अगर आप भी कटहल को पसंद नहीं करते तो एक बार इसके बेहतरीन फायदे जरुर जान लें

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कटहल की सब्जी के शौकीनों की कमी नहीं है। ये अलग बात है कि कहीं इसका सेवन बड़ा गुणकारी माना जाता है वहीं कुछ लोग इसे देखना तक पसंद नहीं करते। चाहे इसका उपयोग सब्जी में हो, अचार में या फिर पकौड़े बताकर, इसके बेशकीमती गुणों से इंकार नहीं किया जा सकता।

कटहल फल है या सब्‍जी इसे लेकर लोगों में मतभेद है। कोई इसे फल मानता है तो कोई इसे सब्‍जी कहता है। लेकिन कटहल कई औषधीय गुणों से भरपूर है। कटहल का वानस्पतिक नाम आर्टोकार्पस हेटेरोफिल्लस है। कटहल में कई पौष्टिक तत्‍व पाए जाते हैं जैसे, विटामिन A, C, थाइमिन, पोटैशियम, कैल्‍शियम, राइबोफ्लेविन, आयरन, नियासिन और जिंक। यही नहीं इसमें खूब सारा फाइबर भी पाया जाता है। हालांकि इसके बावजूद ज्‍यादातर लोग कटहल को नॉन वेज का सबसे बढिया वेज ऑप्‍शन मानते हैं। लेकिन यहां हम आपको कटहल में मौजूद पोषक तत्‍वों और उनसे मिलने  वाले 10 ऐसे फायदों के बारे में बता रहे हैं, जिन्‍हें जानने के बाद आप कटहल को पहले से भी ज्‍यादा पसंद करने लगेंगे ।

दिल को रखे सेहतमंद

इसमें बिल्‍कुल भी कैलोरी नहीं होती है। पके हुए कटहल के पल्प को अच्छी तरह से मैश करके पानी में उबाला जाए और इस मिश्रण को ठंडा कर एक गिलास पीने से ताजगी आती है, यह दिल के रोगियों के लिये उपयोगी माना जाता है। कटहल में पोटैशियम पाया जाता है जो कि दिल की हर समस्‍या को दूर करता है क्‍योंकि यह ब्‍लड प्रेशर को कम कर देता है।

बढ़ाए ब्‍लड सर्कुलेशन

कटहल काफी रेशेदार होता है और इसमें भरपूर मात्रा में आयरन पाया जाता है। यह एनीमिया दूर करता है। शरीर में ब्‍लड सर्कुलेशन बढ़ाता है।

रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाये  

इसमें विटामिन सी और ए पाया जाता है अत: रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में इसका कोई सानी नहीं है। यहां तक कि यह बैक्‍टेरियल और वाइरल इंफेक्‍शन से बचाता है।

सही रहेगा डाइजेशन

कटहल अल्‍सर और पाचन संबंधी समस्‍या को दूर करता है। कब्‍ज की समस्‍या को दूर करने में भी यह बहुत फायदेमंद है। कटहल की पत्तियों की राख अल्सर के इलाज के लिए बहुत उपयोगी होती है। हरी ताजा पत्तियों को साफ धोकर सुखा लें। सूखने के बाद पत्तियों का चूरन तैयार करें। पेट के अल्सर से ग्रस्त व्यक्ति को इस चूरन को खिलाएं। अल्सर में बहुत जल्दी आराम मिलेगा।

दूर भगाए अस्‍थमा, थायराइड और इंफेक्‍शन

कटहल की जड़ अस्‍थमा के रोगियों के लिए लाभदायक मानी जाती है। इसकी जड़ को पानी के साथ उबाल कर बचा हुआ पानी छान कर लेने से अस्‍थमा को कंट्रोल किया जा सकता है। थायराइड के लिए भी कटहल उत्तम है। इसमें मौजूद सूक्ष्म खनिज और कॉपर थायराइड चयापचय के लिये प्रभावशाली होता है। यहां तक कि  यह बैक्‍टेरियल और वाइरल इंफेक्‍शन से भी बचाता है।

बढ़ाए हड्डियों की मजबूती और शरीर की इम्‍यूनिटी

हड्डियों के लिए कटहल बहुत गुणकारी होता है। इसमें मौजूद मैग्‍नीशियम हड्डी में मजबूती लाता है और ऑस्‍टियोपोरोसिस की समस्‍या से बचाता है। यही नहीं इसमें विटामिन C और A पाया जाता है। यही वजह है कि शरीर की इम्‍यूनिटी बढ़ाने में इसका कोई सानी नहीं है।

जोड़ों के दर्द में रामबाण

कटहल के छिलकों से निकलने वाला दूध अगर सूजन, घाव और कटे-फटे अंगों पर लगाया जाए तो आराम मिलता है। इसी दूध से जोड़ों पर मालिश की जाए तो जोड़ों के दर्द से राहत मिलती है।

मुंह के छालों में असरदार

जिन लोगों को मुंह में बार-बार छाले होने की शिकायत हो, उन्हें कटहल की कच्ची पत्तियों को चबाकर थूकना चाहिए। यह छालों को ठीक कर देता है। इसमें पाए जाने वाले कई खनिज हार्मोन्स को भी नियंत्रित करते हैं।

मिलेगी ताजगी और बढ़ेगी आंखों की रोशनी

पके हुए कटहल के पल्प को अच्छी तरह से मैश करके पानी में उबालकर पीने से ताजगी आती है। कटहल में विटामिन ए पाया जाता है जिससे आंखों की रोशनी बढ़ती है और त्वचा निखरती है।

दमकेगा चेहरा

कटहल के बीज का चूरन बना कर उसमें थोड़ा शहद मिलाकर चेहरे पर लगाने से चेहरा साफ हो जाता है और दाग-धब्बे मिट जाते हैं। जिन लोगों की चेहरा रुखा और बेजान होता है उन लोगों को कटहल का रस अपने चेहरे पर लगाना चाहिए। इसकी मसाज तब तक करे जब तक यह सूख न जाए फिर थोड़ी देर के बाद अपना चेहरा पानी के साथ धो लें।

झुर्रियों से मिलेगा छुटकारा

झुर्रियों से निजात पाने के लिए कटहल का पेस्ट बना कर और उसमें एक चम्मच दूध मिलाकर धीरे धीरे चेहरे पर लगाना चाहिए। फिर गुलाब जल या ठंडे पानी से चेहरा साफ कर लें। नियमित रूप से ऐसा करने से चेहरेरों की झूर्रियों से छुटकारा मिल जाता है।

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