जानिये पेट के कीड़ों को रातोंरात बाहर निकालते हैं ये 7 घरेलु नुस्खे , बीमारी होती है दूर

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पेट में कीड़ो की समस्या बच्चों और बड़ो दोनों को हो सकती है। पेट के कीड़े आपके गैस्ट्रोइंटेस्टिनल ट्रेक्ट आंत के मुख्य दीवारों को संक्रमित करते हैं। दो तरह के कीड़े प्रोटोजोआ और हेलेमिंथ आपको प्रभावित करते हैं। यह सूक्षम परजीवी हैं और वयस्क अवस्था में नग्न आंखों से दिखाई देते हैं। यह कीड़े दूषित आहार, पानी और त्वचा के माध्यम से आपके शरीर में प्रवेश करते हैं।

इसके अलावा कुछ अन्य सामान्य कारणों जैसे स्वच्छता में कमी, कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली और अधपका आहार भी पेट में कीड़ों का कारण होता है। कीड़े पेट को संक्रमित कर, पाचन तंत्र के कार्यों को बाधित करते है। हालांकि कीड़ों के प्रकार के अनुसार आप पेट के कीड़ों से छुटकारा पाने के लिए ओवर-द-काउंटर दवा ले सकते हैं। लेकिन घरेलू उपचार भी आपके लिए फायदेमंद हो सकते हैं।

पेट में कीड़ो होने के लक्षण :-

-लक्षण सामान्य रूप से माने जाते हैं जैसे- सोते हुए दांत पीसना,

-बार-बार नाक खुजलाना,

-मल में कीड़े होना,

-शरीर का रंग पीला या काला होना,

 -हल्का-सा बुखार,

-पेट में दर्द, हृदय का दर्द,

 -जी मिचलाना,

-गुदा में खुजली,

-जीभ का सफेद होना,

-गालों पर धब्बे होना, शरीर में सूजन होना,

-मल में जब कीड़े पक्वाशय (पाचन-क्रिया) में मौजूद होते हैं तो कभी-कभी वह खुद गुदा यानी मलद्वार के रास्ते बाहर खुजली के साथ निकलने लगते हैं, लेकिन जब यह अधिक मात्रा में हो जाते हैं तो यह आमाशय (मेदा) में पहुंचकर रोगी की सांस और डकारों में मल की मिलीजुली गंध आना शुरू कर देते हैं।

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पेट में कीड़ो होने के कारण :-

पेट में होने वाले कीड़ों के अनेक कारण पाये जाते हैं। जैसे-

-मैदा खाने से

-अधपका या कच्चा खाना, गोश्त (मांस) खाने से

-मक्खियों द्वारा दूषित संक्रमित आहार या दूषित पानी पीने से

-साफ़ सफाई न रखने से

-कमजोर Immune System के कारण होते है बच्चो के पेट में कीड़े

-बाहर के खाने का अत्यधिक सेवन करने से

-गंदे हाथो से खाना खाने से

-शौच के बाद हाथो को ठीक से साफ़ न करने से

-परिश्रम न करना और दिन में सोना

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पेट के कीड़ों से छुटकारा दिलाये घरेलू उपाय :-

विषाक्त पदार्थों को दूर करें नीम :-

नीम पेट के कीड़े के लिए एक और प्रभावी प्राकृतिक उपचार है। इसमें मौजूद एंटी-परासिटिक गुण कीड़े को हटाने के साथ-साथ विषाक्त पदार्थों से छुटकारा पाने में भी मदद करते हैं। नीम की पत्तियों को पीसकर उसका पेस्ट बना लें। और पेट के कीड़ों से छुटकारा पाने के लिए एक आधा चम्मच पेस्ट को पानी के साथ हर सुबह एक सप्ताह तक खाली पेट ले।

कद्दू के बीजों का कमाल :-

कद्दू के बीज में विटामिन, मिनरल, अमीनो एसिड, कार्बोहाइड्रेट और फैटी एसिड मौजूद होते हैं। ये राउंड वर्म और थ्रैड वर्म के लिए प्राकृतिक उपचार के रूप में काम करते हैं। गोल कीड़ों से छुटकारा पाने के लिए अपने पसंद के फ्रूट जूस में कद्दू के बीज के पाउडर को मिलाकर पीये। या आप कीड़ों की समस्‍या को दूर करने के लिए सोया दूध में कद्दू के बीज और प्‍याज को मिलाकर भी ले सकते हैं।

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एंटी-बैक्‍टीरियल गुणों से भरपूर लहसुन :-

लहसुन राउंड वर्म, हुक वर्म, थ्रैड वर्म और टेप वर्म जैसे पेट के कीड़ों से लड़ने का एक और असरकार उपाय है। कीड़े पेट को संक्रमित कर, पाचन तंत्र के कार्यों को बाधित करते है। लेकिन लहसुन में मौजूद एंटी-बैक्‍टीरियल, एंटी-फंगल और एंटी-सेप्टिक गुणों के कारण आप कीड़ों की समस्‍या से आसानी से छुटकारा पा सकते हैं। कीड़ों की समस्‍या होने पर एक सप्‍ताह नियमित रूप से हर रोज कच्‍चे लहसुन को खाली पेट खाये या एक कप दूध में लहसुन की दो कली को मिलाकर अच्‍छे से उबालकर, उसे थोड़ा सा ठंडा करके पीये।

थीमोल तत्‍व से भरपूर अजावइन :-

अजवाइन का भी पेट के कीड़ों को दूर करने के लिए इस्‍तेमाल किया जा सकता है। अजवाइन में मौजूद थीमोल नामक तत्‍व में पेट के अवांछित कीड़ों के विकास को रोकने की क्षमता होती है। आयुर्वेंद में तो पेट के कीड़ों के इलाज के लिए अजवाइन के साथ गुड खाने की सलाह दी जाती हैं। समस्‍या होने पर खाली पेट सुबह थोड़े सा गुड़ खाकर, आंधे घंटे प्र‍तीक्षा करें। फिर ए‍क गिलास पानी के साथ आधा चम्‍मच अजवाइन खाये। कीड़े की समस्‍या पूरी तरह दूर होने तक इस उपाय को दिन में एक बार दो सप्‍ताह तक करें।

बीटा-कैरोटीन से समृद्ध गाजर :-

गाजर बीटा-कैरोटीन की उच्‍च मात्रा के कारण जाना जाता है, साथ ही यह विटामिन ए का भी अग्रदूत माना जाता है। इसके अलावा यह पेट के कीड़ों से छुटकारा पाने के लिए इस्‍तेमाल किया जा सकता है। गाजर में विटामिन सी और जिंक की मौजूदगी प्रतिरक्षा प्रणाली को समर्थन देती है। और एक मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली कीड़ों से अधिक कुशलता के साथ लड़ सकती है। पेट की कीड़ों से छुटकारा पाने के लिए आप नियमित रूप से हर सुबह खाली पेट गाजर का जूस लें।

उत्कृष्ट प्राकृतिक उपचार हल्दी :-

हल्दी पेट के कीड़े के लिए एक और उत्कृष्ट प्राकृतिक उपचार है। यह आंतरिक एंटी-सेप्टिक की तरह काम करती है और इसमें मौजूद एंटी-माइक्रोबीयल गुण पेट के कीड़ों को मारने में मदद करते है। इसके अलावा हल्‍दी सूजन, अत्यधिक गैस, उल्टी और पेट में दर्द के लक्षण को दूर करने में मदद करती है। कीड़ों की समस्‍या से बचने के लिए कच्चे हल्दी के रस में चुटकी नमक मिलाकर खाली पेट सुबह पीने से लाभ मिलता है।

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लौंग का जादू :-

लौंग अपने एंटी-सेप्टिक, एंटी-बैक्‍टीरियल और एंटी परसिटिक गुणों के कारण जाना जाता है, जो प्रभावी ढंग से शरीर के अंदर कीड़ों को मारने में मदद करता है। कीड़ों की समस्‍या से बचने के लिए एक कप गर्म पानी में लौंग के पाउडर की एक चम्‍मच मिलाकर, कुछ मिनट के लिए ऐसे ही छोड़ दें। फिर इस मिश्रण पी लें। पेट के कीड़ों से बचने के लिए इस मिश्रण का एक सप्‍ताह तक सेवन करें।

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