जानिए कैसे फलों और सब्जियों को अधिक समय तक ताज़ा व सुरक्षित रखने के घरेलू तरीके

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कई बार जब हम फ्रिज खोलते हैं तो सड़े हुई फल और सब्जियां दिखाई पड़ती हैं जिनसे खराब बदबू भी आती है। इसके लिए हम सब्जीवाले को या हमने जहां से फल और सब्जी खरीदी है उन्हें जिम्मेदार ठहराते हैं। लेकिन सब्जियों और फलों के खराब होने के लिए हवा, नमी, लाइट, तापमान और माइक्रोबियल ग्रोथ जिम्मेदार है। इसलिए हम आपको बता रहे हैं कि आपको फलों और सब्जियों को कैसे रखना चाहिए ताकि वे जल्दी खराब न हों।

फल सब्जी ख़राब होने से बचाने के लिए हमें इनकी प्रकृति के बारे में जानकारी होनी चाहिए । एक ख़राब फल उसके आसपास के फलों को ख़राब कर सकता है। कभी ताजा सब्जी जल्दी मुरझा जाती है। ऐसा क्यों ,आइये जानते है।

फलों में से पकने के साथ प्राकृतिक रूप से एथिलीन नामक गैस निकलती है। यह गैस एक प्रकार का हार्मोन होता है जिसके कारण फल में कई बदलाव होते हैं जैसे फल का नरम होना , स्वाद बदलना , रंग बदलना आदि।

कुछ फलों में एथिलीन गैस नहीं बनती लेकिन इससे उनके पकने पर कोई प्रभाव नहीं होता।  एथिलीन गैस के कारण फल नर्म और मीठे हो जाते है यानि यह फल के पकने का प्राकृतिक तरीका है। एथिलीन गैस का उपयोग फलों को पकाने के लिए व्यावसायिक स्तर पर भी किया जाता है।

अधिक पकने के बाद इसी गैस के कारण फल ख़राब होना शुरू हो जाता है। फल में चोट लगने या बीमारी के कारण भी यह गैस बन सकती में। यह एक गंध रहित , स्वाद रहित और हानि रहित गैस होती है।

कुछ फल अधिक मात्रा में एथिलीन गैस छोड़ते हैं और कुछ कम। फल की अपेक्षा सब्जी कम मात्रा में यह गैस छोड़ती हैं। कुछ फल व सब्जी को इस गैस से अधिक नुकसान पहुंचता है और कुछ को बहुत कम।

जब अधिक गैस छोड़ने वाले फल को इस गैस से नुकसान पहुँचने वाले फल सब्जी के पास रख देते हैं , तो वह फल या सब्जी बहुत जल्दी ख़राब हो जाते हैं।

एथलीन गैस के प्रभाव के कारण सेब नरम हो जाता है , फूल मुरझा जाते हैं , पत्तेदार सब्जी मुरझा जाती है या पत्ते पीले हो जाते हैं , बैंगन पर धब्बे पड़ जाते हैं , खीरा ककड़ी पक कर पीली हो जाती है। यदि ऐसा हो रहा है तो चेक कर लें कि वहां ज्यादा एथिलीन छोड़ने वाला फल तो नहीं है।

ज्यादा एथिलीन छोड़ने वाले फल आगे बताये गए हैं।

फल सब्जी जल्दी ख़राब होने से बचाने के तरीके

कुछ फल अधिक या पर्याप्त मात्रा में एथिलीन गैस छोड़ते हैं अतः इनका विशेष ध्यान रखना चाहिए। ये फल हैं –सेब , अमरुद , आम , पपीता , केले , नाशपाती , पकी हुई कीवी , लाल टमाटर , आड़ू  आदि

कुछ फल सब्जी एथिलीन गैस नहीं छोड़ते , लेकिन इस गैस के कारण इन्हे बहुत नुकसान पहुंचता है। वे ये हैं –

चुकंदर , पत्ता गोभी , गाजर , फूलगोभी , बैंगन , मटर , मशरूम , अनार , आलू , काशीफल , तरबूज आदि

कुछ फल सब्जी एथिलीन गैस नहीं छोड़ते जैसे –

नारियल , अनार , मक्का , लहसुन , अदरक , प्याज , हरी मिर्च , शिमला मिर्च आदि

इन्हे गैस छोड़ने वाले फलों से दूर रखना चाहिए –

केले , पत्ता गोभी , गाजर , फूलगोभी , खीरा ककड़ी , बैगन , पत्तेदार सब्जी , मटर ,  मिर्च , शकरकंद , तरबूज आदि।

फल सब्जी फ्रिज में रखने चाहिए। कम तापमान में एथिलीन गैस का असर कम होता है। इसलिए फल सब्जी फ्रिज में जल्दी ख़राब नहीं होते। फ्रिज में नमी कम होने के कारण भी फल सब्जी पर असर हो सकता है।

एथिलीन गैस से नुकसान होने वाले फल सब्जी को अलग रखना चाहिए अन्यथा दूसरे फल सब्जी उन्हें जल्दी ख़राब कर सकते हैं। हालाँकि यह तापमान , गैस की मात्रा और कितने समय तक संपर्क रहा इस पर भी निर्भर करता है।

फल और सब्जी दोनों को अलग अलग रखना चाहिए। क्योंकि फल अधिक मात्रा में गैस छोड़ते हैं जो सब्जियों को ख़राब कर सकते हैं।

विशेषकर पत्तेदार सब्जी को फल के साथ कभी नहीं रखना चाहिए। सेब , केले , खरबूजा , नाशपाती , टमाटर , आदि को पत्तागोभी , फूल गोभी , पत्तेदार सब्जी , पालक , हरा धनिया , हरी मेथी आदि से दूर रखना चाहिए क्योकि ये पत्तेदार सब्जी एथिलीन गैस की वजह से जल्दी ख़राब हो जाती हैं।

पके हुए फलों को एथिलीन छोड़ने वाले फल से दूर रखना चाहिए ताकि वे तेजी से अधिक पककर ख़राब ना हों।

आलू और प्याज को साथ नहीं रखना चाहिए वर्ना जल्दी ख़राब हो जाते हैं। हालाँकि एथिलीन गैस इसका कारण नहीं होता। यह गलतफहमी बहुत लोगों को हे की आलू प्याज साथ में रखने पर ख़राब होने का कारण एथिलीन गैस होती है। आलू और प्याज एथिलीन गैस नहीं छोड़ते। आलू पर इस गैस का असर जरूर होता है।

अधिक पके हुए फल बाकि फलों से अलग कर देने चाहिए ताकि बचे हुए फल जल्दी ख़राब ना हों।

आलू और सेब साथ में रखने से आलू के अंकुर निकलने की प्रक्रिया रूक जाती है। इसका प्रयोग आलू के बड़े स्टोर्स में भी किया जाता है।

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