पपीते का सेवन करते समय इन बातों का ध्यान रखें नहीं तो बन सकता है जानलेवा

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पपीता बड़ा ही पौष्टिक फल है। इसका स्वाद भी बेहद बढ़िया है। अगर फ्रूट चाट की बात की जाये और उसमें पपीता न हो, ऐसा बेहद ही कम होता है।ज़्यादातर सभी लोग पपीता खाना पसंद करते हैं। इसका कारण न सिर्फ इसमें भरे सेहत के गुण बल्कि शरीर को होने वाले बेमिसाल फायदे हैं।लेकिन स्वाद स्वाद में ज्यादा पपीता खाया कहीं आपके लिए परेशानी का सबब न बन जाये, इस बात का ध्यान रखना भी बेहद ज़रूरी है।

चाहे आप सलाद में खाएं या फिर जूस के रूप में, पपीता सेहत के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। यह लो कैलरी फ्रूट कई तरह के स्‍वास्‍थ्‍य लाभ देता है।

डीके पब्लिशिंग की किताब हीलिंग फूड्स के मुताबिक, पपीते को उसके यह जीवाणुरोधी गुण के लिए जाना जाता है, यह पाचन क्षमता को बढ़ावा देता है।

इस फल के लगभग हर हिस्से का उपयोग किया जा सकता है। यह एंटीऑक्सीडेंट कैरोटीनोइड जैसे कि बीटा-कैरोटीन का एक अच्छा स्रोत है। बीटा-कैरोटीन हमारी नजर की रक्षा करता है।

इसके अलावा, पपीते के पत्तों को डेंगू बुखार में भी काफी प्रभावी होते हैं। पपीता लंबे समय से मीट टेंडरिज़र के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है। फाइबर से भरपूर पपीता कब्ज जैसी समस्‍याओं से भी छुटकारा दिलाता है।

जहां एक ओर नारंगी रंग का यह फल अपने कई गुणों के लिए जाना जाता है वहीं अगर इसे अधिक मात्रा में खाया जाए तो इसके साइड इफेक्‍ट भी होते हैं। इस ऑलराउंडर फ्रूट के कुछ महत्वपूर्ण दुष्प्रभाव भी हैं, जिन्‍हें जानना आपके लिए जरूरी है।

जी हाँ, आपने बिलकुल ठीक पढ़ा। जहाँ इस फल को खाने के इतने फायदे हैं, वही इससे नुक्सान भी बड़ा हो सकता है। अति तो हर चीज़ की बुरी है।

आपको बता देते हैं कि ज्यादा खाया पपीता किस तरह से नुकसानदायक हो सकता है और किसे यह खाना चाहिए और किसे नहीं।

आइये जानते हैं इसके नुकसान –

गर्भवती महिलाओं के लिए है हानिकारक

ज्यादातर हेल्‍थ एक्सपर्ट गर्भवती महिलाओं को पपीता खाने से बचने की सलाह देते हैं, क्योंकि पपीते के बीज और जड़ भ्रूण को नुकसान पहुंचा सकते हैं। पपीते में लेटेक्स की हाई मात्रा होती है जो गर्भाशय सिकुड़न का कारण बन सकती है। पपीते में मौजूद पपेन शरीर की उस झिल्ली को नुकसान पहुंचा सकता है जो भ्रूण के विकास के लिए आवश्यक है।

जन्मदोष

पपीते में एक एंजाइम पपाइन होता है। यह बच्चे के लिए जहरीला साबि‍त हो सकता है और इससे बच्चे को जन्मदोष भी हो सकता है। इसलिए ब्रेस्टफीडिंग के दौरान और बच्चे के जन्म से लेकर बच्चा होने तक पपीता से दूर रहना ही एक बेहतर विकल्प होगा।

कम हो सकता है ब्‍लड शुगर

पपीता ब्‍लड शुगर के लेवल को कम कर सकता है, जो डायबिटीज रोगियों के लिए खतरनाक हो सकता है। ऐसे में अगर आप मधुमेह के रोगी हैं, तो डॉक्टर से परामर्श करना हमेशा सर्वोत्तम रहेगा।

एलर्जी होने की है संभावना

पपीते में मौजूद पपेन से एलर्जी होने की संभावना होती है। इसके अधिक सेवन से रिएक्‍शन के तौर पर सूजन, चक्कर आना, सिरदर्द, चकत्ते और खुजली जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं।

हो सकता है श्वसन विकार

पपीता में मौजूद एंजाइम पपेन को संभावित एलर्जी भी कहा जाता है। अत्यधिक मात्रा में पपीते का सेवन अस्थमा, कंजेशन और जोर जोर से सांस लेना जैसी विभिन्न श्वसन संबंधी विकार पैदा कर सकता है।

ब्लडप्रेशर रोगियों के लिए नुकसान दायक है पपीता

पपीता बीपी रोगियों के लिए नुकसान दायक साबित हो सकता है। इसलिए यदि आप बीपी को कंट्रोल करने के लिए दवा ले रहे हैं  तो पपीता खाना आपके लिए खतरनाक हो सकता है।

फर्टीलिटी पर होता है इसका असर

पुरुषों में यह शुक्राणुओं की संख्या को कम कर सकता है और शुक्राणु की गतिशीलता को भी प्रभावित करता है।

पाचन मुद्दों का कारण बन सकता है

पपीते में भारी मात्रा में फाइबर पाया जाता है। कब्‍ज होने पर ये आपको फायदा दे सकता है। लेकिन ये आपका पेट खराब भी कर सकता है। इसके अलावा, पपीते की बाहरी त्वचा में लेटेक्स होता है, जो पेट को अपसेट कर सकता है और पेट दर्द का कारण भी बन सकता है।

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