जानिए कौन सा फल को खाने से कौन सी बीमारी होगी जड़ से दूर

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आज कल लोगों को तमाम तरीके के रोगों ने घेर लिया है। जिसको जितनी ज्‍यादा बीमारियां वह उतना ही ज्‍यादा पैसा डॉक्‍टर के पास पानी की तरह बहाने में तुला हुआ है। यह तो हम सभी जानते हैं कि फल और सब्‍जियां कितने सेहतमंद खाद्य पदार्थ हैं। इन्‍हें नियमित रूप से डाइट में शामिल करने से अच्‍छा रिजल्‍ट प्राप्‍त किया जा सकता है। यहां तक कि फलों के नियमित सेवन से आप हजार तरीके की बीमारियों से निजात पा सकते हैं।

उदाहरण के तौर पर अगर आपको एनीमिया की बीमारी है तो आपके लिये अनार या फिर अंगूर का फल काफी फायदेमंद रहेगा।

हम सह फल इसलिये नहीं खाते क्‍योंकि हमें लगता है कि बाजार में मिलने वाला फल आज कल काफी महंगा आ रहा है, लेकिन दोस्‍तों ये सब तो एक बहाना है। अगर आप फल खरीद कर नहीं खाएंगे और पैसे बचाएंगे तो आपको दूसरी ओर अपनी बीमारी के इलाज के लिये डॉक्‍टर की फीस पर मोटे पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं। इसलिये अपने रोग के अनुसार फलों का सेवन करें और सेहतमंद बनें।

एक बार में कम से कम 80 ग्राम खाने की सलाह दी गयी है। 80 ग्राम मतलब एक सेब, या एक कटोरी सलाद या फिर सब्जी के तीन चम्मच। जानकार बताते हैं कि लोग ज्यादा से ज्यादा दिन में चार बार ही ऐसा कर पाते हैं और इसलिए उन्हें अपनी दिनचर्या बदलने की जरूरत है। इस शोध के लिए चीन और अमेरिका के रिसर्चरों ने आठ लाख तीस हजार लोगों पर अध्ययन किया। 16 अलग अलग शोधों की मदद से इनके आंकड़े जमा किए गए। इन लोगों के चार से 26 साल के जीवन काल पर ध्यान दिया गया। शोध के दौरान 56,000 लोगों की मौत हो गई। इन सभी लोगों की खाने पीने की आदतों पर नजर डालने के बाद वैज्ञानिक इस नतीजे पर पहुंचे कि जो लोग आहार में फल सब्जियां ज्यादा ले रहे थे, उनकी उम्र अन्य लोगों से ज्यादा रही।

इन लोगों को दिल के दौरे का खतरा चार फीसदी कम रहा। साथ ही कैंसर का खतरा भी कम हुआ। लेकिन पांच बार से ज्यादा फल सब्जियों का सेवन करने वालों को कोई खास फायदा होता नहीं दिखा। शोध में सलाह दी गयी है कि डॉक्टर लोगों को इस बारे में जागरूक करें और खाने पीने के साथ ही कसरत के फायदे, धूम्रपान के नुकसान, शराब के सेवन और मोटापे के बारे में भी जानकारी दें।

  1. उच्च रक्त चाप- अंगूर,टमाटर, तरबूज,संतरा, केला,नाशपती, पत्तागोभी, ककडी,नींबू
  2. खून की कमी- अनार, टमाटर,संतरा,अंगूर, स्ट्राबेरी, चुकंदर, गाजर, अंजीर, आलूबुखारा
  3. उच्च कोलेस्टरोल- आम, अखरोट, जामुन, संतरा
  4. हृदय के रोग- सेवफ़ल, अख्र्रोट, केला ,पाएनेपल, तरबूज, नाशपती
  5. लिवर के विकार- पपीता, नीबू, अंगूर, टमाटर, ककडी
  6. मधुमेह- टमाटर, तरबूज, नाशपती, अमरूद , खट्टे फ़ल
  7. खांसी- अंगूर, स्ट्राबेरी, नाशपती, पाईनेपल, नींबू, संतरा
  8. बदहजमी- पपीता, अंगूर, गाजर, चुकंदर, नीबू, संतरा, पाईनेपल, पालक
  9. बवासीर- केला , अंगूर, संतरा, पपीता, पाईनेपल
  10. दांत की तकलीफ़- अंगूर, स्ट्राबेरी
  11. कमर दर्द- तरबूज, नाशपती
  12. मोटापा- नीबू, संतरा, अंगूर, पाईनेपल, पपीता, चुकंदर, गोभी, टमाटर।
  13. गैस- विटामिन “सी”(नीबू, संतरा, अमरूद, पाईनेपल) और एंटी ओक्सेडेंट परिपूर्ण फ़लों(ब्लूबेरी, सेब, स्ट्राबेरी, लाल अंगूर) का सेवन करं।
  14. बुढापा रोकने के उपाय- जामुन, आंवला, अंगूर, टमाटर
  15. दमा- संतरा,नाशपाती
  16. सर्दी, जुकाम- नीबू, संतरा, स्त्राबेरी, पाईनेपल
  17. चेहरे पर कील, मुहासे- आम, अंगूर, संतरा, तरबूज, स्ट्राबेरी
  18. पीलिया- नीबू, नाशपाती, अंगूर, ककडी, पपीता
  19. किडनी विकार- सेवफ़ल,नीबू, संतरा, ककडी
  20. गले के विकार- नीबू, संतरा, पाईनेपल, आलूबुखारा, टमाटर

स्ट्रॉबेरी

कई शोध साबित कर चुके हैं कि स्ट्रॉबेरी, चेरी और ब्लूबेरी जैसे फल कामेच्छा बढ़ाते हैं। वैज्ञानिकों का कहना है हालांकि इनका असर वियाग्रा की तरह फौरन नहीं होता लेकिन ज्यादा मात्रा में खाने पर कुछ घंटों में ये असरदार साबित होते हैं।

अनार

यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया की एक रिसर्च में पाया गया है कि अनार के फायदे वियाग्रा से ज्यादा हो सकते हैं। रोज एक ग्लास अनार का जूस महिलाओं और पुरुषों दोनों में ही दवाई की जगह ले सकता है।

अनानास

अनानास मैंग्नीज का सबसे बढ़िया स्रोत है। मैंग्नीज प्रजनन के लिए जिम्मेदार हॉर्मोन्स को बढ़ाता है। इसकी कमी से गर्भधारण की संभावनाओं पर भी बुरा असर पड़ता है।

मिर्च

लार और मिर्च की वजह से शरीर में उन रसायनों का स्राव होता है जो दिल की धड़कन बढ़ाते हैं। इससे एंडॉर्फीन का स्राव भी बढ़ता है जिससे कामेच्छा बढ़ती है।

चॉकलेट

चॉकलेट और सेक्स को लेकर तो कई कहावतें भी हैं। चॉकलेट में मौजूद कंपाउंड मेथाईजैंथीन शरीर में डोपामीन के स्राव को बढ़ाता है। इससे कामेच्छा प्रभावित होती है।

सेब

एक सेब हर रोज खाने जैसी सलाह तो है ही। इससे महिलाओं और पुरुषों दोनों में ही सेक्स संबंधी हॉर्मोन भी सक्रिय होते हैं। सेब को महिलाओं के यौनजीवन के लिए खास कर फायदेमंद माना जाता है।

शेलफिश (सीपी)

समुद्री खानों में शेलफिश में जस्ता सबसे ज्यादा होता है। जस्ता सेक्स की इच्छा बढ़ाता है। साथ ही इसमें मौजूद अमीनो एसिड, महिलाओं और पुरुषों में टेस्टोस्टेरॉन और प्रोजेस्टेरॉन बढ़ाने के लिए जिम्मेदार होता हैं। ये हॉर्मोन प्रजनन के लिए अहम हैं।

फल खाने के दौरान रखें इन बातों ध्यान।

कौन सा फल खाना है, कौन सा नहीं, इसे समझने के लिए आपको खाए जा रहे फलों के ग्लाइसेमिक इंडेक्स पर नज़र बनाए रखनी चाहिए। जीआई काउंट को समझना किसी फल को खाने या ना खाने का पहला स्टेप है।

फलों को उसके नेचुरल रूप में यानी कच्चा खाना ही सबसे बेहतर तरीक़ा होता है, पैक किए हुए फलों या उसका जूस पीने (भले वह ताज़े ही क्यों ना हो) के मुक़ाबले नेचुरल फल खाना ज़्यादा फ़ायदेमंद है। फल खाने से आपको ज़्यादा फ़ाइबर मिलता है। जबकि उसी फल का जूस या स्मूदी बनाने से उसके ज़्यादातर फ़ाइबर का हिस्सा बर्बाद हो जाता है।

अपने डॉक्टर से बातचीत करते रहें और उनका परामर्श लें। साथ ही अपने ब्लड शुगर लेवल का ट्रैक रिकॉर्ड रखें। आपका डॉक्टर ही आपको बेहतर तरीक़े से बता सकता है कि आपको किसी फल का कितना हिस्सा या भाग खाना चाहिए।

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