जानिए काजू के अनेक अनमोल आयुर्वेदिक गुण ,स्वास्थ्य लाभ और उपयोग की विधि

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काजू (kaju) एक प्रकार का फल होता है जो सूखे मेवे में शामिल होता है। इसके पौष्टिक गुण इतने है कि आयुर्वेद में काजू को कई तरह के बीमारियों के लिए प्रयोग में लाया जाता है। काजू दांत दर्द से लेकर दस्त,कमजोरी जैसे अनेक रोगों से राहत दिलाने में मदद करता है।

काजू को यूं ही खाने से भी न सिर्फ इसके स्वास्थ्यवर्द्धक गुणों का लाभ मिलता है बल्कि काजू को व्यंजन में  डालने से व्यंजन का जायका बदलता है। इसके साथ ही काजू खाने से सेहत और सौन्दर्य में भी निखार आता है। काजू खाने से खून की कमी, कमजोरी दूर होती है, काजू शान्तिदायक, चिकना और पौष्टिक होता है। जो लोग बार-बार उल्टी करते हैं, कमजोर होते हैं, उन्हें काजू खाने चाहिए है। काजू दिल की सेहत के लिए भी लाभकारी है।

काजू के गुण

काजू के बारे में जितना बताये वह कम ही होगा। क्योंकि काजू पौष्टिकता से भरपूर होता है, और थोड़ा कड़वा, गर्म तथा वात-पित्त और कफ को करनेवाला होता है। इसके अलावा काजू  पेट के रोग, बुखार, कृमि, घाव, सफेद कुष्ठ, संग्रहणी (इरिटेबल बॉवल सिंड्रोम), पाइल्स तथा भूख न लगने जैसे बीमारियों में लाभप्रद होता है। इसका जड़ तीव्र विरेचक (शरीर से अवांछित पदार्थ निकलना) तथा  कमजोरी दूर करने में सहायक होता है। काजू की बीजमज्जा पोषक, मृदुकारी तथा विष को कम करने में मदद करती है।

काजू के फायदे

रक्ताल्पता (एनीमिया)- काजू में आयरन अधिक होता है। इसलिए रक्त की कमी के रोगियों को सर्दी के मौसम में काजू रोजाना खाने चाहिए।

भूख

काजू पाचन-शक्ति बढ़ाता है। इससे भूख अधिक लगती है। पेट में भरी गैस बाहर निकलती है।

याद रखने की क्षमता बढ़ाने के लिए

सुबह नाश्ते के रूप में खली पेट काजू खाकर शहद खाने से स्मरण-शक्ति बढ़ती है। विद्यार्थियों, बुद्धिजीवियों को काजू जरुर खाने चाहिये। इसे खाने से आंखे भी तेज होती हैं। इस उपाय से दिमाग तेज चलेगा और उसकी वजह से आपकी आंखे भी अच्छी होंगी।

काजू का दूध

काजू का दूध और दही शारीरिक अशक्ति, दुर्बलता में विशेष उपयोगी है। काजू दो घंटा भिगोकर पीसकर पाँच गुने पानी में घोलकर छान लें। यह काजू का दूध बन गया है। दिखने में यह गाय के दूध जैसा होता है। यह बहुत आसानी से पचने वाला, हल्का, स्वादिष्ट होता है और बीमारी के बाद की कमजोरी को दूर कर ताकत बढ़ाता है, शरीर मोटा-ताजा करता है।

दांत दर्द से राहत दिलाये काजू :-

अगर दांत दर्द से परेशान रहते हैं तो काजू का इस्तेमाल इस तरह से करने पर लाभ मिलता है। काजू का पत्ता एवं छिलके का काढ़ा बनाकर गरारा करने से दांत का दर्द कम होता है तथा दांत के जड़ में जो घाव होता है उससे भी राहत मिलती है।

दस्त रोके काजू

अगर असंतुलित खान-पान के कारण दस्त हो रहा है तो काजू का इस्तेमाल ऐसे करें। 10 मिली काजू के फल के रस में मधु मिलाकर, दिन में एक बार सेवन करने से दस्त (अतिसार) में लाभ होता है।

मूत्र संबंधी बीमारियों से दिलाये निजात काजू

मूत्र संबंधी बीमारी मतलब मूत्र करते समय दर्द या जलन होना, रुक-रुक कर पेशाब आने जैसी समस्याओं में काजू काम आता है। 10-15 मिली काजू फल के रस में मधु मिलाकर, दिन में एक बार सेवन करने से मूत्र संबंधी रोग, मूत्राशय में सूजन आदि में लाभ होता है।

माहवारी के दर्द से राहत दिलाये काजू

मासिक धर्म के दौरान दर्द की समस्या से अगर पीड़ित हैं तो 10-15 मिली काजू फल के रस में मधु मिलाकर सेवन करने से कष्ट से आराम मिलता है।

आमवात या अर्थराइटिस का दर्द करे कम काजू (Kaju Fruit Benefits in Arthritis in Hindi)

उम्र के बढ़ते ही अर्थराइटिस की समस्या से सब ग्रस्त हो जाते हैं। काजू फल के रस को जोड़ों में लेप करने से आमवात जन्य दर्द में लाभ होता है।

त्वचा संबंधी रोगों से दिलाये राहत काजू (Kaju to Treat Skin disease in Hindi)

प्रदूषण के कारण त्वचा संबंधी बहुत तरह की बीमारियां होने लगी है।  काजू के शाखा को पीसकर लगाने से त्वचा संबंधी का समस्याओं से राहत मिलती है।

मस्सों का आना कम करने में करे मदद काजू (Kaju to Treat Warts in Hindi)

आजकल के प्रदुषण भरे वातावरण के कारण मस्सा आदि की समस्या भी होने लगी है। काजू के छिलके का तेल लगाने से शरीर के छोटे-छोटे काले मस्से नष्ट हो जाते हैं।

कुष्ठ संबंधी लक्षणों से दिलाये राहत काजू (Benefits of Kaju in Leprosy Symptoms in Hindi)

कुष्ठ के लक्षणों से राहत दिलाने में काजू काम आता है। कुष्ठ के कारण त्वचा में जो शून्यता आती है इस तेल को लगाने से वह मिटती है।

कमजोरी दूर करे काजू (Kaju Benefits in Weakness in Hindi)

अगर लंबे समय तक बीमार रहने के कारण कमजोर हो गए हैं तो  2-4 काजू को 100 मिली दूध में मिलाकर खाने से कमजोरी दूर होती है तथा शरीर पुष्ट होता है।

पैरों की बिवाई ठीक करे काजू (Kaju to Heal Crack Heels in Hindi)

अक्सर ठंडे के मौसम में पैर फट कर उसमें से बिवाई निकलने लगती है। काजू के छिलके का तेल लगाने से पैरों की बिवाई ठीक हो जाती है।

सूजन कम करने में सहायक है काजू (Kaju  Beneficial in Inflammation in Hindi)

अगर किसी बीमारी के लक्षण के स्वरुप सूजन की परेशानी है तो फल के रस को सूजन वाले जगह पर लगाने से लाभ मिलता है।

काजू का उपयोगी भाग (Useful Parts of Kaju)

काजू के फल, त्वचा, जड़, बीजपत्र तथा पत्ते के तेल का इस्तेमाल औषधि के रूप में  किया जाता है।

काजू का सेवन कैसे करना चाहिए (How to consume Kaju in Hindi)

बीमारी के लिए काजू के सेवन और इस्तेमाल का तरीका पहले ही बताया गया है। अगर आप किसी ख़ास बीमारी के इलाज के लिए काजू का उपयोग कर रहे हैं तो आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह ज़रूर लें।

चिकित्सक के परामर्श के अनुसार

-10-20 ग्राम बीजफल का सेवन कर सकते हैं।

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