जानिये दाद और दाग ठीक करने और चश्मा हटाने, का नि:शुल्क घरेलू उपाय

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आयुर्वेद के अनुसार 80% ऐसे रोग होते है जिनका इलाज व्यक्ति स्वयं ही कर सकता है। बस जरूरत है तो आयुर्वेद के नियमो को जानने की। क्या आपने कभी सोचा है? जानवर अपना घाव चाटते क्यों है। लार दुनियाँ की सबसे अच्छी ओषधि है। इसमे औषधीय गुण बहुत अधिक है। किसी चोट पर लार लगाने से वह ठीक हो जाती है। जानवर सब घाव चाट-चाट कर ही ठीक कर लेते है।

लार पैदा करने का काम एक लाख ग्रन्थियां मिलकर करती है। आयुर्वेद के अनुसार ये इतना कीमती है कि जब कफ बहुत बढ़ा हुआ हो तभी आप थूक सकते है अन्यथा लार कभी नही थूकना चाहिए।इस उपाय का उपयोग करने के लिए रात्रि में सोने से पहले दातों को साफ करके सोएँ और फिर सुबह उठकर बिना कुल्ला किये बिना थूके प्रयोग करे।

ये मुह की लार हमारे शरीर की सर्वोत्तम अमृत तुल्य औषिधि है। जो केसा भी चश्मा हो उसको उतारने का गुण रखती है केसा भी दाद हो उसको ठीक करने का गन रखती है, लार बाज़ार में नही मिलती यह सभी के मुँह में भगवान ने उपहार स्वरुप दी है। आइये जाने लार क्या क्या कर सकती है।

जिनको भी चाहे कितने भी नंबर के मोटे चश्मे लगे हो वे भाई बहन सुबह उठकर पानी का कुल्ला किये बिना जो लार रात भर में इकट्ठी हुई वो आखों में काजल या गुलाब जल की तरह लगानी है यह आप रात को सोते समय और सुबह 5 बजे उठकर बेड पर लगाये ताकि मुँह 1-2 घंटे बाद धोये तो लार का अपना काम कर सके।

यकीन मानिये यह प्रयोग अद्भुत चमत्कारिक है श्री राजीव भाई जी दीक्षित कहते है की कैसा भी चश्मा हो उतरने के 100% आसार रहते है लेकिन आपको प्रयोग तब तक जारी रखना पड़ेगा जब तक आपके चश्मे का नंबर धीरे धीरे कम होकर शून्य हो जाये परिणाम 100% मिलेगा लेकिन कुछ वक़्त लगेगा और लार का कोई साइड इफ़ेक्ट नही है लार से तो आँखों की रौशनी (6/6) भी बढ़ती है।

मुंह की लार यानी सेहत का खजाना

जी हां, मुंह की लार एंटीसेप्टिक होती है। वह रोगों की सबसे अच्‍छी दवा हैं, जो आपको फ्री में मिलती हैं। जिसके असंतुलन के कारण ही आज व्यक्ति कई रोगों से ग्रस्त है। जबकि किसी भी स्वस्थ व्यक्ति के मुंह में प्रतिदिन 1000 से 1500 मिलीलीटर लार बनती है जो मुंह में मौजूद कैविटी, हानिकारक बैक्टीरिया और बारीक भोजन के कणों को साफ करने में मदद करती है।

लार में ‘सलाइवा पैरोटिड ग्लैंड हार्मोन’ (एसपीजीएच) पाया जाता है जो त्वचा से उम्र के प्रभावों को कम करते है और आप लंबे समय तक युवा दिख सकते हैं। साथ ही लार में लाइसोजाइम नामक एंटी-बैक्टीरियल तत्व और इम्यून प्रोटीन ‘ए’ होते हैं जो मसूढ़ों और गले को कई प्रकार के हनिकारक इंफेक्‍शन से बचाते हैं। आइए जानें फ्री में मिलने वाली यह दवा हमारे लिए कैसे फायदेमंद हैं।

लार के अन्य फ़ायदे

जिन लोगों के जलने से शरीर के किसी भी भाग में कोई दाग हो और नही जा रहा हो वे इसी लार की मालिश करें दाग त्वचा के रंग का होने लगेगा।

डायबिटीज के रोगियों को जहाँ चोट लगी है वहां सुबह की लार लगाये घाव भरने लगेगा।

यदि किसी भाई बहन के आखों के नीचे काले घेरे हो गये हैं । वो सुबह मे मुह की लार से मालिश करें धीरे धीरे, तो ये काले घेरे ठीक हो जायेंगे लेकिन प्रयोग 1-2 महीने करना पड़ेगा।

जिन लोगों के दाद हो गये हैं वे भी इस लार को प्रतिदिन सुबह उठते ही बिना कुल्ला किये रात भर की इकट्ठी मूंह की लार लगाये दाद देखते ही देखते छूमंतर हो जायेगा।

ऐसी कई बीमारी का इलाज है ये मुह की लार आइये जानते है मुँह की लार में होता क्या है?

मुँह की लार में टायलिन नामक एंजाइम होता है जो हमारी पाचन क्रिया को बढाता है और जो मित्र गुटखा खाते हैं या थूकते रहते हैं धीरे धीरे ये लार बनना बंद हो जाती है और मुँह के कैंसर होने की संभावना बढ़ जाती है। इस लार का PH मान 8.3 होता है।

आप ये सभी सुबह जो टूथपेस्ट करते हो वो करना बंद करे क्योकि इससे लार को हम थूक देते हैं।इसके स्थान पर नीम या बबूल की दातुन करे। ये दातुन करने से लार सर्वाधिक लार बनती है और जिससे दातुन किया उस भाग को काट कर निकाल दे और पानी मे भिगोकर रखें अगले दिन फिर उसी दातुन के अगले हिस्से को प्रयोग में ले सकते है।

ध्यान दें :- इस लेख में दी गई जानकारियां आयुर्वेदिक रिसर्च पर आधारित हैं। हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णत सत्य और सटीक हैं, इन्‍हें प्रयोग और इस्तेमाल करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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