जानिये ! ककड़ी के स्वादिस्ट औषधीय गुण और स्वास्थ्य लाभ

484

ऐसा माना जाता है कि ककड़ी की उत्पत्ति भारत में हुई थी। इसकी खेती की रीति बिलकुल तोरई के समान है, केवल इसके खेती के समय में अंतर है। यदि भूमि पूर्वी ज़िलों में हो, जहाँ शरद ऋतु अधिक कड़ी नहीं होती, तो अक्टूबर के मध्य में बीज बोए जा सकते हैं, नहीं तो इसे जनवरी में बोना चाहिए। ऐसे स्थानों में जहाँ सर्दी अधिक पड़ती हैं, इसे फ़रवरी और मार्च के महीनों में लगाना चाहिए।

ककड़ी, खीरा की ही एक प्रजाति है जो हरे रंग की और खीरे की अपेक्षा अधिक लम्बी व पतली होती है। ककड़ी को छिलके समेत कच्ची ही खाई जाती है। ककड़ी की बेल (लता) होती है जो खेतों में लगाई जाती है। इसकी खेती लगभग हर मौसम में की जाती है परन्तु गर्मी के मौसम में पैदा होने वाली ककड़ी सबसे अच्छी होती है। ककड़ी आसानी से हजम होती है और पाचनशक्ति को बढ़ाती है।

ककड़ी के स्वास्थ्यवर्धक गुण :-

-ककड़ी भूख को बढ़ाती है और मन को शांत करती है।

-इसके सेवन से दस्त रोग में लाभ मिलता है।

-यह गर्मी को शांत करती और बेहोशी को दूर करती है।

-पकी ककड़ी का उपयोग करने से गर्मी शांत होती है एवं पाचनशक्ति बढ़ती (अग्निवर्द्धक) है। यह पित्त से उत्पन्न दोषों को दूर करती है।

-इसका सेवन अधिक मात्रा में करने से वातज्वर और कफ पैदा हो सकता है।

जानिये किन रोगों के उपचार में ककड़ी खाने के फायदे :-

पेशाब की जलन :-

-ककड़ी और नींबू का रस निकालकर थोड़ा-सा जीरा व चीनी मिलाकर पीने से पेशाब की जलन दूर होती है।

-ककड़ी को पानी में उबालकर और छानकर पीने से पेशाब की जलन दूर होती है। इसके सेवन से पेशाब में धातु आना भी बंद हो जाता है।

इसे भी पढ़े : गजब की औषधि है छुईमुई (लाजवंती) जाने कैसे करती है रोगों को छु-मंतर

मूत्राशय की गर्मी :-

मूत्राशय की गर्मी को दूर करने के लिए ककड़ी के बीज 10 ग्राम व सुराखार एक ग्राम को आधा लीटर दूध और आधा लीटर पानी में मिलाकर पीना चाहिए। इसके सेवन से मूत्राशय की गर्मी दूर होती है और मूत्र सम्बंधी अन्य रोग भी ठीक होते हैं। यह पेय खड़े-खड़े ही पीना चाहिए और चलते-फिरते रहना चाहिए।

पेशाब की पथरी :-

ककड़ी के बीज को कबूतर के बीट में पीसकर चावल के माण्ड के साथ सेवन करने से मूत्राशय की पथरी गलकर निकल जाती है।

पायरिया :-

पायरिया रोग से पीड़ित रोगी को ककड़ी खाना चाहिए और इसका रस पीना चाहिए। इसका सेवन लगातर कुछ दिनों तक करते रहने से पायरिया रोग ठीक होता है।

इसे भी पढ़े : सावधान ! सुबह खाली पेट ये चीजें खाना हैं जहर के समान, ध्यान रखें

सफेद प्रदर :-

ककड़ी के बीज 10 ग्राम और सफेद कमल की कलियां 10 ग्राम इन दोनों को पीस लें और इसमें जीरा व चीनी मिलाकर 1 सप्ताह तक सेवन करने से स्त्रियों का श्वेत प्रदर (ल्यूकोरिया) रोग मिटता है।

मूत्राघात :-

मूत्राघात रोग से पीड़ित रोगी का उपचार करने के लिए ककड़ी के बीज 10 ग्राम और सेंधानमक 10 ग्राम को पीसकर कांजी मिलाकर पीना चाहिए। इससे मूत्राघात रोग समाप्त होता है।

गुर्दे के रोग :-

गुर्दे के रोग से पीड़ित रोगी को गाजर, ककड़ी व शलगम का रस निकालकर पीना चाहिए। इसका सेवन कुछ दिनों तक करते रहने से गुर्दे सम्बंधी सभी रोग ठीक होते हैं।

उच्च रक्तचाप (हाई ब्लडप्रेशर) :-

उच्च रक्तचाप के रोग से पीड़ित रोगी को गर्मी के मौसम में ककड़ी का रस निकालकर 2 चम्मच की मात्रा में प्रतिदिन पीना चाहिए।

चेहरे के कील-मुंहासे :-

चेहरे पर कील-मुंहासे होने पर ककड़ी का रस निकालकर पीना चाहिए। ककड़ी का रस रोजाना पीने से तांबे के रंग के दाग-धब्बे व मुंहासे आदि दूर होते हैं और चेहरा साफ होता है।

इसे भी पढ़े : जानिये आयुर्वेद की इन चुनिंदा जड़ी-बूटियों में छिपा है हर बीमारी का इलाज

 बाल बढ़ाना :-

ककड़ी में सिलिकन और सल्फर अधिक मात्रा में होने के कारण यह बालों के लिए बहुत लाभकारी होती है। इसका सेवन प्रतिदिन करने से बाल काले व लंबे होते हैं। ककड़ी का रस निकालकर उस रस से बालों को धोने से भी बाल काल व घने होते हैं। ककड़ी, गाजर और पालक को मिलाकर जूस बनाकर पीने से बाल बढ़ते हैं। इस प्रयोग से बाल गिरना भी बंद हो जाता है।

आंखों के नीचे काला घेरा :-

आंखों के नीचे काला घेरा शरीर में खून की कमी या ज्यादा तनाव के कारण होता हैं। ऐसे में खीरे और ककड़ी के दो टुकड़े आंखों पर रखकर लेटने से आंखों को ठंडक मिलती है और काला घेरा मिटता है।

खांसी :-

खांसी रोगी से पीड़ित रोगी को ककड़ी के पत्ते को जलाकर इसका राख 3 से 6 ग्राम की मात्रा में सुबह-शाम गुड़ के साथ सेवन करना चाहिए। इसके सेवन से खांसी दूर होती है और गले में अटका हुआ कफ निकल जाता है। इससे श्वासनली की रुकावट दूर होती है।

उच्च रक्तचाप (हाई ब्लडप्रेशर) :-

उच्च रक्तचाप के रोग से पीड़ित रोगी को गर्मी के मौसम में ककड़ी का रस निकालकर 2 चम्मच की मात्रा में प्रतिदिन पीना चाहिए।

इसे भी पढ़े : जानिए केसर (Saffron) का आयुर्वेद में महत्त्व और इसके अद्भुत स्वास्थ्य लाभ

 शराब का नशा उतारना :-

शराब के नशे में दुत व्यक्ति को ककड़ी खिलाने से नशा उतर जाता है।

अधिक जानकारी के लिए देखे विडियो :-

अगर आपको ये पोस्ट अच्छी लगी तो जन-जागरण के लिए इसे अपने Facebook पर शेयर करें

ऐसी ही और बातों के लिए like करें हमारे पेज Such Khu को।

और ऐसे ही अन्य स्वास्थ्य सम्बन्धी जानकारी के लिए निचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें और गुरूप ज्वाइन करें।

जुडें हमारे फेसबुक ग्रुप से क्लिक करें आयुर्वेदिक देशी नुस्खे।


Warning: A non-numeric value encountered in /home/khabarna/public_html/suchkhu.com/wp-content/themes/Newspaper/includes/wp_booster/td_block.php on line 352