खून को साफ़ करने की सबसे बेहतरीन औषधि है आंवला और जानिए इसके अनेक आयुर्वेदिक फायदे

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आंवला काफी फायदेमंद साबित होता है। आंवले में कई विटामिन मौजूद होते है इसमें संतरे से बीस गुना ज्यादा विटामिन सी होता है। रोज 2 चम्मच आंवला का जूस पीने से कई बीमारियां दूर होती है ।

आंवला बहुत गुणकारी होता है इसीलिए आयुर्वेद में आंवले को जो सम्मान हासिल है वह किसी दूसरे फल, को नहीं मिलता। आंवला Vitamin C , गैलिक एसिड, एंटी ऑक्सीडेंट, शर्करा तथा कैल्शियम का अच्छा स्रोत है। आंवले के रस में संतरे और नींबू से कहीं ज्यादा विटामिन सी और संक्रमण से लड़ने के लिए जरुरी एंटीसेप्टिक होता है. आंवले को आप चटनी, मुरब्बा या आचार, किसी भी रूप में खाइए, ये आपके लिए बहुत लाभकारी रहेगा.

आज आपको आंवला का जूस पीने से होने वाले अनेक फायदों के बारे में जानकारी दे रहे है।

सेहत के ख़ज़ाने यानि आंवले के फायदे

एक आंवले में 4 संतरे और 8 टमाटर या 4 केले के बराबर Vitamin C मिलता है। इसलिए यह शरीर की रोगों से लड़ने की शक्ति को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण होता है। Vitamin C की गोलियों की अपेक्षा आंवले को प्राकर्तिक रूप में लेने से Vitamin C आसानी से पच जाता है।

आंवला Vitamin C की गोलियाँ और जुकाम की दवाइयाँ बनाने में काम आता है। आंवला ठण्डी प्रकृति का है। आँवले की विशेषता यह है कि सूखने पर भी इसके गुण नष्ट नहीं होते। आप हरा या सूखा किसी भी रूप में आंवला खाकर इसके समान गुण प्राप्त कर सकते हैं।

इसमें फाइबर, प्रोटीन और विटामिन्स की मात्रा होती है। इसके रस में शहद मिलाकर पीने से अस्थमा का असर कम होता है। यह खून को भी साफ़ करता है।

यूरिन: आंवला का जूस पीने से यूरिन की सभी तरह की समस्या दूर होती है क्योंकि इसमें डाइयूरेटिक गुण काफी मात्रा में मौजूद होते है।

मधुमेह: अगर आपको डाइबिटिज की समस्या है तो आंवले के जूस में शहद और हल्दी मिलाकर पीने से आराम मिलेगा ।

आंवला अमीनो अम्ल का उत्पादन करता है और जख्मों को शीघ्र भरने में मदद करता है। यह नेचुरल बेहतरीन एंटी ऑक्सीडेंट भी होता है जो संक्रमण से लड़ने में सहायक है |

आंवला में पाये जाने वाले कार्बोहाइड्रेट्स में मुख्य है रेशादार “पेक्टिन”। यह रक्त वाहिनियों (Blood Vessels ) के विकारों को ठीक करने में सक्षम है।

आँवले में विद्यमान विभिन्न रसायन बीमार और जीर्ण कोशिकाओं के पुनर्निर्माण में अपना अच्छा योगदान देते हैं।

आँवला मधुरता व शीतलता के कारण पित्त (Bile) को शान्त करता है। आंवला पित्त नाशक होने के कारण रक्त पित्त, शीत पित्त, अम्ल पित्त आदि पित्त-प्रधान रोगों के लिए प्रभावकारी औषधि है।

आँवले में Vitamin C सर्वाधिक होता है। मनुष्य को प्रतिदिन 50 मिलीग्राम Vitamin C की आवश्यकता होती है जो 6 Ounce आंवला के रस में मिल जाती है।

आंवला का मुरब्बा ताकत देने वाला होता है। बालों, त्वचा, पेट और आँखों की सेहत के लिए आंवले का मुरब्बा खाना चाहिए ।

यह शरीर और दिमाग को ठंडक प्रदान करता है और शरीर की गर्मी को शांत करता है।

दो चम्मच पिसा आंवला दो कप पानी में उबालकर, पानी छानकर पीने से भूख तेज लगती है, भोजन का स्वाद अच्छा लगता है।

आंवले से रक्त शुद्ध होता है, रक्त-संचार ठीक होता है, पेट भी ठीक रहता है।

गर्मी से बचाव के लिए आंवले का शर्बत पीना चाहिए और इससे शरीर की खुश्की भी दूर होती है जिस से बार-बार प्यास भी नहीं लगती तथा गर्मी के रोगों से बचाव होता है।

आंवले को किसी भी प्रकार से प्रयोग करते रहें, तो स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। संतुलित भोजन लेने के बाद भी कुछ जरुरी विटामिन नहीं मिल पाते है उसकी भरपाई आंवले से हो जाती है |

पिसा हुआ आँवला दो चम्मच, देशी घी एक चम्मच, शहद तीन चम्मच मिलाकर नियमित कुछ सप्ताह खाने से शरीर में नवजीवन का संचार होता है।

च्यवनप्राश आंवला से ही बनता है, यह थकान, आँखों, पेट और मस्तिष्क की कमजोरी दूर करता है।

आंवला शक्ति का भण्डार है। इसे हमेशा किसी-न-किसी रूप में लेते रहें। प्रतिदिन उपयोग के लिए कुछ विधियाँ नीचे बताई जा रही हैं|

सब्जी में आंवला खटाई के लिए अमचूर या इमली की जगह आंवले का प्रयोग करें।

आंवले की चटनी बनाकर खायें। इसके रस में शहद मिलाकर शर्बत की तरह पियें।

आंवले का अचार, मुरब्बा बनाकर खायें।

आंवले को उबालकर स्वाद की दृष्टि से चीनी या अपने मनपसंद मसाले डालकर खायें।

Amla Energy Booster recipe /आंवले का शक्ति वर्धक टानिक -पिसा हुआ आंवला एक चम्मच, दो चम्मच शहद में मिलाकर खाएं, ऊपर से दूध पियें। इससे सदा स्वास्थ्य अच्छा रहता है। दिनभर प्रसन्नता का अनुभव होता है। जो लोग स्वस्थ रहना चाहते हैं, उन्हें इस प्रकार आंवला का रस रोजाना पीना चाहिए।

अच्छे आंवले की गुणवत्ता की पहचान जो आंवला आकार में बड़ा होता हो, गूदे में रेशा नहीं हो, बेदाग और हल्की-सी | लाली लिए हुए हो, वह आंवला सबसे अच्छा होती है। आंवला सर्दी की ऋतु में ताजा मिलता है। नवम्बर से मार्च तक आंवला ताजा मिलता रहता है।

जनवरी-फरवरी में आंवला अपने पौष्टिक तत्वों से भरपूर होता है। इसी समय आंवला का मुरब्बा, अचार, जैम आदि बनायें। आंवला मोटा और बिना दाग वाला ही इस्तमाल करें ।

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