जानिए लेमन ग्रास के स्वास्थ्य लाभ और इसके आयुर्वेदिक औषधीय गुण

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लेमन ग्रास काफी भारतीय घरों में उगाई जाती है। लेमन ग्रास में कई रोगों से लड़ने की क्षमता होती है। यह शरीर से विषाक्त पदार्थो को नष्ट करती है और शरीर को स्वच्छ करने में मदद करता है। इसे लेमन ग्रास/चायना ग्रास/भारतीय नींबू घास/मालाबार घास अथवा कोचीन घास भी कहते हैं। इसका वैज्ञानिक नाम सिम्बेपोगोन फ्लक्सुओसस (Cymbopogon flexuosus) है।

कुदरत ने बीमारियों से बचाव के लिए हमें तमाम साधन आसपास ही उपलब्ध करवाए हैं। हालांकि, कई बार हमें इन विकल्पों के बारे में पता नहीं होता है। इन्हीं विकल्पों में से एक है ‘लेमन ग्रास’ जिसका इस्तेमाल ‘लेमन टी’ के तौर पर किया जाता है। यही नहीं ‘लेमन ग्रास’ के पौधों से मच्छर भी दूर भागते हैं।

यूं कहा जा सकता है कि यह पौधा स्वाद और स्वास्थ्य के लिहाज से तो लाभदायक होता ही है मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियों से बचाने में भी सहायक होता है।

इसकी पत्तियां चाय में डालने हेतु उपयोग में लेते हैं। पत्तियों में एक मधुर तिक्षण गंध होती है जो चाय में डालकर उबबलकर पीने से ताजगी के साथ साथ सर्दी आदि से भी राहत देती है। इसकी खेती के लिए डूंगरपुर, बांसवाड़ा व प्रतापगढ़ के कुछ हिस्से उपयुक्त हैं। जहाँ यह प्राकृतिक रूप से पैदा होती है। इसकी विधिवत खेती केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, आसाम, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश एवं राजस्थान राज्यों में होती है

लेमन ग्रास का तेल परफ्यूम, साबुन व क्रीम में भी प्रयुक्त होता है। चीन के लोग सिरदर्द, पेट दर्द आदि के इलाज के लिए इसका प्रयोग करते हैं। यह मुंहासे ठीक करने में भी लाभदायक व ब्लड प्रेशर भी कम करता है। प्राचीन ग्रीक और रोमन लोग इसका प्रयोग सैंट तथा स्वास्थ्यकारक गुणों के कारण करते थे। इसकी पत्तियां चाय में डालकर उबालकर पीने से ताजगी के साथ- साथ सर्दी आदि से भी राहत मिलती है।

लेमन ग्रास के आयुर्वेदिक और औषधीय गुण :-

नींबू की सुगंध लिये लेमन ग्रास में जबरदस्त औषधीय गुण होते हैं। यह घास विटामिन ए और सी, फोलेट, फोलिक एसिड, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, जिंक, कॉपर, आयरन, पोटैशियम, कैल्‍शियम और मैगनीज़ से भरपूर्ण होती है।

बुखार और सर्दी में फायदेमंद : –

इसे चाय के साथ लेना चाहिए, क्योंकि यह बुखार, कफ और सर्दी में फायदा करता है। इसमें प्रतिऑक्सीकारक और विटामिन सी प्रचुर मात्रा में होता है, इसलिए यह शरीर के कुछ मूलभूत तत्वों को संतुलित करता है। ताजे या सूखे दोनों तरह के लेमन ग्रास का प्रयोग किया ज सकता है। इसका तना पत्तेदार प्याज की तरह होता है। जब इसे टुकड़ों में काटा जता है, तब इसकी खट्टी सुगंध फैलती है। इसका फ्लेवर नींबू की तरह होता है। लेमन ग्रास की जगह इसकी छाल का भी प्रयोग किया जा सकता है, पर उसकी सुगंध उतनी ताजी नहीं रहती।

कैंसर से मुक्ति :-

नींबू घास में कैंसर सहित कई बीमारियों से छुटकारा दिलाने वाले गुण होते है। इसमें अद्भुत एंटी-ऑक्सीडेंट गुण होते है। जिसके कारण मानव शरीर में कई गंभीर रोगों के लिए जिम्मेदार अणुओं के स्वरूप में परिवर्तन लाकर उन्हें न सिर्फ स्थिर किया जाता है बल्कि कुछ मामलों में यह रोगाणुओं को अपने में समाहित भी कर लेती है।

पाचन संबंधी बीमारियों से मुक्ति :-

लेमन ग्रास में एंटी-ऑक्सीडेंट गुणों के कारण इसमें बुखार, पेट संबंधी बीमारियों और अर्थराइटिस समेत विभिन्न बीमारियों के अणुओं के घातक स्वरूप को परिवर्तित करने और निष्क्रिय करने की क्षमता विद्यमान होती है। यह फ्री रेडिकल को अपने में समाहित कर स्थिर कर देता है। अपच, कब्ज, दस्त, पेट की सूजन, पेट फूलना, पेट में ऐंठन, उल्टी और ऐंठन इस प्रकार की तरह पाचन संबंधी समस्याओं में सुधार के लिए सहायता करते है।

आयरन का भण्डार :-

लेमन ग्रास आयरन से भरपूर होने के कारण, यह उन लोगों के लिए बहुत उपयोगी होता है जो आयरन की कमी से परेशान  है। साथ ही यह एनिमिया के विभिन्‍न प्रकार में उपयोगी होता है। आयरन हीमोग्लोबिन (पूरे शरीर में ऑक्सीजन ले जाने के लिए जिम्मेदार लाल कोशिकाओं में प्रोटीन) का संश्लेषण करने के लिए आवश्यक होता है।

एंटी इंफ्लेमेंटरी और एंटी-सेप्टिक गुणों से भरपूर :-

एंटी इंफ्लेमेंटरी और एंटी सेप्टिक गुणों के कारण, लेमन ग्रास अर्थराइटिस, गाउट और मूथ पथ की सूजन के इलाज के लिए एक मूल्‍यवान सहायता के रूप में इस्‍तेमाल किया जा सकता है। इसलिए अगर आप इन समस्‍याएं से परेशान हो तो नियमित रूप से लेमन ग्रास के जूस या इससे बनी हर्बल चाय का सेवन करें।

दिमाग को तेज करें :-

अगर आप चाहते हैं कि आपका ब्रेन तेज हो तो लेमन ग्रास का सेवन करें। मैग्नीशियम, फॉस्फोरस और फोलेट तंत्रिका तंत्र की स्वस्थ कार्यप्रणाली के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण पोषक तत्व है। वे एकाग्रता, स्मृति और मस्तिष्क की क्षमता को बेहतर बनाने में मदद करता है।

विषैले तत्‍वों को दूर करें :-

लेमन ग्रास में मौजूद एंटीऑक्‍सीडेंट, एंटीसेप्टिक और मूत्रवर्धक गुणों के कारण यह शरीर के विषैले तत्‍वों को दूर करने वाला एक महत्‍वपूर्ण घटक है। यह लीवर, किडनी, ब्‍लैडर और अग्‍न्‍याशय को साफ करने और रक्त परिसंचरण को बढ़ाने में मदद करता है। और मूत्रवर्धक प्रभाव के कारण यह विषाक्त पदार्थों को बाहर ले जाने में मदद करता है।

बैक्टीरियल संक्रमण से बचाव :-

लेमन ग्रास में मौजूद एंटी सेप्टिक गुणों के कारण यह बैक्‍टीरियल, कवक या खमीर संक्रमण को दूर रखने में मदद करता है। इसके अलावा यह खून को शुद्ध और डिटॉक्‍स करने में भी मदद करता है।

खाँसी से मुक्ति :-

लेमन ग्रास, सोंठ और तुलसी को मिला कर चाय के रूप में काढ़ा पीने से दिव्य पेय तैयार होता है, जो खाँसी, कफ व बलगम को दूर करता है।

अगर आपको इससे कोई फायदा लगे तो इसे शेयर करके औरों को भी बताएं. साथ ही ध्यान रखें कि सभी घरेलु नुस्खे सभी के लिए बराबर कारगर नहीं होते. अपनी तासीर के हिसाब से इनका इस्तेमाल करें. कोई भी दिक्कत हो तो तुरंत वैद्य या चिकित्सक से संपर्क करें.

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