूं, जौ का आटा और घी मिलाकर खिलाना चाहिए तथा ऊपर से शहद और मिश्री के साथ दूध पिलाना चाहिए। अगर कच्चा दूध नुकसान करे तो दूध गर्म करके ठण्डा होने पर उसमें शहद और मिश्री मिलाकर पिलाना चाहिए।

प्यास अधिक लगना(Thirsty):

  • एक कप जौ कूटकर दो गिलास पानी में 8 घंटे के लिए भिगोकर रख दें। 8 घंटे बाद इसे आग पर उबालकर इसके पानी को छानकर गर्म-गर्म पानी से गरारे करने से तेज प्यास मिट जाती है।
  • सेंके हुए जौ के आटे को पानी में मथकर (न अधिक गाढ़ा हो और न अधिक पतला) घी मिलाकर पीने से प्यास, जलन और रक्तपित्त दूर होती है।

लू का लगना: रोगी के शरीर पर जौ के आटे का लेप (उबटन) मलने से लाभ मिलता है।

शरीर का शक्तिशाली होना:

  • जरूरत के अनुसार जौ लें और इनको पानी में भिगोकर कूट लें और इनका छिलका उतार लें। अब लगभग 60 ग्राम की मात्रा में छिले हुए जौ को लगभग 500 मिलीलीटर दूध में डालकर इसकी खीर बनायें। दो महीनों तक इसको लगातार खाने से पतला आदमी भी मोटा हो जाता है और उसके शरीर में जबरदस्त ताकत आ जाती है। अगर इस खीर का प्रयोग प्रतिदिन न कर सके तो हफ्ते में कम से कम दो या तीन बार अवश्य करें।
  • उबले हुए जौ का पानी रोजाना सुबह और शाम को पीने से शरीर में खून बढ़ता है। जौ का पानी गर्मियों के दिनों में पीने से अधिक लाभ मिलता है।

पेशाब में खून आना:

50 ग्राम जौ को आधा किलो पानी में डालकर उबाल लें। जब उबलने पर पानी आधा बाकी रह जाये तो उसे उतारकर दिन में 3 बार पीने से पेशाब में खून आना बंद हो जाता है।

गर्मी के कारण चक्कर आना: जौ का सत्तू पीने या खाने से शरीर में ठण्डक आती है और शरीर गर्मी सहन कर सकता है।

पीलिया: जौ(jo) के सत्तू खाकर ऊपर से एक गिलास गन्ने का रस पिएं, चार-पांच दिन में ही पीलिया का रोग दूर हो जाएगा।

सावधानी : जौ का अधिक मात्रा में उपयोग मूत्राशय के लिए हानिकारक हो सकता है।

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