जानिए रोटी को हमेशा गोल और फूली हुई कैसे बनाये और अधिक समय तक नरम मुलायम कैसे रखें

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सबसे पहले मैं आपको ये बताना चाहूँगा की जब भी आप खाना बनाने के लिए जाय तो गुस्से को त्याग कर ही खाना बनाये,चाहे आप के गुस्सा का कारण जो भी हो,क्योंकि गुस्से में बनाया हुआ खाना कभी भी स्वादिस्ट नहीं बन सकता। और यदि आप प्यार से खाना बनाते हो तो हमेशा ही अच्छा बनेगा।

रोटी जिसे फुल्का या चपाती भी कहते हैं हमारे खाने का मुख्य भाग हैं। सब्जी या दाल कोई सी भी हो, रोटी के साथ लगाकर ही खाई जाती है। रोटी के बिना खाना अधूरा ही होता है।

अधिकतर गेहूं की रोटी का ही उपयोग किया जाता है। कभी कभी बाजरे की रोटी , मक्का की Roti , ज्वार की Roti या Missi Roti भी बदलाव के लिए खाई जाती है।

गेहूं के आटे से बनी गोल , नर्म और फूली हुई रोटी की बात ही कुछ और होती है। जिसे अच्छी चपाती बनानी आती है उसे रसोई कार्य में दक्ष माना जाता है। थोड़ी सी प्रेक्टिस से गोल , नर्म और फूली हुई चपाती आप भी बना सकते हैं।

यहाँ गेहूं के आटे से गोल और फूली हुई नर्म चपाती कैसे बनाये यह बताया गया है। इसे पढ़कर अच्छी चपाती बनायें और अन्य लोगों को भी खिलाएं।

स्वादिस्ट और नर्म रोटी बनाने के लिए आटा कैसे गूंथें

सबसे पहले एक चोड़े बर्तन ( परात या तसला ) में गेंहू का आटा , आटा छानने वाली चलनी से छान लें।

इसमें नमक मिला दें . यदि आप बिना नमक की रोटी पसंद करते हैं तो नमक नहीं डालें।

अब आटे के बीच गड्डा बनाकर थोड़ा सा पानी डालें। अगल बगल से आटा पानी में डालकर इस तरह मिलायें कि आपके हाथ पानी में न जाएँ सिर्फ सूखे आटे पर ही लगें। जब पानी मिल जाये तब थोड़ा पानी और डालें फिर मेश करें।

अभी आटा थोड़ा सख्त होगा अब थोड़ा थोड़ा पानी छिड़कते जाये व आटे को हाथ से मेश करते जाएँ। धीरे धीरे आटा पूरी तरह गूँथ जायेगा और आटा बर्तन या हाथ में चिपकेगा नहीं।  इस आटे से बनी चपातियाँ नर्म होंगी।

इस तरह थोड़ा थोडा पानी डालकर ही आटा लगाएँ। एक साथ ज्यादा पानी डालने से आटे में पानी अधिक भी हो सकता है और हाथ में चिपकता भी ज्यादा है।  गुंथा हुआ आटा इतना नर्म होना चाहिए कि उसे अंगुली से दबाएँ तो आसानी से दब जाये। ताकत नहीं लगानी पड़े इससे रोटी भी आसानी से बिलेंगी।

अब आटे पर आधा चम्मच घी लगाकर पंद्रह बीस मिनिट के लिए ढ़ककर रख दें। इससे आटे की ऊपरी परत सूखेगी नहीं और सभी रोटियां अच्छी बनेंगी।

नर्म और गोल रोटी बेलने का तरीका

रोटी बेलने के लिए सबसे पहले वापस गुंथे हुए आटे को दो तीन बार मेश कर लें।

एक चौड़े बर्तन या थाली में सूखा आटा अलग से निकाल लें।  यह सूखा आटा दो तीन बार रोटी पर लगाकर रोटी बेली जाती है। इस सूखे आटे को पलोथन palothan कहते हैं।

हाथ में हल्का सा सूखा आटा लगाकर गुंथे हुए आटे से एक छोटा टुकड़ा निकालें।  इस टुकड़े को लोई loi कहते हैं। इस लोई को दोनों हाथो के बीच दबाते हुए घुमाते हुए गोल कर लें। इसे सूखे आटे पर रखकर घुमा दें। लोई के चारों तरफ सूखे आटे की एक परत लग जानी चाहिए।

अब इस लोई को चकले पर रखकर हल्का सा दबा दें। इस अवस्था में यह गोल रहना चाहिये।

अब बेलन से एक बार थोड़ा बेलें फिर लोई को 90 डिग्री से घुमा कर दुबारा थोड़ा बेलें। इसे थोड़ा थोड़ा बेलते हुए और उठा कर घुमा कर रखते हुए बड़ा करते जायें। कोशिश करें कि इसका शेप गोल रहे।

थोड़ी बड़ी होने के बाद इसे एक बार फिर से सूखे आटे पर रखें फिर पलट दें। दोनों तरफ सूखा आटा लगाने के बाद इसे चकले पर रखकर बेलें। यदि यह बेलन या चकले पर चिपक रही है तो सूखा आटा दोनों तरफ फिर से लगा लें। आटा बहुत ज्यादा नर्म लगे तो थोड़ा सूखा आटा मिलाकर मेश कर लें। फिर चपाती बेलें।

बेलन को रोटी पर इस तरह चलायें की चपाती बड़ी और गोल बनती जाये। सब जगह से रोटी की मोटाई एक जैसी होनी चाहिये , खासकर किनारे मोटे नहीं होने चाहिए। कोशिश करें की बेलन से रोटी अपने आप घूम जाये इसके लिए बेलन का दबाव रोटी के बीच की बजाय थोडा किनारे की तरफ रखना चाहिए। प्रेक्टिस होने पर तीन चार बार बेलन चलाने से चपाती घूमती हुई बड़ी और गोल बन जाती है।

शुरू में छोटी छोटी चपाती बनाये अभ्यास होने के बाद आप पतली बड़ी गोल गोल रोटियां बना पाएंगे।

चपाती बेलने के बाद इसे तवे पर डालकर सेकेंगे।

अब जानिए रोटी तवे पर सेकने का सही तरीका

तवा गर्म होने के बाद गैस धीमा करे व धीरे से रोटी तवे पर डाल दें। रोटी को तवे पर इस तरह डालें की उसमे सलवटे नहीं पड़ें।

जब Roti हल्की सी सिक जाए तब इसे पलट दें। अब गैस तेज कर दें।

रोटी को थोड़ी देर बाद उठाकर उसी साइड से वापस तवे पर रख दे इस तरह रोटी को सही तापमान मिलता है और वो जलती नहीं हैं।

अब वापस रोटी को उठाकर देखे रोटी पूरी सिकने पर रोटी को तवे से चिमटे की मदद से उठा लें। तवा साइड में रख दें। रोटी को सीधे गैस पर चिमटे की सहायता से डाल दें। रोटी फूल जाएगी।

इसे चिमटे से पकड़कर अच्छे से सेक लें फिर उतार कर प्लेट में रख लें।

अब इस पर ऊपर की तरफ आधा चम्मच देसी घी लगाकर गरमा गर्म सर्व करें।

रोटी अच्छी बनाने के टिप्स और अधिक समय तक नर्म रखने के तरीके

गेहूं का आटा बज़ार से तैयार पिसा हुआ या घर की चक्की का पिसा हुआ ले सकते हैं। इसे आटे की चलनी से छान लेना चाहिए अन्यथा कभी कभी गेहूं के दाने आ जाते हैं जो चपाती ख़राब कर सकते हैं।

छानने से निकले गेहूं के छिलके चौकर कहलाते हैं। ये फायदेमंद होते है लेकिन बिना छने हुए आटे से रोटियॉँ मोटी बनानी पड़ती है। पतली Roti बनाने के लिए आटा छना हुआ ही काम में लें।

यदि आटा सख्त लगा हुआ होगा तो Roti नर्म और मुलायम नहीं बनेगी।

Roti बेलने के बाद उसे तुरंत तवे पर डाल दें। चकले पर बिली हुई चपाती ज्यादा देर रखी रहने से चपाती की सिकाई सही तरीके से नहीं हो पाती।

तवे पर डालते समय पलोथन ( सूखा आटा ) Roti पर बहुत ज्यादा लगा हुआ नहीं होना चाहिए।

Roti तवे पर डालने पर उसमे सल नहीं बनने चाहिए वर्ना रोटी फूलती नहीं है तथा सिकाई अच्छी नहीं हो पाती है।

यदि बहुत धीमी आँच पर Roti सेंकते है तो रोटियां नरम नहीं बनती हैं । अतः रोटियां सेंकते समय फ्लेम ज्यादा व कम करते रहना चाहिए। शुरू में एक दो Roti के बाद रोटी बेलने , आंच और सिकाई का एक फ्लो बन जाना चाहिए। एक बार किसी को चपाती बनाते हुए देख लेने से तरीका स्पष्ट हो जाता है।

तवे पर सूखा आटा ज्यादा दिखाई दे तो एक साफ कपड़े से तवा साफ करके Chapati डालें।

रोटियों को ज्यादा नरम बनाना हो तो Roti के आटे में थोड़ा सा दही या दूध मिलकर आटा लगाए।

रोटी को देर तक मुलायम और गर्म बनाये रखने के लिए उन्हें कैसरोल में कपड़े में लपेट कर रखें। हो सके तो पहले कैसरोल में गर्म पानी भरकर दस मिनट रखें फिर पानी निकाल दें और कैसरोल को पोंछ कर उसमे रोटियां कपड़े में लपेटकर रखें।

रोटियों के ऊपर एक अदरक का टुकड़ा रखकर कैसरोल में रखने से भी रोटियां नरम रहती हैं।

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