जानिए कद्दू (सीताफल ) जरूर क्यों खाना चाहिए और इसके क्या फायदे

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कद्दू बेहद फायदेमंद सब्जी होता है इसके बीजों में भी पोषक तत्वों से भरा होता है ।अधिकतर लोगो को कद्दू की सब्जी, खाना पसंद नहीं होता है। कद्दू को देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग नामों से भी जाता है।कद्दू को लोग काशीफल के नाम से भी जानते है ।

कद्दू को अंग्रेजी में pumpkin के नाम से भी जाना जाता है। कद्दू हेल्थ के लिए गुणकारी होता है।कद्दु के छिलके और बीज भी पोषक तत्वों से भरपूर होते है। यहाँ कद्दु के तथा उसके बीजों से मिलने वाले पोषक तत्व और फायदे जानकर आप भी स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

इसमें कई सारे विटामिंस होते हैं।  कद्दू से प्रोटीन , विटामिन , खनिज , कार्बोहाइड्रेट , एंटी-ओक्सिडेंट तथा फाइबर मिलते हैं।  यह विटामिन A तथा विटामिन C का बहुत अच्छा स्रोत है। इसके अलावा इससे से विटामिन B 1 , B2 , B 3 , B 5 , B 6 ,  विटामिन E ,  तथा फोलेट मिलता है।

इसमें पोटेशियम , कॉपर , आयरन , फास्फोरस , कैल्शियम , मैग्नेशियम , जिंक आदि खनिज तथा कई प्रकार के एंटी-ओक्सिडेंट होते हैं।यदि आप कद्दू को रोजाना खाते हैं तो ये आपके लिए ना केवल फायदेमंद है बल्कि आपको फिट रखने के साथ कई तरह की बीमारियों से भी दूर रखता है।

कद्दु की बेल होती है जो लम्बी , मोटी और रोयेंदार होती है तथा इसमें पीले रंग के फूल लगते हैं। फल के रूप में 4 से 8 किलो तक वजन के Kaddu प्राप्त होते हैं। भारत में इसका उत्पादन मुख्य रूप से आसाम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, बिहार, उड़ीसा तथा उत्तर प्रदेश आदि राज्यों में होता है।

कद्दू को सीताफल sitafal , कुम्हड़ा kumhada , काशीफल kashifal , रामकोहला Ramkohla  , कोड़ा Koda और कुष्मांड Kushmand आदि नामों से भी जाना जाता है । आकार और गुदे के आधार पर इसे सीताफल ( C.Moschata ) , चपन कद्दू ( C .Pepo ) और विलायती कद्दू (C. Maxima ) में बांटा जाता है।

आइए जाने हेल्थ के लिए कितना होता है फायदेमंद

इसमें विटामिन A की प्रचुर मात्रा होती है जो कि एक ताकतवर एंटी-ओक्सिडेंट है। यह स्किन , आँखों , बालों तथा फेफड़ों के लिए बहुत जरुरी होता है साथ ही यह प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और हानिकारक फ्री रेडिकल से बचाव करके कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी से बचाता है।

कद्दू में केलोरी और फैट बहुत कम होते हैं परन्तु यह विटामिन तथा खनिज से भरपूर होता है अतः वजन कम करने तथा कोलेस्ट्रोल कम करने में सहायक होता है। यह ह्रदय रोगियों के लिए लाभदायक है।

कद्दु में पाया जाने वाला जिजेंथिन नामक तत्व आँखों को सूरज की हानिकारक अल्ट्रा वोइलेट किरणों से बचाता है।

मिर्गी , अनिद्रा , डिप्रेशन , मानसिक दुर्बलता जैसे दिमाग सम्बन्धी परेशानियों में कद्दु नियमित रूप से खाने से लाभ होता है। कद्दु खाने से नींद अच्छी आती है।

कद्दू खून साफ करता है , पेट साफ करता है , ताकत देता है तथा पित्त और वायु विकार को दूर करता है।

कद्दू अग्नाशय Pancreas के लिए लाभदायक होता है । खून में शक्कर की मात्रा इसके उपयोग से नियंत्रण में रहती है । अतः डायबिटीज वाले लोगों को कद्दु खाना चाहिए । कद्दु का मीठा स्वाद डायबिटीज में नुकसान नहीं करता बल्कि फायदा ही करता है ।

कद्दु रक्त वाहिनी को लचीली और मजबूत बनाता है । यह अधिक प्यास , जलन , एसिडिटी आदि में फायदा करता है।

कद्दू की तासीर ठंडी होती है। इसे तलवों का रगड़ने से शरीर की जलन में आराम मिलता है ।

आग से जलने पर कद्दू के पत्तों का रस निकाल कर लगाने से फायदा मिलता है ।

कद्दू का रस पीने से पेट ठीक होता है और पेशाब खुल कर आता है।

तो अब जानते हैं कद्दू के बीज के फायदे और उपयोग

बीज में भरपूर मैग्नीशियम पाया जाता है जो दिल के लिए लाभदायक होता है। यह ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखता है।

कद्दू  बीजों में जिंक होता है जो इम्यून सिस्टम सही रखता है , वायरल , सर्दी जुकाम से बचाता है तथा डिप्रेशन को  दूर करता है।

बीज ओमेगा 3 फैटी एसिड से भरपूर होता है जो प्रोस्टेट ग्रंथि को स्वस्थ रखने में सहायक होता है तथा प्रोस्टेट वृद्धि का खतरा कम करता है।

कद्दु के बीज डायबिटीज वालों के लिए लाभदायक होते है। ये इन्सुलिन की मात्रा को संतुलित करने में सहायक होते हैं।

कद्दु के बीज तनाव कम करके अच्छी नींद लाने में सहायक होते हैं।

यदि कमजोरी महसूस होती है तो कद्दु के बीज का उपयोग लाभदायक सिद्ध होता हैं।

कद्दू के बीज पीसकर मिश्री मिलाकर पीने से शरीर की जलन शांत होती है।

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