जानिए गर्मियों में होने वाली कॉमन एलर्जी और उनसे बचने के आयुर्वेदिक व घरेलू उपाय

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झुलसा देने वाली गर्मियां आ चुकी हैं और इस मौसम में आंखों से पानी आने, जलन होने और छींकने वाली एलर्जी जनित समस्याएं सिर उठाने लगती हैं। एलर्जी नाक बंद करने के अलावा नाक और गले में कफ भी पैदा कर देते हैं। गर्मियों के मौसम हमारे शरीर का वास्ता अनेक तरह के एलर्जी कारक तत्वों से पड़ता है। जब कोई व्यक्ति इन एलर्जेन्स के सम्पर्क में आता है, तब शरीर हिस्टामाइन्स नामक रसायन उत्पन्न करता है, जिससे एलर्जी की समस्या उत्पन्न होती है।

हर नया मौसम अपने साथ अंदरूनी और बाहरी वातावरण में  काफी बदलाव लाता है। और इसके  सहज मायने हैं,  हर व्यक्ति के अपने आसपास के माहौल में बदलाव और व्यक्तिगत संवेदना के हिसाब से; कोई भी मौसम ‘एलर्जी का मौसम’ हो सकता है। अगर आपको लगता है कि गर्मियों में ही आप  एलर्जी से ज्यादा परेशान रहते हैं, आइए, जानते हैं इस मौसम में होने वाली सामान्य एलर्जी के बारे में और उनसे बचने के उपाय –

तो आइये जानते है गर्मियों में अक्सर किस प्रकार की एलर्जी हो जाती है

गर्मियों में आंखों से पानी आना, आंखों में जलन, जुकाम की समस्या का कई लोगों को सामना करना पड़ता है। इस मौसम में नाक व गले की एलर्जी भी ज्यादा होती है।

गर्मियों के मौसम में मक्खी व मच्छर की तादाद बहुत ज्यादा बढ़ जाती है और उनके काटने से मलेरिया, डायरिया जैसी बीमारी होना भी एक कॉमन समस्या है।

इस मौसम में पाचन संबंधी समस्या भी आम है, साथ ही फूड पॉइजनिंग भी जल्दी होने की आशंका रहती है।

गर्मियों में थकान और अधिक पसीने की वजह से डिहाइड्रेशन की शिकायत भी सामान्य है। इसके अलावा गर्मियों में सिर दर्द होना, नाक की बजाय मुंह से सांस लेना, कान बंद होना, गले में खराश होना और नींद कम आना भी आम बात है।

अगर आपको ऐसी कोई भी समस्या ज्यादा दिनों तक परेशान करें तो डॉक्टर से परामर्श जरूर करें। हालांकि किसी तरह की कोई एलर्जी व समस्या न हो, इसके लिए आप कुछ एहतियात भी बरतें। आइए, जानते हैं उन्हीं के बारे में –

घर के खिड़की व दरवाजे बंद रखें, ताकि कम से कम धूल अंदर आए।

बेडशीट व टॉवल को हर हफ्ते धोएं।

गर्मी में मिल्क प्रॉडक्ट्स खाने से बचें। दरअसल, गर्मी में दूध से बने प्रॉडक्ट्स जल्दी खराब होते हैं और इनसे एलर्जी भी जल्दी होती है।

जब स्विमिंग करें, तो कान में कॉटन लगा लें।

इस मौसम में बाहर का खाने से बचें और पेट्स को भी अपने से थोड़ा दूर रख पाए तो बेहतर है।

सोने से पहले अपने बाल धोइए

एक टेलिविज़न स्क्रीन की तरह बालों में भी एक तरह की चुम्बकीय विद्युत् शक्ति होती है जो कि दिन भर धूल के सूक्ष्म कणों को आकर्षित करके अपने आप में  जकड लेती है। और यह खासकर गर्मियों में ही होता है जब हम ज़्यादातर बाहर रहते हैं। जब आप बिना बाल धोये और बिना नहाये ही बिस्तर में घुस जाते हैं, तो एलर्जी पैदा करने वाले वे सूक्ष्म कण जो दिन भर में आपके बालों में जकड लिए गए थे, आपके तकिये और चादरों पर अपना स्थान बना लेते हैं और वहां से  वहां से आपकी आँखों और नाक में समाने लगते हैं।

ये एलेर्जन्स आपके शरीर में न समां जाएँ इससे रोकने के लिए आप बस सोने से पहले अपने बाल धोइए और नहाइए। और हाँ, सिंथेटिक कपड़ों के बदले आप सूती और लिनेन के कपड़ों का प्रयोग करें क्योंकि सूती और लिनेन उतने सूक्ष्म कण आकर्षित नहीं करते जितने की सिंथेटिक कपडे।

इस समय के दौरान बाहर घूमने से बचिए

गर्मियों के महीनों में सुबह 10 और दोपहर 4 बजे के बीच गर्मी अपनी चरम सीमा पर होती है, जो कि  घास फूस  से पैदा होनेवाला पराग और सूक्ष्म कणों के लिए  उत्कृष्ट वातावरण पैदा करती है, और खासकर जब धूल की आंधी चल रही हो कोई छोटा सा तूफान आकर चला गया हो।

वातावरण से होनेवाली एलर्जी से बचने के लिए, ऊपर दिए गए समय के दौरान आप भीतर रहने की कोशिश कीजिये, और बाहर का मज़ा सुबह सुबह या फिर दिन के 4-5 बजे के बाद उठाइए।

एलर्जी पैदा करने वाले आहार से बचिए

वैज्ञानिकों की एक खोज के अनुसार कुछ तरह के खान पान और एलर्जी बढ़ने के बीच गहरा सम्बन्ध होता है। जो लोग बाहरी  वातावरण से हो रही एलर्जी से पहले ही परेशान रहते हैं उनमे गलतखाना खाने से जो एलर्जी पैदा होती है उसे क्रॉस रेअक्टिविटी कहते हैं। उदहारण के तौर पर, अगर आपको  घास फूस के पराग से एलर्जी है तो मुमकिन है कि आपको उन  प्रोटीन युक्त खान पानों  से भी परहेज़ हो जैसे कि आल़ू और रसीले डंठलों वाली सब्जियां इत्यादि,  जिनकी वजह से वही घास फूस के पराग से होनेवाली एलर्जी जैसे लक्षण पैदा हो सकते हैं।

दूसरी तरह की एलर्जी से पीड़ितों के लिए, जिन्हें कि रैगवीड से परहेज़ है, गर्मी के दिनों में प्रचलित आहारों का, जैसे कि तरबूज, खरबूजे और केलों का सेवन करने  से आपकी एलर्जी के लक्षण गंभीर रूप धारण कर सकते हैं। अगर आपको लगता है कुछ खान पानों का सेवन करने से आपकी एलर्जी प्रतिक्रियों और लक्षणों में बढ़ोतरी हुई है तो वे आहार  आप कम से कम २ हफ़्तों तक खाना छोड़ दें, ताकि वे आपके शरीर के अन्दर से एकदम साफ़ हो जाएँ।

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